हरियाणा: पिछले साल के मुकाबले 56 प्रतिशत अधिक बिजली खपत, मई में ही 10 हजार मेगावाट तक पहुंची मांग
अदाणी से बिजली आपूर्ति शुरू होने के बाद प्रदेश में बिजली को लेकर हालात सामान्य हैं। 11 मई से जितनी मांग हो रही है, उतनी ही बिजली आपूर्ति की जा रही है। निगम का दावा है कि एक भी घोषित कट नहीं लगाया जा रहा है।
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लू और चढ़ते पारे के साथ-साथ हरियाणा में बिजली की मांग भी रिकॉर्ड बना रही है। मई माह में ही मांग 10 हजार मेगावाट तक पहुंच गई है। सप्ताह भर में बिजली की खपत दो करोड़ यूनिट से बढ़कर 18 से 20.32 करोड़ यूनिट हो गई। यह खपत पिछले साल के मुकाबले 56 प्रतिशत अधिक है, जो एक रिकॉर्ड है।
मई माह में औसतन 8 हजार से 8500 मेगावाट तक बिजली की मांग रहती थी। इस बार समय से पहले गर्मी आने से एसी, कूलर और पंखे चलने से मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल के मुकाबले इस बार एक मई को मांग 26 प्रतिशत अधिक खपत थी, जो 14 मई तक बढ़कर 56.74 प्रतिशत अधिक पहुंच गई है। पिछली बार सात जुलाई को प्रदेश की कुल क्षमता 12187 हजार मेगावाट पार तक मांग पहुंच गई थी। ऐसे में इस बार यह स्थिति जून माह में ही पैदा हो सकती है। बिजली अधिकारियों का कहना है कि इस बार बिजली की मांग जुलाई माह तक 15 हजार मेगावाट तक पहुंच सकती है।
चार दिन से प्रदेश में घोषित कट नहीं
अदाणी से बिजली आपूर्ति शुरू होने के बाद प्रदेश में बिजली को लेकर हालात सामान्य हैं। 11 मई से जितनी मांग हो रही है, उतनी ही बिजली आपूर्ति की जा रही है। निगम का दावा है कि एक भी घोषित कट नहीं लगाया जा रहा है। पानीपत की तीनों यूनिट, यमुनानगर की दोनों और हिसार खेदड़ प्लांट की एक यूनिट चल रही है। शेष बिजली केंद्रीय पूल से खरीदी जा रही है। जिस प्रकार से मांग में तेजी आ रही है, ऐसे में आगामी दिनों में जरूर बिजली की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।
- मई मांग आपूर्ति
- 1 9287 9157
- 2 9664 9500
- 3 9678 9618
- 4 9371 9050
- 5 8746 8146
- 6 8881 8620
- 7 8702 8702
- 8 8038 8038
- 9 9023 8847
- 10 9399 9399
- 11 9567 9567
- 12 9901 9901
- 13 9776 9776
- 14 9728 9728
नोट : बिजली हजार मेगावाट में।
प्रदेश में बिजली की कोई किल्लत नहीं है। जितनी मांग है, उतनी ही आपूर्ति की जा रही है। 11 मई से कोई कट भी नहीं लगाया गया है। बढ़ती मांग को देखते हुए पीक समय के लिए भी पहले ही बिजली की व्यवस्था की जा रही हैं। - पीके दास, एसीएस, बिजली निगम।