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जाटों सहित 6 जातियों को नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ

Fri, 11 Aug 2017 10:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 11 Aug 2017 10:27 AM IST
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6 castes including Jats will not get the benefit of reservation
- फोटो : File Photo
हरियाणा में अब जाटों सहित जट सिख, रोड़, बिश्नोई, त्यागी और मुल्ला जाट/मुस्लिम जाट जातियों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। एक्ट के माध्यम से दिए गए आरक्षण पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहले ही रोक लगा चुका है और अपना फैसला सुरक्षित रख चुका है। हरियाणा सरकार की ओर से इन्हें आरक्षण का लाभ देने के लिए आर्थिक पिछड़ा वर्ग में शामिल किए जाने पर भी अब हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। ऐसे में अब वर्तमान में चल रही नियुक्तियों और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए इन 6 जातियों को किसी प्रकार का कोई आरक्षण नहीं होगा।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जाटों सहित 6 जातियों को आर्थिक आधार पर आरक्षण का लाभ पाने वाली जातियों की श्रेणी में शामिल करने पर रोक लगाते हुए हरियाणा सरकार और जाटों को बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने इन 6 जातियों को आर्थिक आधार पर आरक्षण का लाभ देने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश जारी किए और साथ ही हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है। 
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मामले में विकास व अन्य की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर हरियाणा सरकार के जून 2017 के प्रशासनिक आदेशों को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता की ओर से बहस करते हुए सीनियर एडवोकेट वीके जिंदल और एडवोकेट गोबिंद शर्मा ने हरियाणा सरकार के इस निर्णय को कानून के विरुद्ध करार दिया। याची ने कहा कि हरियाणा सरकार ने 2013 की नोटिफिकेशन के माध्यम से सामान्य श्रेणी की जातियों को आर्थिक आधार पर आरक्षण का लाभ देने का फैसला लिया था। इस नोटिफिकेशन में यह स्पष्ट था कि जिस जाति को किसी और श्रेणी में आरक्षण का लाभ मिला है, उसे इस श्रेणी में आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाएगा। 
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आरक्षण की राह में दो अहम तिथियां

6 castes including Jats will not get the benefit of reservation
इसके बाद एक्ट बनाकर इन जातियों को आरक्षण का लाभ दिया गया था। हाईकोर्ट की ओर से उस एक्ट पर भी रोक लगा दी गई थी और उस एक्ट को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट फैसला सुरक्षित रख चुका है।

याची की मुख्य दलील यह रही कि जाट, जट सिख, रोड़, बिश्नोई, त्यागी और मुल्ला जाट/मुस्लिम जाट को एक्ट के माध्यम से आरक्षण प्रदान किया गया है। इस आरक्षण पर रोक है, लेकिन एक्ट अभी भी कायम है, इसे खारिज नहीं किया गया है। ऐसे में इस एक्ट के रहते इन 6 जातियों को आर्थिक आधार पर आरक्षण का लाभ दिया ही नहीं जा सकता है।

जस्टिस महेश ग्रोवर और जस्टिस राज शेखर अत्री की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार के जून 2017 के प्रशासनिक आदेशों पर रोक लगाते हुए हरियाणा सरकार को 14 सितंबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। ऐसे में अब याचिका लंबित रहते नौकरी या शिक्षण संस्थानों में प्रवेश में जाट, जट सिख, रोड़, बिश्नोई, त्यागी और मुल्ला जाट/मुस्लिम जाट को आर्थिक आधार पर आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा।

आरक्षण की राह में दो अहम तिथियां
हाईकोर्ट के जस्टिस एसएस सारों और जस्टिस लीज़ा गिल की खंडपीठ ने जाट आरक्षण के लिए बनाए गए एक्ट पर सुनवाई करते हुए आरक्षण पर रोक लगाई थी। इसके बाद सभी पक्षों को सुनकर फैसला सुरक्षित रख लिया था। जस्टिस एसएस सारों 3 सितंबर को रिटायर होने जा रहे हैं और ऐसे में इससे पहले जाट आरक्षण पर फैसला आ जाएगा। वीरवार को दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर 14 सितंबर तक हरियाणा सरकार से जवाब मांगा है। हरियाणा सरकार का जवाब यदि कोर्ट को संतुष्ट करता है तो आरक्षण को लेकर नई परिस्थितियां बनेंगी।
 
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