कोरोना से जंग में हरियाणा सरकार की पहल, 642 चिकित्सा अधिकारियों को मिली नियुक्ति
- 2020 की नवीनतम भर्ती मेरिट सूची से हुई नियुक्तियां
- 15 दिन में करनी होगी ज्वाइनिंग, स्वास्थ्य विभाग ने दिए निर्देश
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कोरोना से जारी जंग में हरियाणा सरकार ने पहल करते हुए 642 और चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की है। इनको 15 दिनों के भीतर ज्वाइनिंग करनी होगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की स्वीकृति के बाद स्वास्थ्य विभाग ने नियुक्ति पत्र जारी किए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अनिल विज ने बताया कि मार्च, 2020 की नवीनतम भर्ती की शेष मेरिट सूची से इनको नियुक्ति पत्र जारी किए गए।
तीन महीनों में 954 चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति दी है। मार्च में 312 डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र दिए गए थे। 954 चिकित्सा अधिकारियों में से 166 विशेषज्ञ डॉक्टर व 788 एमबीबीएस योग्यता वाले डॉक्टर हैं। उनके एकीकृत नियुक्ति पत्र विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए जाएंगे। चयनित उम्मीदवार अपनी इच्छा के अनुसार सिविल सर्जन को रिपोर्ट कर सकते हैं। फिर सिविल सर्जन रिक्त पदों के अनुरूप नियुक्ति करेंगे।
विज ने कहा कि इसके साथ ही विभाग में काफी हद तक डॉक्टरों की कमी को पूरा कर लिया जाएगा। कोरोना के चलते बड़ी संख्या में चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र जारी करना बड़ी उपलब्धि है। स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा व आलोक निगम बधाई के पात्र हैं।
30 सितंबर तक सुरक्षित हुई स्वास्थ्य ठेका कर्मियों की नौकरी
स्वास्थ्य विभाग के ठेका कर्मियों की नौकरी 30 सितंबर तक सुरक्षित हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने सिक्योरिटी गार्ड व सफाई कर्मचारियों सहित सभी ठेका कर्मियों के 30 जून को खत्म हो रहे अनुबंध को तीन महीने बढ़ाने के आदेश जारी कर दिए हैं। यह आदेश सिविल सर्जन कार्यालयों में पहुंच गए हैं। इस आदेश के अनुसार 30 सितंबर तक विभाग में कार्यरत कोई भी ठेका कर्मचारी नौकरी से नहीं निकाला जाएगा।
वहीं कर्मचारी तीन महीने बाद फिर से नौकरी पर तलवार लटकने को लेकर आशंकित भी हैं। इसलिए निर्णय लिया है कि जब तक ठेकेदार को बीच से हटकर सीधे विभाग के पे-रोल पर करने, 24 हजार न्यूनतम वेतन और 58 साल तक सेवा सुरक्षा देने आदि मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। लगभग 11 हजार स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के खिलाफ सर्व कर्मचारी संघ एवं सीटू मोर्चा खोले हुआ था। कर्मचारियों ने इस संबंध में पूर्व प्रदर्शन किया था।