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विरोध: बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा से आहत हरियाणा की 83 शख्सियत, राष्ट्रपति से की ये मांग
Tue, 01 Jun 2021 12:29 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 01 Jun 2021 12:29 PM IST
सार
राष्ट्रपति से बंगाल हिंसा के आरोपियों पर कार्रवाई और पीड़ितों के पुनर्वास की मांग की। राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में कहा गया कि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने में बंगाल का प्रशासन विफल रहा।
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राज्यपाल को बंगाल हिंसा के विरोध में सौंपा गया ज्ञापन।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा पर हरियाणा के संतों, पदक विजेता खिलाड़ियों और उद्योगपतियों ने कड़ा विरोध जताया है। इस सिलसिले में प्रदेश की 83 शख्सियतों ने सोमवार को राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य को ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रपति से हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ितों के पुनर्वास की मांग की है। राष्ट्रपति के नाम दिए गए ज्ञापन में बंगाल की हिंसा को राजनीति प्रेरित त्रासदी, लोकतंत्र विरोधी और असंवैधानिक घटना बताया है।
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ज्ञापन पर हरियाणा के सभी 22 जिलों से अपने-अपने क्षेत्र में प्रभावी लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। इसमें कहा है कि पश्चिम बंगाल में हिंसा के कारण न केवल लोकतंत्र के आधारभूत सिद्धांत ‘स्वतंत्र चुनाव’ को गहरी चोट पहुंची है, बल्कि स्थानीय प्रशासन नागरिकों के जीवन, संपत्ति व अधिकारों की रक्षा करने के पवित्र दायित्व से विमुख रहा।
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राजभवन पहुंचे भारत सेवा प्रतिष्ठान के श्रीकृष्ण सिंहल, उद्योगपति पवन जिंदल, भारतीय सेना से सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर बेअंत परमार ने कहा कि हरियाणा का समाज बंगाल हिंसा से पीड़ितों के साथ खड़ा है। संकट की इस घड़ी में बंगालवासियों को न्याय दिलाने के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 नियमों के कारण सभी लोग यहां नहीं पहुंच सकें, लेकिन इन सभी ने इस ज्ञापन के माध्यम से अपनी संवेदनाएं और आपत्तियां व्यक्त की हैं।
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ज्ञापन पर प्रदेश से 17 धार्मिक संतों, 10 पदक विजेता खिलाड़ियों, 13 उद्योगपतियों, 14 शिक्षाविदों, 8 सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हस्ताक्षर किए हैं। इसके साथ ही 11 प्रशासनिक, 10 सैन्य, 2 न्यायिक क्षेत्र से सेवानिवृत्त अधिकारियों ने भी विरोध जताया है। ज्ञापन सौंपने वालों में संत विश्वेश्वरानंद गिरी, दयानंद सरस्वती, ज्ञानानंद महाराज, बाबामंशाह ब्रह्मचारी, कुश्ती खिलाड़ी योगेश्वरदत्त, साक्षी मलिक, बबीता फौगाट, मनोज कुमार, जितेंद्र, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी राजपाल सिंह, सेवानिवृत्त आईएएस धर्मवीर आरपी सिंह, सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी गुलशन आहूजा, उद्योगपति निर्मल किंदा, सज्जन जैन, गोपालशरण गर्ग, एचके बत्रा शामिल रहे।