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पंजाब में 8.5 लाख किसान परिवारों को मिलेगा आयुष्मान भारत सेहत बीमा का लाभ
Mon, 09 Aug 2021 01:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 09 Aug 2021 01:46 AM IST
सार
- राज्य सरकार ने वर्ष 2021-22 के लिए किया फैसला, पोर्टल से कर सकेंगे आवेदन
- जे फार्म और गन्ना तौल पर्ची वाले किसानों को होगा इस फैसले से लाभ
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आयुष्मान भारत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब सरकार ने रविवार को किसानों और उनके परिवार के लिए बड़ा फैसला किया है। वर्ष 2021-22 के लिए 8.50 लाख किसान परिवारों को आयुष्मान भारत बीमा योजना से जोड़ने का निर्णय किया है। जे फार्म और गन्ना तौल पर्ची वाले सभी किसान इस सेहत योजना के लिए आवेदन कर सकेंगे। सरकार ने आवेदन के लिए एक विशेष पोर्टल की शुरुआत की है।
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सरकार के इस फैसले की जानकारी पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन लाल सिंह ने । उन्होंने बताया कि सभी किसानों की समूची बीमा राशि का भुगतान मंडी बोर्ड द्वारा अदा किया जाएगा। किसान पांच लाख रुपये तक नकदी रहित इलाज करवा सकेंगे। इन सभी किसानों और उनके परिवारों को 20 अगस्त, 2021 से सेहत सुविधाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। लाल सिंह ने कहा कि इसमें 7.91 लाख किसान ‘जे’ फॉर्म के साथ मंडी बोर्ड के पास पंजीकृत हैं, जबकि 55000 गन्ना उत्पादक हैं।
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उन्होंने बताया कि बीते वर्ष सरबत सेहत बीमा योजना के तहत पंजीकृत हुए इन 5.01 लाख किसानों को पोर्टल पर फिर से आवेदन करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनको पहले दस्तावेजों के आधार पर अगले वर्ष के लिए सेहत सुविधाओं का लाभ मिलेगा, जबकि बाकी लगभग 3.5 लाख किसान और गन्ना उत्पादकों, जो 1 अक्तूबर, 2020 के बाद ‘जे’ फॉर्म और गन्ना तौल पर्ची के तौर पर पंजीकृत हुए हैं, को सेहत बीमा स्कीम के लिए पोर्टल पर आवेदन करना होगा। लाल सिंह ने कहा कि मार्केट कमेटियों को भी हिदायत दी जा चुकी है कि इसका लाभ लेने के लिए किसी भी तरह की जरूरत पड़ने पर किसानों की मदद करें।
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इन सदस्यों को मिलेगा लाभ
मंडी बोर्ड के सचिव रवि भगत ने बताया कि परिवार के मुखिया के अलावा पति, पत्नी, पिता, माता, अविवाहित बच्चे, तलाकशुदा बेटी और उसके नाबालिग बच्चे, विधवा बहु और उसके नाबालिग बच्चे इस योजना के योग्य माने जाएंगे। योजना के बारे में जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 104 या मंडी बोर्ड की वेबसाइट www.mandiboard.nic.in से हासिल की जा सकती है।
1579 बीमारियों का होगा इलाज
किसान सेहत बीमा योजना में 642 सूचीबद्ध प्राइवेट अस्पतालों और 208 सरकारी अस्पतालों में इलाज करवाया जा सकता है, जहां इनको दिल का आपरेशन, कैंसर का इलाज, जोड़ बदलवाने और दुर्घटना के मामलों जैसे बड़े सर्जिकल इलाज समेत 1579 बीमारियों के इलाज की सुविधा हासिल होगी।