मोहाली: 40 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद, वीआईपी जिले में शांतिपूर्ण 63 फीसदी मतदान
जिले में गत पांच साल पहले हुए मतदान की अपेक्षा इस बार मतदान गिरा है। अधिकारियों की मानें तो मतदान गिरने का कारण कोविड रहा है। भले ही निर्वाचन आयोग की तरफ से सभी पोलिंग स्टेशनों पर कोविड से निपटने के इंजजाम किए गए थे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मोहाली जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों में रविवार को शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न हो गया। जिले में 63 फीसदी मतदान हुआ है। यह पिछले विधानसभा चुनाव के मतदान से 8.8 फीसदी कम है। विधानसभा हलका खरड़ में सबसे ज्यादा 63.7 फीसदी मतदान हुआ, जबकि मोहाली और डेराबस्सी में क्रमश: 63.6 और 61.7 फीसदी मतदान हुआ। 40 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है। चुनाव नतीजे 10 मार्च को आएंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. ईशा कालिया ने चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। कुछ जगह ईवीएम की खराबी की दिक्कतें सामने आईं, जिन्हें बदल दिया गया।
रविवार सुबह ठीक आठ बजे जिले के सभी 907 पोलिंग बूथों पर एक साथ मतदान शुरू हो गया था। मॉडल व पिंक बूथों पर ढोल की थाप पर वोटरों का स्वागत हुआ। हालांकि, शुरू में मतदान की रफ्तार थोड़ी धीमी थी। शहरी एरिया में मतदाता घरों से बिल्कुल नहीं निकल रहे थे, जबकि शहर से सटे ग्रामीण एरिया में पोलिंग बूथों पर लंबी लाइनें देखी गईं।
शुरू में ऐतिहासिक गांव दाऊं समेत कई इलाकों में ईवीएम में भी दिक्कतें आईं, जिन्हें मौके पर बदला गया। सुबह नौ बजे तक मोहाली में 2.5 फीसदी, खरड़ में 0.8 और डेराबस्सी में 3.2 फीसदी मतदान हुआ लेकिन जैसे ही दिन चढ़ने लगा मतदान ने भी रफ्तार पकड़ी और 11 बजे तक खरड़ में 11 फीसदी, मोहाली में 10.2, जबकि डेराबस्सी 17.59 फीसदी पहुंच गया। एक से तीन बजे तक रफ्तार धीमी रही, जबकि तीन बजे के बाद वोटर घरों से निकले और मतदान का ग्राफ बढ़ता ही चला गया। शाम सात बजे तक 63 फीसदी मतदान हुआ। इस दौरान लाइव वेबकॉस्टिंग से लेकर सारे इंतजाम किए गए थे। आठ हजार करीब पोलिंग स्टाफ ने अपनी भूमिका निभाई।
मतदान के बाद टीकाकरण का भी था इंतजाम
मतदान केंद्रों पर कोविड से जंग के लिए पूरे इंतजाम किए गए थे। पोलिंग बूथों के गेट पर ही पहले मतदाता की थर्मल स्क्रीनिंग कर तापमान जांचा जा रहा था। इसके बाद जिन्होंने मास्क नहीं लगा रखा था, उन्हें मास्क मुहैया करवाए जा रहे थे। इतना ही नहीं, लगभग सभी सेंटरों पर कोरोना टीकाकरण का इंतजाम किया गया था। जिले में कुल वोट 7.94 लाख वोटर थे। इनमें से 4.99 लाख वोटरों ने मत का प्रयोग किया। शहरी की अपेक्षा ग्रामीण एरिया में अधिक मतदान हुआ।
बच्चों के लिए क्रैच से लेकर सेल्फी प्वाइंट तक
जिला निर्वाचन कार्यालय की तरफ से मॉडल पोलिंग बूथों पर क्रेच बनाए गए थे, ताकि छोटे बच्चों के परिजन आसानी से मतदान कर पाएं। इसके साथ ही सभी बूथों पर सेल्फी प्वाइंट बनाए गए थे, जिससे मतदान करने आए लोग आसानी अपने इन पलों को यादगार बना पाएं।
एनएसएस वालंटियर ने निभाई अहम भूमिका
विधानसभा चुनाव में इस बार एनएसएस वालंटियरों ने अहम भूमिका निभाई। वह मतदान करने आए लोगों को हाथ सैनिटाइज करवाने से लेकर उन्हें पोलिंग बूथों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। सभी पोलिंग बूथों पर वालंटियर ने अच्छी भूमिका निभाई।
पुलिस के सुरक्षा घेरे में रहेंगी ईवीएम
इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन को मोहाली के स्ट्रांग रूम में रखा गया है। अब ईवीएम 24 घंटे पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के सुरक्षा में रहेगी, जिसके आसपास किसी को आने जाने की इजाजत नहीं होगी। मोहाली, डेराबस्सी और खरड़ में मतदान के बाद सीलबंद ईवीएम को पुलिस के सुरक्षा घेरे में देर रात मोहाली स्थित स्ट्रांग रूम में रखा गया। इसकी पुष्टि डीसी ईशा कालिया ने की।
सुबह 9 बजे तक मतदान प्रतिशत
- मोहाली 2.5 फीसदी
- खरड़ 0.8 फीसदी
- डेराबस्सी 3.2 फीसदी
सुबह 11 बजे तक मतदान प्रतिशत
- मोहाली 10.2 फीसदी
- खरड़ 11 फीसदी
- डेराबस्सी 17.59 फीसदी
दोपहर 1 बजे तक मतदान प्रतिशत
- मोहाली 22.85 फीसदी
- खरड़ 30.5 फीसदी
- डेराबस्सी 27.8 फीसदी
दोपहर 3 बजे तक मतदान प्रतिशत
- मोहाली 43.5 फीसदी
- खरड़ 40.7 फीसदी
- डेराबस्सी 40.7 फीसदी
शाम 5 बजे तक मतदान प्रतिशत
- मोहाली 53 फीसदी
- खरड़ 56 फीसदी
- डेराबस्सी 50.5 फीसदी
शाम 7 बजे तक मतदान प्रतिशत
- मोहाली 62.9 फीसदी
- खरड़ 61.4 फीसदी
- डेराबस्सी 61.1 फीसदी
जिले में कुल मतदाता- 793134
मताधिकार का इस्तेमाल 499308 लोगों ने किया