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ट्राईसिटी में अमर उजाला की पड़ताल: 70 फीसदी विद्यार्थी ऑनलाइन कक्षाओं के पक्ष में नहीं, ये समस्याएं आ रहीं सामने

Sun, 04 Jul 2021 10:45 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 04 Jul 2021 10:45 AM IST
सार

विशेषज्ञों का कहना है कि ऑफलाइन कक्षा में शिक्षक जो पढ़ाते हैं, वह जल्दी समझ में आता है। शिक्षक पूरी नजर रखते हैं। सवालों के जवाब तुरंत मिल जाते हैं। कक्षा की अन्य गतिविधियों में भी विद्यार्थी हिस्सा लेते हैं। वहीं ऑनलाइन शिक्षा में नेटवर्क व संसाधनों की दिक्कत है। आधे घंटे का काम एक घंटे में होता है। सवालों के जवाब पूरी तरह नहीं मिल पाते। हालांकि संसाधन जिन विद्यार्थियों के पास हैं, वे ऑनलाइन शिक्षा का लाभ उठा रहे हैं।

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70 percent students in Chandigarh Mohali and Panchkula not in favor of online classes
ऑनलाइन कक्षा (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कोरोना काल में स्कूल-कॉलजों के बंद होने के बाद शुरू हुई ऑनलाइन पढ़ाई एक तात्कालिक विकल्प तक ही सिमटकर रह गई है। अभिभावक, शिक्षक और विद्यार्थी इसे दीर्घकालिक नहीं मानते हैं। ज्यादातर का यही कहना है कि कक्षाओं में शिक्षकों के सामने प्रत्यक्ष रूप से पढ़ाई का जो आनंद है, वह मोबाइल पर नहीं। अपनी शंकाओं का कक्षा में तुरंत समाधान करा लेते थे।  

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अन्य गतिविधियों में भी हिस्सा लेते थे। खेल, संगीत और प्रतियोगिताओं में भागीदारी सब छूट गई। हालांकि ऐसा भी नहीं है कि ऑनलाइन शिक्षा को शिक्षकों या विद्यार्थियों ने ग्रहण नहीं किया। तमाम बाधाओं और समस्याओं के बावजूद लगभग दो साल से यह जारी है। ट्राइसिटी में अमर उजाला की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि लगभग 70 फीसदी विद्यार्थी कक्षाओं में जाकर पढ़ाई करना चाहते हैं, वहीं 30 फीसदी ऑनलाइन के पक्ष में हैं।  

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ऑफलाइन के पक्ष में

दो भाई-बहन, मोबाइल की दिक्कत
ऑनलाइन कक्षा में पढ़ाई अच्छी तरह से नहीं हो पाती। हम दो भाई-बहन हैं। बहन दसवीं और मैं 12वीं में हूं। लेकिन मोबाइल एक ही है। इसलिए कक्षाएं अच्छे से लग नहीं पातीं। - मनोज, विद्यार्थी, कक्षा-12

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गुणवत्ता में सुधार की जरूरत
ऑनलाइन शिक्षा सही लग रही है। शिक्षण गुणवत्ता में अगर सुधार हो जाए तो इसमें समय की बहुत बचत होती है। स्कूल आने-जाने और अन्य ब्रेक का समय बच जाता है। ऑफलाइन में अभी कोरोना का डर है। - प्रंशु, विद्यार्थी, कक्षा -12

सामान्य कक्षाएं अधिक बेहतर
ऑनलाइन में पढ़ाई तो हो रही है लेकिन अन्य गतिविधियां बंद हो गई हैं। स्क्रीन के आगे पूरा दिन बैठे रहने से पढ़ाई उबाऊ हो गई है। कक्षा से लेकर रिवीजन और नोट्स सब अधिकांश ऑनलाइन ही हैं। सामान्य कक्षाएं अधिक बेहतर थीं, तनाव कम था। - कंवलप्रीत, विद्यार्थी, कक्षा -12

यहां अधिक मेहनत

पिछले वर्ष में ऑनलाइन शिक्षा के दौरान शिक्षकों ने व्हाट्सएप से ही रिकॉर्डेड लेक्चर भेजकर पढ़ाया है। ये तरीका बहुत ही उबाऊ है। स्कूल में सामान्य कक्षा में ही सीखने को मिलता था। अभी ऑनलाइन में खुद से अधिक मेहनत करनी पड़ रही है। - माही ठाकुर, विद्यार्थी, कक्षा -10

ऑनलाइन पढ़ाई तनावपूर्ण
ऑनलाइन कक्षाओं में थोड़े से समय की बचत तो है, क्योंकि अब स्कूल आना जाना नहीं पड़ता। लेकिन ऑनलाइन कक्षाएं तनावपूर्ण बहुत हैं, पूरे समय स्कूल और ट्यूशन दोनों की कक्षाओं के लिए स्क्रीन के आगे थक जाते हैं। मैं जेईई के लिए ऑनलाइन कोचिंग भी साथ में ले रही हूं। -सिमरन, विद्यार्थी, कक्षा -12

आवाज की दिक्कत रहती है
ऑनलाइन कक्षा में नेटवर्क के कारण आवाज की परेशानी आती है। हमारे शिक्षक व्हाट्सएप पर शिक्षण सामग्री भेज देते हैं। सामान्य कक्षा में हम शिक्षकों से सवाल पूछ लेते थे, ऑनलाइन में उतना मौका नहीं मिल पाता। - आर्यन शर्मा, विद्यार्थी, कक्षा -12

स्कूल में ज्यादा समय आता है
स्कूल में पढ़ते थे तब पाठ्यक्रम जल्दी पूरा हो जाता था। ऑनलाइन में जल्दी समझ नहीं आता, कक्षा के बाद भी रिकॉर्डेड कक्षाएं दोहरानी पड़ती हैं। ऑनलाइन में शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच आपसी तालमेल का भी अभाव है। - उज्ज्वल, विद्यार्थी, कक्षा -12

नेटवर्क की समस्या
ऑनलाइन कक्षा में नेटवर्क की समस्या अधिक होती है। इसलिए ऑनलाइन शिक्षा ऑफलाइन के मुकाबले प्रभावी नहीं है। ऑनलाइन में कक्षाएं भी प्रतिदिन नहीं लग पातीं, कई बार इधर-उधर के काम में व्यस्त हो जाते हैं। - कृष्णा गौतम, विद्यार्थी, कक्षा -10

कक्षाएं ढंग से नहीं लगतीं
ऑनलाइन में कक्षाएं ढंग से नहीं लग पाती हैं। नेटवर्क की समस्या रहती ही है, कक्षा के बीच में शिक्षक की आवाज आनी बंद हो जाती है। परीक्षा की तैयारी के लिए रिकॉर्डेड लेक्चर से खुद पढ़ाई करनी पड़ती है। सामान्य कक्षाओं में एक बार में विषय समझ आ जाते थे, किसी तरह का गतिरोध नहीं था। - महिमा, विद्यार्थी, कक्षा -12

शिक्षकों के साथ तालमेल कम
ऑनलाइन कक्षा में शिक्षकों के साथ तालमेल की कमी है। सामान्य कक्षा में हम शिक्षक को पास बुलाकर कक्षा में सवाल पूछ लेते थे। ऑनलाइन में ये सब नहीं है। बहुत बार व्हाट्सएप पर रिकॉर्डेड लेक्चर ही भेज दिए जाते हैं, खुद ही यू-ट्यूब से पढ़ना पड़ता है। - अंशु, विद्यार्थी,  कक्षा -10

गणित समझने में आती है मुश्किल
मेरे पास गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान है। गणित मेरा कमजोर विषय है, इसलिए मुझे ऑनलाइन समझने में थोड़ी मुश्किल होती है। सामान्य कक्षा में बार बार सवाल पूछ सकते हैं, ऑनलाइन में कई बार नेटवर्क की दिक्कत आ जाती है। कक्षा के बाद शिक्षक को संदेश भेजकर सवाल समझने पड़ते हैं। - लक्की, विद्यार्थी, कक्षा -12

ऑनलाइन में मेहनत ज्यादा
पिछले वर्ष दसवीं की कक्षाएं ऑनलाइन थीं। इंटरनेट की दिक्कत आती है, बहुत बार कक्षा छूट जाती थी, खुद ही पढ़ाई करनी पड़ती थी। ऑफलाइन कक्षा बेहतर थी। शिक्षक के सामने बैठकर अच्छे से पढ़ाई हो जाती थी। -तरनप्रीत कौर, विद्यार्थी, कक्षा -11

तालमेल की होती है कमी
ऑनलाइन में तालमेल की कमी है, सामान्य कक्षा जैसा सीखने का माहौल नहीं बन पाता है। मेरे पास जीव-विज्ञान है, सामान्य कक्षा मेंहम व्यावहारिक तौर पर प्रयोगशाला में पढ़ सकते हैं, ऑनलाइन में शिक्षक लाइव लैब से लेक्चर लेती हैं, पर प्रैक्टिकल नहीं हो पाते। - दीपांशी, कक्षा -12

ऑनलाइन में खर्च अधिक
सामान्य परिवार से हूं। ऑनलाइन कक्षा के लिए अधिक इंटरनेट खर्च होता है। इस वजह से हर माह रिचार्ज करवाना पड़ता है। इसमें खर्च अधिक है और पढ़ाई भी उतनी अच्छी नहीं है। विषय कम समझ आने के कारण परीक्षा तैयारी में अधिक मेहनत करनी पड़ती है। - अनुज ठाकुर,  कक्षा- 12

ऑनलाइन कक्षाएं उबाऊ
ऑनलाइन कक्षा में बीच-बीच में आवाज और वीडियो कटती रहती है। घर में अन्य लोग होने के कारण भी परेशानी होती है, पूरी तरह ध्यान नहीं लग पाता। स्कूल में सामान्य कक्षा में पढ़ाया हुआ अच्छे से समझ आता था और शिक्षक हर बच्चे के पास आकर उन पर ध्यान भी देते थे। - भारती, विद्यार्थी, कक्षा -10

सामंजस्य बैठाना कठिन
ऑनलाइन कक्षाएं ज्यादातर एकतरफा होती हैं। कई बार बहुत से विद्यार्थी एक साथ माइक ऑन कर लेते हैं, ऐसे में कई के सवाल छूट जाते हैं। सामान्य कक्षा में ऐसी टेक्निकल दिक्कतें नहीं आती थीं। इसलिए ऑफलाइन कक्षाएं ही सही हैं। - हर्ष मिश्रा, विद्यार्थी, कक्षा -12

घर में नहीं हो पाती पढ़ाई
घर में पढ़ाई के दौरान परिवार के अन्य सदस्य भी होते हैं, इसलिए कक्षा में अच्छे से ध्यान नहीं लग पाता। कई बार किसी काम के कारण कक्षा बीच में ही छोड़नी पड़ती है। सामान्य कक्षा में सही टाइमटेबल बना होता है। - अंकित सिंह, विद्यार्थी, कक्षा- 12

सिर्फ विज्ञान की कक्षा लगी
पिछले पूरे वर्ष में हमारी लाइव कक्षा सिर्फ विज्ञान विषय की ही लगी है। अन्य शिक्षकों ने व्हाट्सएप के जरिए रिकॉर्डेड मैटीरियल भेजा था। बिना तालमेल के पढ़ना बहुत मुश्किल है। सामान्य कक्षाओं का माहौल पढ़ाई के लिए सही होता है। - करण जोशी, कक्षा 10

ऑनलाइन के पक्ष में

समय की बचत हो रही
ऑनलाइन कक्षा में सिर्फ असाइनमेंट में थोड़ी सी मुश्किल हो रही है। अन्यथा ऑनलाइन कक्षा में समय की बहुत बचत होती है। मेरा स्कूल घर से काफी दूर है, इसलिए समय बहुत व्यर्थ होता है। शिक्षक अगर बेहतर पढ़ाएं तो ऑनलाइन शिक्षा सही है। - मिशिका,विद्यार्थी, कक्षा -12

अकेले में पढ़ाई अच्छी हो रही  
ऑनलाइन कक्षाएं बेहतर चल रही हैं। स्कूल में बहुत सारे बच्चे होते हैं, जिनसे इधर-उधर ध्यान भटकता है। घर में अकेले कमरे में अच्छी पढ़ाई होती है और समय कम व्यर्थ होता है। शिक्षक महत्वपूर्ण विषयों का रिवीजन करवा दें तो ऑनलाइन शिक्षा बेहतर है। - मुस्कान, विद्यार्थी, कक्षा -10

ऑनलाइन में तनाव कम
ऑनलाइन कक्षा में स्कूल नहीं जाना पड़ रहा, इसलिए तनाव कम हो रहा है। स्कूल जाने की चिंता नहीं होती, घर से ही कक्षाएं लगानी होती हैं। शिक्षकों की तरफ से नियमित कक्षाएं ली जा रही हैं, इसलिए पढ़ाई में भी कोई दिक्कत नहीं आ रही है।  - कृष्णा सिंह, विद्यार्थी, कक्षा -10

यूट्यूब से की पढ़ाई
पिछले वर्ष नौवीं कक्षा में ऑनलाइन कक्षा नहीं लगी थी। शिक्षक यूट्यूब के लिंक साझा कर देते थे। पूरे वर्ष यूट्यूब से ही पढ़ाई की थी। अगर शिक्षक अच्छे से पढाएं तो ऑनलाइन कक्षा बेहतर हो सकती हैं लेकिन ऑफलाइन का मुकाबला नहीं है। -पारूल , विद्यार्थी, कक्षा -10  

टाइमटेबल बना हो तो पढ़ाई बेहतर
शिक्षकों ने ऑनलाइन कक्षा के लिए हफ्ते के हिसाब से टाइमटेबल बना रखा था, उसी के अनुसार मैंने शेड्यूल बनाया है। इससे साथ के साथ रिवीजन हो रहा है। ऑनलाइन में समय की बचत होती है, बस आपको कक्षा में ध्यान लगाने की जरूरत है। - सुनिति, विद्यार्थी, कक्षा -12

स्कूल जाने का समय बचता है
शुरुआत में नेटवर्क के कारण पिछले वर्ष दिक्कत आई थी लेकिन फिर वाईफाई लगवा लिया। घर में बैठकर पढ़ने का फायदा है कि स्कूल जाने का समय बच जाता है। कक्षाएं जल्दी खत्म होती हैं। इससे अन्य काम के लिए भी समय निकल जाता है। - वीरेन जमवाल, विद्याथी, कक्षा -12  

 क्या कहते हैं विशेषज्ञ

ऑनलाइन पढ़ाई का विकास हो रहा
ऑनलाइन पढ़ाई का निरंतर विकास हो रहा है। कोशिश की जा रही है कि इसे पूरी तरह प्रभावी बनाया जाए। इसके लिए बच्चों के अलावा अभिभावकों को भी गंभीर होना होगा। संसाधनों की कुछ बच्चों के पास कमी महसूस हो रही है लेकिन हम उन्हें स्कूल बुलाकर नोट्स दे रहे हैं। -सीमा, प्रधानाचार्या, मॉडल स्कूल, धनास

अभिभावकों को समझनी होगी जिम्मेदारी
ऑफलाइन कक्षाओं का तो कोई विकल्प नहीं हो सकता लेकिन ऑनलाइन पढ़ाई को लगातार बेहतर करने के प्रयास हो रहे हैं। सबसे जरूरी है कि ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान पैरेंट्स भी बच्चों पर ध्यान दें। अभिभावकों की भागीदारी बढ़ने से ऑनलाइन शिक्षा को और प्रभावी बनाया जा सकता है।- सोनिका गोयल, विज्ञान शिक्षिका, मॉडल स्कूल धनास।

बच्चों का ऑनलाइन कक्षा में आना जरूरी
ऑनलाइन कक्षा में बच्चे पूरे नहीं आ पाते। कुछ आते हैं तो उनसे सवाल पूछते हैं, उनकी आवाज नहीं आती। बच्चों को पूरे मनोयोग के साथ कक्षाओं में शामिल होना होगा। कई परिवारों में माता-पिता जॉब करते हैं। ऐसे में बच्चे ऑनलाइन कक्षा में शामिल नहीं हो पाते। - नीनू, शिक्षिका रसायन विज्ञान, मॉडल स्कूल 33

ऑफलाइन कक्षाएं शिक्षा के लिए बेहतर
ऑफलाइन कक्षाओं में बच्चे सामने होते हैं, ऐसे में हर गतिविधि पर शिक्षकों की नजर होती है। ऑनलाइन में पता नहीं चल पाता कि बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं या किसी और काम में लगे हैं। कई को नेट पैक आदि की दिक्कतें भी होती हैं। इसे प्रभावी बनाने के लिए अभिभावक आगे आएं । - देवेंद्र, प्रधानाचार्य, मॉडल स्कूल सेक्टर 35

पढ़ाई के प्रति बच्चों की गंभीरता कम हुई
बच्चों की पढ़ाई के प्रति गंभीरता कम हो गई। उनका रूटीन खराब हो गया। पहले रोज स्कूल जाने के लिए वह समय से उठते थे और हर कार्य करते थे। शिक्षकों से सीधा संवाद न हो पाने के कारण बच्चे पूरी तरह अपने सवालों के जवाब नहीं ढूंढ पा रहे। -नितिन, अभिभावक व प्रेसिडेंट, अभिभावक संघ

बच्चों का मानसिक विकास रुका
ऑनलाइन क्लास के दौरान बच्चे एक तरफ टीवी चला लेते हैं, दूसरी तरफ मोबाइल में क्लास के दौरान टीचर को सुनते रहते हैं। बच्चे क्लास के दौरान गेम्स भी खेलते रहते हैं। ऑनलाइन क्लास से बच्चों के दिमाग का विकास नहीं हो पा रहा है। बच्चे का खेलना बहुत जरूरी है। -दिनेश कुमार, एडवोकेट व अभिभावक

मां को भी रहती है काम की चिंता

काम चलाने के लिए ऑनलाइन क्लास बिलकुल ठीक है लेकिन इस दौरान माता-पिता आधे टीचर बन गए हैं क्योंकि बच्चों को जो काम स्कूल से दिया जाता है, वे अकेले नहीं कर पाते। मां पर काम का दोगुना भार बढ़ गया है। क्लास के दौरान मां को छोटे बच्चों के साथ बैठना पड़ता है। विपिन, अभिभावक

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