{"_id":"647ded3d63dc6325c90c070c","slug":"81-arrested-in-cyber-fraud-cases-chandigarh-news-c-16-1-pkl1007-157892-2023-06-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: दस महीने में 110 केसों को सुलझाया, एटीएम धोखाधड़ी में 81 आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: दस महीने में 110 केसों को सुलझाया, एटीएम धोखाधड़ी में 81 आरोपी गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- आरोपियों से 17 लाख रुपये, 5 वाहन और 17 चुराए हुए एटीएम कार्ड किए बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। स्टेट क्राइम ब्रांच हरियाणा की एंटी एटीएम फ्रॉड सेल ने एटीएम धोखाधड़ी के मामलों में कार्रवाई करते हुए गत 10 माह के दौरान एटीएम फ्रॉड के 110 अनट्रेस मामलों को सुलझाते हुए धोखाधड़ी में संलिप्त 81 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही 17 लाख रुपये की राशि भी बरामद की है।
पिछले साल अगस्त, 2022 में एटीएम ठगी के बढ़ते मामलों के मद्देनजर हरियाणा पुलिस की स्टेट क्राइम ब्रांच ने प्रदेश के सभी 22 जिलों में एटीएम फ्राॅड इन्वेस्टिगेशन सेल (एएफआईसी) गठित की थी। यह सेल उन केसों की जांच करती है, जिनमें जिला पुलिस की ओर से अनट्रेस रिपोर्ट दी जा चुकी है। स्टेट क्राइम ब्रांच ने अलग-अलग जिलों से हाई वैल्यू 132 अनट्रेस मुकदमे सेल को जांच के लिए सौंपे गए थे। इनमें से 110 अनट्रेस केसों को सुलझाते हुए विभिन्न जिलों की टीमों ने पिछले 10 महीने में ही 81 अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। इसके अलावा आरोपियों से 17 चुराए हुए एटीएम कार्ड भी बरामद किए। पिछले 10 महीने में गिरफ्तार एटीएम ठगों से 5 वाहन भी जब्त किये गए हैं। वहीं, आरोपियों से 3 डिजिटल डिवाइस भी रिकवर हुए हैं। राज्य अपराध शाखा के एडीजीपी ओपी सिंह खुद प्रतिमाह केसों की रिपोर्ट ले रहे हैं।
दोपहर या रात को एटीएम का उपयोग करने से परहेज करें
एडीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि जांच में आया कि यह गैंग मदद करने के बहाने लोगों को जाल में फंसाता है। ऐसे गैंग अक्सर बुजुर्गों, महिलाओं या बच्चों को टारगेट करती है। दोपहर या रात के समय को एटीएम मशीन का उपयोग करने से परहेज करें। बैंक के कस्टमर केयर का नंबर गूगल ना करें और ऑफिशियल वेबसाइट से ही संपर्क करें। अपने कार्ड का उपयोग जिस भी पीओएस पर करें, वहां अपना पासवर्ड डालते वक्त ध्यान दें कि कोई और न देख सके।
विज्ञापन
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 डायल करें
- जैसे ही डेबिट कार्ड बदलने की जानकारी मिले, तुरंत अपने बैंक के टोल फ्री नंबर पर कॉल करके काॅर्ड को ब्लाक करा दें।
- सरल वेबसाइट के माध्यम से भी एफआईआर दर्ज करा सकते हैं।
- साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 पर संपर्क करें।
- cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- ठगी होने पर तुरंत अपने खाते को ब्लॉक करवाएं और नजदीकी थाने से संपर्क करें।
- खाते में किसी गड़बड़ी का शक होने पर बैंक को कॉल कर कार्ड को ब्लॉक कराएं।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। स्टेट क्राइम ब्रांच हरियाणा की एंटी एटीएम फ्रॉड सेल ने एटीएम धोखाधड़ी के मामलों में कार्रवाई करते हुए गत 10 माह के दौरान एटीएम फ्रॉड के 110 अनट्रेस मामलों को सुलझाते हुए धोखाधड़ी में संलिप्त 81 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही 17 लाख रुपये की राशि भी बरामद की है।
पिछले साल अगस्त, 2022 में एटीएम ठगी के बढ़ते मामलों के मद्देनजर हरियाणा पुलिस की स्टेट क्राइम ब्रांच ने प्रदेश के सभी 22 जिलों में एटीएम फ्राॅड इन्वेस्टिगेशन सेल (एएफआईसी) गठित की थी। यह सेल उन केसों की जांच करती है, जिनमें जिला पुलिस की ओर से अनट्रेस रिपोर्ट दी जा चुकी है। स्टेट क्राइम ब्रांच ने अलग-अलग जिलों से हाई वैल्यू 132 अनट्रेस मुकदमे सेल को जांच के लिए सौंपे गए थे। इनमें से 110 अनट्रेस केसों को सुलझाते हुए विभिन्न जिलों की टीमों ने पिछले 10 महीने में ही 81 अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। इसके अलावा आरोपियों से 17 चुराए हुए एटीएम कार्ड भी बरामद किए। पिछले 10 महीने में गिरफ्तार एटीएम ठगों से 5 वाहन भी जब्त किये गए हैं। वहीं, आरोपियों से 3 डिजिटल डिवाइस भी रिकवर हुए हैं। राज्य अपराध शाखा के एडीजीपी ओपी सिंह खुद प्रतिमाह केसों की रिपोर्ट ले रहे हैं।
विज्ञापन
दोपहर या रात को एटीएम का उपयोग करने से परहेज करें
एडीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि जांच में आया कि यह गैंग मदद करने के बहाने लोगों को जाल में फंसाता है। ऐसे गैंग अक्सर बुजुर्गों, महिलाओं या बच्चों को टारगेट करती है। दोपहर या रात के समय को एटीएम मशीन का उपयोग करने से परहेज करें। बैंक के कस्टमर केयर का नंबर गूगल ना करें और ऑफिशियल वेबसाइट से ही संपर्क करें। अपने कार्ड का उपयोग जिस भी पीओएस पर करें, वहां अपना पासवर्ड डालते वक्त ध्यान दें कि कोई और न देख सके।
विज्ञापन
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 डायल करें
- जैसे ही डेबिट कार्ड बदलने की जानकारी मिले, तुरंत अपने बैंक के टोल फ्री नंबर पर कॉल करके काॅर्ड को ब्लाक करा दें।
- सरल वेबसाइट के माध्यम से भी एफआईआर दर्ज करा सकते हैं।
- साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 पर संपर्क करें।
- cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- ठगी होने पर तुरंत अपने खाते को ब्लॉक करवाएं और नजदीकी थाने से संपर्क करें।
- खाते में किसी गड़बड़ी का शक होने पर बैंक को कॉल कर कार्ड को ब्लॉक कराएं।