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आषाढ़ में भी मानसून कर रहा निराश, हरियाणा में सामान्य से 56 प्रतिशत कम बारिश

Fri, 12 Jul 2019 12:19 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Fri, 12 Jul 2019 12:19 AM IST
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56 Percent Less Rainfall Than Normal in Monsoon In Haryana
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

सात दिन पहले सात दिन की देरी से सुस्त रफ्तार से कमजोर होकर आया मानसून हरियाणा में दम नहीं दिखा पा रहा है। यही वजह से मानसून सीजन के 41 दिनों में सामान्य से 56 प्रतिशत कम बारिश से जूझ रहा है। इसके चलते कहीं रोपाई-बुआई प्रभावित है तो कहीं सिंचाई के बगैर खरीफ फसलें सूख रही हैं। मौसम विभाग ने 15 जुलाई तक प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद जताई है। 

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मौसम विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक एक जून से शुरू हुए मानसून सीजन में सामान्य तौर पर 92.9 प्रतिशत बारिश होनी चाहिए लेकिन वर्षा चक्र का माहौल न बनने से 11 जुलाई तक सिर्फ 40.4 मिमी बारिश ही हो पाई है। हाल यह है कि अंबाला को सबसे अधिक बारिश देने वाला मानसून अब तक 210.5 मिमी के बदले सिर्फ 61.9 मिमी पानी ही दे पाया है। 
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वहीं इस अवधि में पंचकूला 208.6 मिमी के बदले 30.8 मिमी बारिश ही पा सका है। इसी तरह रोहतक में 106.5 मिमी की जगह सिर्फ 32.2 मिमी बारिश हुई है। प्रदेश में सबसे कम बारिश फरीदाबाद में हुई है, जहां की धरती पर केवल 9.7 प्रतिशत पानी गिरा है। इस तरह प्रदेश के 12 जिलों में बारिश की भारी कमी है। दूसरी तरफ यमुनानगर में सबसे अच्छी 113.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है। फिर भी जिले में 43 प्रतिशत कम पानी गिरा है। 

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रोहतक, फतेहाबाद समेत कई इलाकों में बीते दो दिनों से धूलभरी तेज हवा लोगों को परेशान कर रही है, लेकिन बारिश का अता-पता नहीं है। बादलवाही होती है, लेकिन बरस नहीं पाते। मौसम वैज्ञानिक हरियाण की धरती इस बार अपेक्षाकृत कम तपने और वर्षा चक्र न बनने को कम बारिश का कारण मान रहे हैं। 

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 12 जुलाई को बारिश की उम्मीद बहुत कम है, जबकि 13 से 15 जुलाई तक कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश की उम्मीद है। आषाढ़ में बारिश की झड़ी की उम्मीद बहुत कम है, ऐसे में कम बारिश की भरपाई की उम्मीद कम है। अब सावन में अच्छी बारिश की उम्मीद की जा सकती है। 

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