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हेल्थ सर्वे में बड़ा खुलासा, चंडीगढ़ की 76% महिलाएं इस बीमारी से पीड़ित
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 27 Dec 2016 01:09 AM IST
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चंडीगढ़ की 76 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया पीड़ित
- फोटो : File Photo
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चंडीगढ़ की 41.5 महिलाएं ओवरवेट हैं। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2015-16 की रिपोर्ट में यह सामने आया है। इन महिलाओं का बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 25 से ज्यादा मिला है। रिपोर्र्ट के मुताबिक चंडीगढ़ के मुकाबले पंजाब की कम महिलाएं ओवरवेट हैं। पंजाब में कुल 31.3 महिलाएं ओवरवेट हैं। यदि पुरुषों की बात करें तो महिलाओं के मुकाबले पुरुष कम ओवरवेट हैं। चंडीगढ़ के सिर्फ 32 प्रतिशत पुरुष, जबकि पंजाब के 27.8 प्रतिशत पुरुष ओवरवेट हैं।
सर्वे में एक और बात चौंकाने वाली यह है कि चंडीगढ़ की 15-49 उम्र की 76 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया पीड़ित हैं। यही नहीं छह महीने से लेकर तीन साल तक के 73 प्रतिशत नवजात भी एनीमिया पीड़ित हैं। करीब 24.5 प्रतिशत बच्चे अंडरवेट जन्म ले रहे हैं। 50 प्रतिशत ऐसे नवजात हैं, जिनका जन्म लेने के दो दिन बाद हेल्थ चेकअप किया गया। यानी दो दिन तक वे डॉक्टर के संपर्क में नहीं आ पाए।
इसका एक सीधा मतलब यह भी निकलता है कि चंडीगढ़ में एएनएम का नेटवर्क काफी कमजोर है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे शहरों और राज्यों की जनसंख्या, स्वास्थ्य और न्यूट्रीशियन के बारे में एक संकेत देता है। इससे यह भी पता चलता है कि शहर की स्वास्थ्य सेवाएं कितनी प्रभावी हैं और लोगों तक उनकी क्या पहुंच है?
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सर्वे में एक और बात चौंकाने वाली यह है कि चंडीगढ़ की 15-49 उम्र की 76 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया पीड़ित हैं। यही नहीं छह महीने से लेकर तीन साल तक के 73 प्रतिशत नवजात भी एनीमिया पीड़ित हैं। करीब 24.5 प्रतिशत बच्चे अंडरवेट जन्म ले रहे हैं। 50 प्रतिशत ऐसे नवजात हैं, जिनका जन्म लेने के दो दिन बाद हेल्थ चेकअप किया गया। यानी दो दिन तक वे डॉक्टर के संपर्क में नहीं आ पाए।
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इसका एक सीधा मतलब यह भी निकलता है कि चंडीगढ़ में एएनएम का नेटवर्क काफी कमजोर है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे शहरों और राज्यों की जनसंख्या, स्वास्थ्य और न्यूट्रीशियन के बारे में एक संकेत देता है। इससे यह भी पता चलता है कि शहर की स्वास्थ्य सेवाएं कितनी प्रभावी हैं और लोगों तक उनकी क्या पहुंच है?
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नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2015-16 की रिपोर्ट का खुलासा
चंडीगढ़ की 76 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया पीड़ित
- फोटो : Demo Pic
22 प्रतिशत डिलीवरी सीजेरियन
सर्वे के मुताबिक चंडीगढ़ में 22 प्रतिशत डिलीवरी सीजेरियन होती हैं। प्राइवेट में 44 प्रतिशत जबकि सरकारी अस्पताल में 19.5 प्रतिशत सीजेरियन होती हैं। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक विकासशील व विकसित देशों में सीजेरियन की आदर्श स्थिति 10-15 प्रतिशत के बीच होनी चाहिए।
इसलिए ओवरवेट और एनिमिक
जीएमएसएच-16 के मेडिसिन के एचओडी डॉ. गोपाल कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि ओवरवेट के तीन प्रमुख कारण हैं। जंक फूड खाना, एक्सरसाइज न करना और समय पर खाना न खाना। चंडीगढ़ में एक कल्चर बन गया है कि वीकेंड में होटल और रेस्टोरेंट में खाना। जगह-जगह फास्ट फूड सेंटर खुल गए हैं। दफ्तर, कारपोरेट सेक्टर, सोसाइटी और स्टूडेंट सेंटर में समय-समय पर हेल्थ सेमिनार होने जरूरी हैं। एनीमिया के पीछे भी बैलेंस डाइट की कमी और नियमित चेकअप न कराना जैसे प्रमुख कारण हो सकते हैं। बुजुर्ग महिलाएं भी एनिमिया की शिकार होती हैं।
सबसे ऊपर चंडीगढ़
प्रदेश पुरुष महिलाएं
चंडीगढ़ 41.5 32.0
पंजाब 27.8 31.3
हरियाणा 20.0 21.0
तमिलनाडु 28.2 30.9
उत्तराखंड 17.7 20.4
बिहार 12.6 11.7
सर्वे के मुताबिक चंडीगढ़ में 22 प्रतिशत डिलीवरी सीजेरियन होती हैं। प्राइवेट में 44 प्रतिशत जबकि सरकारी अस्पताल में 19.5 प्रतिशत सीजेरियन होती हैं। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक विकासशील व विकसित देशों में सीजेरियन की आदर्श स्थिति 10-15 प्रतिशत के बीच होनी चाहिए।
इसलिए ओवरवेट और एनिमिक
जीएमएसएच-16 के मेडिसिन के एचओडी डॉ. गोपाल कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि ओवरवेट के तीन प्रमुख कारण हैं। जंक फूड खाना, एक्सरसाइज न करना और समय पर खाना न खाना। चंडीगढ़ में एक कल्चर बन गया है कि वीकेंड में होटल और रेस्टोरेंट में खाना। जगह-जगह फास्ट फूड सेंटर खुल गए हैं। दफ्तर, कारपोरेट सेक्टर, सोसाइटी और स्टूडेंट सेंटर में समय-समय पर हेल्थ सेमिनार होने जरूरी हैं। एनीमिया के पीछे भी बैलेंस डाइट की कमी और नियमित चेकअप न कराना जैसे प्रमुख कारण हो सकते हैं। बुजुर्ग महिलाएं भी एनिमिया की शिकार होती हैं।
सबसे ऊपर चंडीगढ़
प्रदेश पुरुष महिलाएं
चंडीगढ़ 41.5 32.0
पंजाब 27.8 31.3
हरियाणा 20.0 21.0
तमिलनाडु 28.2 30.9
उत्तराखंड 17.7 20.4
बिहार 12.6 11.7