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दुकानदार रहे हड़ताल पर, दवाईयों के लिए दर-दर भटकते रहे मरीज
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 31 May 2017 09:38 AM IST
सार
9 lakh chemists across India on strike today
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Chemist Association strike
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विस्तार
केमिस्ट एसोसिएशन की हड़ताल से कई मरीज दवाई के लिए तरस गए। पीजीआई में आने वाले मरीजों को न तो संस्थान के अंदर दुकानों से दवा मिली और न ही बाहर दुकानों से। दूर-दराज से आए कई मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा। मंगलवार को कई मुद्दों को लेकर केमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर चंडीगढ़ की लगभग सभी दवाओं की दुकानें बंद रहीं। हालांकि अस्पताल के अंदर की दुकानें खुली थीं, लेकिन इसके बावजूद मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
यमुनानगर से आए विष्णु शर्मा ने बताया कि उन्हें ट्यूमर है। उन्हें ट्यूमर वैक्सीन चाहिए थी। पीजीआई की सभी दुकानों की खाक छान ली, लेकिन वैक्सीन नहीं मिली। सेक्टर-11 स्थित दुकानों से वैक्सीन मिल जाती थी। मंगलवार को दुकानें बंद होने के कारण वहां से भी नहीं मिली। अब उन्हें दोबारा से चंडीगढ़ आना पड़ेगा।
पंचकूला से आए ओम प्रकाश ने बताया कि उनके मरीज श्यामलाल को कैंसर है। पीजीआई में चेक किया, लेकिन दवा वहां भी नहीं मिली। कुछ इसी तरह की परेशानियों का सामना संगरूर से आए गुरमीत सिंह को करना पड़ा। गुरमीत को छाती में दर्द की शिकायत थी। उसे पीजीआई में दवा नहीं मिली। बठिंडा के काला सिंह का कहना था कि उनकी बहन को न्यूरो की बीमारी है। पीजीआई के डॉक्टरों ने जो दवाएं लिखी हैं, वे उन्हें पीजीआई के अंदर नहीं मिलीं। सेक्टर-11 स्थित साईं मेडिकोज से दवाइयां मिल जाती थीं। अब उन्हें बठिंडा से दोबारा से आना पड़ेगा।
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यमुनानगर से आए विष्णु शर्मा ने बताया कि उन्हें ट्यूमर है। उन्हें ट्यूमर वैक्सीन चाहिए थी। पीजीआई की सभी दुकानों की खाक छान ली, लेकिन वैक्सीन नहीं मिली। सेक्टर-11 स्थित दुकानों से वैक्सीन मिल जाती थी। मंगलवार को दुकानें बंद होने के कारण वहां से भी नहीं मिली। अब उन्हें दोबारा से चंडीगढ़ आना पड़ेगा।
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पंचकूला से आए ओम प्रकाश ने बताया कि उनके मरीज श्यामलाल को कैंसर है। पीजीआई में चेक किया, लेकिन दवा वहां भी नहीं मिली। कुछ इसी तरह की परेशानियों का सामना संगरूर से आए गुरमीत सिंह को करना पड़ा। गुरमीत को छाती में दर्द की शिकायत थी। उसे पीजीआई में दवा नहीं मिली। बठिंडा के काला सिंह का कहना था कि उनकी बहन को न्यूरो की बीमारी है। पीजीआई के डॉक्टरों ने जो दवाएं लिखी हैं, वे उन्हें पीजीआई के अंदर नहीं मिलीं। सेक्टर-11 स्थित साईं मेडिकोज से दवाइयां मिल जाती थीं। अब उन्हें बठिंडा से दोबारा से आना पड़ेगा।
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जीरकपुर में खुली रहीं दवा की दुकानें
Chemist Association strike
जिले के दवा दुकानदार रहे हड़ताल पर
जिला केमिस्ट एसोसिएशन की ओर से नई ड्रग नीति के खिलाफ जिला प्रधान हरप्रीत सिंह भाटिया की अगुवाई में हड़ताल की गई। हड़ताल के दौरान मोहाली जिले की दवा की दुकानें और अस्पतालों की दवा की दुकानें बंद रहीं।
इस मौके पर दुकानदारों ने दशहरा मैदान में एकत्र होकर मार्च निकाला और फूड एंड ड्रग विभाग के नाम डीसी को मांग पत्र सौंपा। एसोसिएशन के सचिव अमरदीप सिंह ने बताया कि मांग की गई है कि सरकार जो नए कानून बना रही है वह दुकानदारों के हक में नहीं है। पुलिस द्वारा दुकानों की जो चेकिंग की जाती है उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनकी मांग है कि आनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगनी चाहिए। एसोसिएशन ने बताया कि देश भर में करीब नौ लाख दवा व्यापारी हैं, जिसमें 50 लाख परिवार जुड़े हैं।
जीरकपुर में खुली रहीं दवा की दुकानें
दवा की बिक्री के लिए सरकार की ओर से तय किए गए नियमों के विरोध में देशभर में दवा विक्रेताओं ने हड़ताल की। हडताल की घोषणा आल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (एआईओसीडी) की ओर से की गई थी। इस हड़ताल के कारण विभिन्न स्थानों पर सरकारी अधिकारियों को मांग पत्र भी दिए गए। इस हड़ताल के दौरान जीरकपुर में कुछ दवा की दुकानें पूरे दिन खुली रहीं।
जिला केमिस्ट एसोसिएशन की ओर से नई ड्रग नीति के खिलाफ जिला प्रधान हरप्रीत सिंह भाटिया की अगुवाई में हड़ताल की गई। हड़ताल के दौरान मोहाली जिले की दवा की दुकानें और अस्पतालों की दवा की दुकानें बंद रहीं।
इस मौके पर दुकानदारों ने दशहरा मैदान में एकत्र होकर मार्च निकाला और फूड एंड ड्रग विभाग के नाम डीसी को मांग पत्र सौंपा। एसोसिएशन के सचिव अमरदीप सिंह ने बताया कि मांग की गई है कि सरकार जो नए कानून बना रही है वह दुकानदारों के हक में नहीं है। पुलिस द्वारा दुकानों की जो चेकिंग की जाती है उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनकी मांग है कि आनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगनी चाहिए। एसोसिएशन ने बताया कि देश भर में करीब नौ लाख दवा व्यापारी हैं, जिसमें 50 लाख परिवार जुड़े हैं।
जीरकपुर में खुली रहीं दवा की दुकानें
दवा की बिक्री के लिए सरकार की ओर से तय किए गए नियमों के विरोध में देशभर में दवा विक्रेताओं ने हड़ताल की। हडताल की घोषणा आल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (एआईओसीडी) की ओर से की गई थी। इस हड़ताल के कारण विभिन्न स्थानों पर सरकारी अधिकारियों को मांग पत्र भी दिए गए। इस हड़ताल के दौरान जीरकपुर में कुछ दवा की दुकानें पूरे दिन खुली रहीं।
इसलिए बंद रखी थीं दुकानें
Chemist Association strike
इसलिए बंद रखी थीं दुकानें
केमिस्ट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट विजय आनंद ने बताया कि केंद्र सरकार दवा कारोबारियों का शोषण कर रही है। ड्रग पोर्टल पर दवा निर्माता, सीएनएफ एजेंट, स्टॉकिस्ट को पंजीकरण कराना होगा।
बिना रजिस्ट्रेशन दवा बिक्री की इजाजत नहीं होगी। फुटकर दवा विक्रेताओं को डॉक्टर के पर्चे को वेबसाइट पर अपलोड करना होगा, तभी वह किसी को दवा दे सकेंगे। दवाओं का बिल भी अपलोड करना होगा। थोक कारोबारियों को इनवाइस अपलोड करनी होगी। ये नियम पूरी तरह से औचित्यहीन हैं। सरकार के इन नियमों में कई खामियां हैं।
इसी के विरोध में मंगलवार को दवा व्यापारी सेक्टर-15 में इकट़्ठे हुए। इस मौके पर उपाध्यक्ष अंकुश ग्रोवर, सचिव विनय जैन सहित कई लोग मौजूद रहे। विजय आनंद ने बताया कि उन्हें मरीजों की तकलीफ का दर्द है, लेकिन ये उनके लिए ही किया जा रहा है। जो नियम आ रहे हैं, उससे दवाई खरीदना कंज्यूमर के लिए परेशानी बन जाएगा।
केमिस्ट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट विजय आनंद ने बताया कि केंद्र सरकार दवा कारोबारियों का शोषण कर रही है। ड्रग पोर्टल पर दवा निर्माता, सीएनएफ एजेंट, स्टॉकिस्ट को पंजीकरण कराना होगा।
बिना रजिस्ट्रेशन दवा बिक्री की इजाजत नहीं होगी। फुटकर दवा विक्रेताओं को डॉक्टर के पर्चे को वेबसाइट पर अपलोड करना होगा, तभी वह किसी को दवा दे सकेंगे। दवाओं का बिल भी अपलोड करना होगा। थोक कारोबारियों को इनवाइस अपलोड करनी होगी। ये नियम पूरी तरह से औचित्यहीन हैं। सरकार के इन नियमों में कई खामियां हैं।
इसी के विरोध में मंगलवार को दवा व्यापारी सेक्टर-15 में इकट़्ठे हुए। इस मौके पर उपाध्यक्ष अंकुश ग्रोवर, सचिव विनय जैन सहित कई लोग मौजूद रहे। विजय आनंद ने बताया कि उन्हें मरीजों की तकलीफ का दर्द है, लेकिन ये उनके लिए ही किया जा रहा है। जो नियम आ रहे हैं, उससे दवाई खरीदना कंज्यूमर के लिए परेशानी बन जाएगा।