{"_id":"5eb31ce88ebc3e904359e9ef","slug":"62-patients-found-in-13-days-in-bapudham-one-colony-spoils-chandigarh-chandigarh-news-pkl374442476","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कोरोनाः चंडीगढ़ में बापूधाम बना एपिक सेंटर, परिवारों में फैल रहा संक्रमण, 13 दिन में 66 पॉजिटिव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोनाः चंडीगढ़ में बापूधाम बना एपिक सेंटर, परिवारों में फैल रहा संक्रमण, 13 दिन में 66 पॉजिटिव
Thu, 07 May 2020 12:06 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 07 May 2020 12:06 PM IST
विज्ञापन
बापूधाम कॉलोनी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़ में बापूधाम कोरोना का एपिक सेंटर बन गया है। शहर में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैलाने में बापूधाम के लोगों की लापरवाही का बड़ा रोल सामने आया है। चंडीगढ़ के कुल मरीजों की संख्या में से आधे से ज्यादा मरीज बापूधाम के ही हैं। एक व्यक्ति से शुरू हुआ संक्रमण आज कॉलोनी के दर्जनों मकानों तक पहुंच गया गया है। बुधवार तक यहां के 66 लोगों को कोरोना अपनी गिरफ्त में ले चुका है। यहां स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि हर दिन मिलने वाले नए मामलों में वहां के मरीजों का आंकड़ा 10 से 12 तक पहुंच रहा है। उसके बावजूद यहां के लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे।
24 अप्रैल को मिला था पहला मरीज
जीएमसीएच-32 में कार्यरत बापूधाम निवासी वार्ड अटेंडेंट में 24 अप्रैल को कोरोना की पुष्टि हुई थी। यह इस कालोनी का पहला पॉजिटिव केस था। अगले दिन संक्रमित वार्ड अटेंडेंट के पिता में भी कोरोना की पुष्टि हुई। फिर तो संक्रमण का सिलसिला ही शुरू हो गया। वार्ड अटेंडेंट की दो बहनें और मां व 6 माह की बच्ची की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। अकेले वार्ड अटेंडेंट के घर से 5 कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं।
परिवारों में तेजी से फैल रहा संक्रमण
बापूधाम में अब तक जितने पॉजिटिव केस सामने आए हैं, उनमें से 80% मरीज अपने परिवार में ही एक दूसरे से संक्रमित हुए हैं। पहले मरीज की ही तरह वहां के एक अन्य परिवार के 7 सदस्य की रिपोर्ट एक साथ पॉजिटिव आई है। वहीं एक अन्य संक्रमित पिता-पुत्री भी संक्रमित मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के लिए बापूधाम गले की हड्डी बनता जा रहा है। वहां के कई ताल वाली एक एक बिल्डिंग में 20 से 25 लोगों का रहना कोरोना के तेजी से संक्रमण का मुख्य कारण बन रहा है।
विज्ञापन
एक जी मकान में रहने में कारण लोग आपस मे सोशल डिस्टेंसिंग के नियम की अनदेखी कर रहे हैं, जिसका खामियाजा उनके साथ शहर को भी भुगतना पड़ रहा है। बापूधाम में लोगों की मनमानी का ही नतीजा है कि प्रशासन को वहां फोर्स लगाना पड़ा। उसके बावजूद स्थिति नियंत्रण में नहीं है। इसका दुष्परिणाम उनके बच्चे भी भुगत रहे हैं। बापूधाम के पॉजिटिव मरीजों में 6 माह की बच्ची के अलावा दो साल, 4 साल, 5 साल, 9 साल और 11 साल के बच्चे शामिल हैं। 6 माह की पॉजिटव बच्ची बापूधाम के पहले कोरोना पॉजिटिव मरीज की बेटी है। ऐसे में वहां के लोग अपने ही बच्चों के लिए काल बन रहे हैं।
विज्ञापन
24 अप्रैल को मिला था पहला मरीज
जीएमसीएच-32 में कार्यरत बापूधाम निवासी वार्ड अटेंडेंट में 24 अप्रैल को कोरोना की पुष्टि हुई थी। यह इस कालोनी का पहला पॉजिटिव केस था। अगले दिन संक्रमित वार्ड अटेंडेंट के पिता में भी कोरोना की पुष्टि हुई। फिर तो संक्रमण का सिलसिला ही शुरू हो गया। वार्ड अटेंडेंट की दो बहनें और मां व 6 माह की बच्ची की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। अकेले वार्ड अटेंडेंट के घर से 5 कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं।
विज्ञापन
परिवारों में तेजी से फैल रहा संक्रमण
बापूधाम में अब तक जितने पॉजिटिव केस सामने आए हैं, उनमें से 80% मरीज अपने परिवार में ही एक दूसरे से संक्रमित हुए हैं। पहले मरीज की ही तरह वहां के एक अन्य परिवार के 7 सदस्य की रिपोर्ट एक साथ पॉजिटिव आई है। वहीं एक अन्य संक्रमित पिता-पुत्री भी संक्रमित मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के लिए बापूधाम गले की हड्डी बनता जा रहा है। वहां के कई ताल वाली एक एक बिल्डिंग में 20 से 25 लोगों का रहना कोरोना के तेजी से संक्रमण का मुख्य कारण बन रहा है।
विज्ञापन
एक जी मकान में रहने में कारण लोग आपस मे सोशल डिस्टेंसिंग के नियम की अनदेखी कर रहे हैं, जिसका खामियाजा उनके साथ शहर को भी भुगतना पड़ रहा है। बापूधाम में लोगों की मनमानी का ही नतीजा है कि प्रशासन को वहां फोर्स लगाना पड़ा। उसके बावजूद स्थिति नियंत्रण में नहीं है। इसका दुष्परिणाम उनके बच्चे भी भुगत रहे हैं। बापूधाम के पॉजिटिव मरीजों में 6 माह की बच्ची के अलावा दो साल, 4 साल, 5 साल, 9 साल और 11 साल के बच्चे शामिल हैं। 6 माह की पॉजिटव बच्ची बापूधाम के पहले कोरोना पॉजिटिव मरीज की बेटी है। ऐसे में वहां के लोग अपने ही बच्चों के लिए काल बन रहे हैं।
बापूधाम में कब कब मिले मरीज
दिनांक----पॉजिटिव
24 अप्रैल----- 1
25 अप्रैल----- 1
26 अप्रैल----- 4
27 अप्रैल----- 1
28अप्रैल------ 8
29अप्रैल------ 8
30 अप्रैल----- 1
1 मई--------- 12
2 मई--------- 07
4 मई--------- 05
5 मई--------- 10
6 मई---------- 8
24 अप्रैल----- 1
25 अप्रैल----- 1
26 अप्रैल----- 4
27 अप्रैल----- 1
28अप्रैल------ 8
29अप्रैल------ 8
30 अप्रैल----- 1
1 मई--------- 12
2 मई--------- 07
4 मई--------- 05
5 मई--------- 10
6 मई---------- 8