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पाकिस्तान का दावाः पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देंगे, यहां दुनिया के सबसे सुंदर गुरुघर देखने को मिलेंगे
Mon, 11 Nov 2019 10:24 AM IST
खुशबू गोयल
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 11 Nov 2019 10:24 AM IST
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इमरान खान
- फोटो : फाइल फोटो
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18वीं और 19वीं शताब्दी में, सिख समुदाय एक शक्तिशाली राजनीतिक ताकत बन गया, जब सिख नेता रणजीत सिंह ने पहला सिख साम्राज्य स्थापित किया, जिसकी राजधानी लाहौर थी। लाहौर आज पाकिस्तान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। सिखों के कई तीर्थ स्थल और विरासत पाकिस्तान में हैं।
पाकिस्तान ने अब अपने देश में बसे गुरुद्वारा साहिबान को विश्व स्तर पर सुंदर बनाकर अपनी टूरिज्म इंडस्ट्री को बढ़ाने का टारगेट रखा है। टूरिज्म इंडस्ट्री को प्रमोट करने की विधिवत रूप से शुरुआत शनिवार को हो गई है। पाक के विदेशमंत्री शाह मोहम्मद कुरैशी का कहना है कि पाक में गुरु घर ऐसे बनाए जाएंगे कि विदेशों में बसे सिख पाकिस्तान आएं।
कुरैशी ने दुनिया भर के सिखों से अपील की है कि वह पाकिस्तान जरूर आएं। उन्होंने कहा कि कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूके, अमेरिका में बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोग हैं। उनसे अपील है कि वह सीधे पाकिस्तान आएं। यहां के गुरुद्वारा विश्व में सबसे अधिक सुंदर बनेंगे। कुरैशी ने कहा कि तब्दीली आती नहीं, बल्कि आ चुकी है।
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इमरान खान की सरकार ने इतिहास रचना शुरू कर दिया है। आगे देखते जाएं, क्या होता है। श्री करतारपुर साहिब जल्द ही दुनिया का सबसे बड़ा गुरुद्वारा बन जाएगा। पाकिस्तान की तस्वीर बदल रही है।
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पाकिस्तान ने अब अपने देश में बसे गुरुद्वारा साहिबान को विश्व स्तर पर सुंदर बनाकर अपनी टूरिज्म इंडस्ट्री को बढ़ाने का टारगेट रखा है। टूरिज्म इंडस्ट्री को प्रमोट करने की विधिवत रूप से शुरुआत शनिवार को हो गई है। पाक के विदेशमंत्री शाह मोहम्मद कुरैशी का कहना है कि पाक में गुरु घर ऐसे बनाए जाएंगे कि विदेशों में बसे सिख पाकिस्तान आएं।
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कुरैशी ने दुनिया भर के सिखों से अपील की है कि वह पाकिस्तान जरूर आएं। उन्होंने कहा कि कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूके, अमेरिका में बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोग हैं। उनसे अपील है कि वह सीधे पाकिस्तान आएं। यहां के गुरुद्वारा विश्व में सबसे अधिक सुंदर बनेंगे। कुरैशी ने कहा कि तब्दीली आती नहीं, बल्कि आ चुकी है।
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इमरान खान की सरकार ने इतिहास रचना शुरू कर दिया है। आगे देखते जाएं, क्या होता है। श्री करतारपुर साहिब जल्द ही दुनिया का सबसे बड़ा गुरुद्वारा बन जाएगा। पाकिस्तान की तस्वीर बदल रही है।
गुरुद्वारों को दर्शनीय बनाने की योजना
विदेशी मंत्री कहते हैं कि हमारी योजना है कि पाकिस्तान में बाकी गुरुद्वारों को भी अच्छा बनाया जाए। विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छे प्रबंध किए जाएं। इसके लिए हमारी पूरी योजना तैयार है। पीएम इमरान खान करतारपुर कॉरिडोर को 10 माह में तैयार कर संगत को समर्पित करने से खासे उत्साहित हैं।
पहले तो यकीन नहीं था कि इतना कुछ इतने कम समय में कर पाएंगे लेकिन कॉरिडोर के बाद खासा उत्साह मिला है। इसी साल पाकिस्तान पंजाब प्रांत के सियालकोट में स्थित 500 साल पुराने गुरुद्वारे को भारतीय सिख श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। इससे पहले भारतीय सिख बाबे-दे-बेर गुरुद्वारे में दर्शन नहीं कर सकते थे।
पाकिस्तान के अलावा यूरोप, कनाडा और अमेरिकी सिखों को बाबे-दे-बेर गुरुद्वारे में जाने की इजाजत थी। अब भारतीय सिख श्रद्धालु भी इस गुरुद्वारे में दर्शन कर सकेंगे। पंजाब प्रांत के गवर्नर मोहम्मद सरवर ने राज्य सरकार के औकफ विभाग को भारत से आने वाले सिख श्रद्धालुओं को भी इस गुरुद्वारे में दर्शन करने की इजाजत देने का निर्देश दिया था। यह लाहौर से 140 किलोमीटर दूर है। इस गुरुद्वारे में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
पहले तो यकीन नहीं था कि इतना कुछ इतने कम समय में कर पाएंगे लेकिन कॉरिडोर के बाद खासा उत्साह मिला है। इसी साल पाकिस्तान पंजाब प्रांत के सियालकोट में स्थित 500 साल पुराने गुरुद्वारे को भारतीय सिख श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। इससे पहले भारतीय सिख बाबे-दे-बेर गुरुद्वारे में दर्शन नहीं कर सकते थे।
पाकिस्तान के अलावा यूरोप, कनाडा और अमेरिकी सिखों को बाबे-दे-बेर गुरुद्वारे में जाने की इजाजत थी। अब भारतीय सिख श्रद्धालु भी इस गुरुद्वारे में दर्शन कर सकेंगे। पंजाब प्रांत के गवर्नर मोहम्मद सरवर ने राज्य सरकार के औकफ विभाग को भारत से आने वाले सिख श्रद्धालुओं को भी इस गुरुद्वारे में दर्शन करने की इजाजत देने का निर्देश दिया था। यह लाहौर से 140 किलोमीटर दूर है। इस गुरुद्वारे में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
वीजा को लेकर कई तरह की योजनाएं
बाबे-दी-बेर गुरुद्वारा को लेकर मान्यता है कि 16वीं सदी में कश्मीर यात्रा से सियालकोट लौटे श्री गुरु नानक देव ने इसी स्थान पर बेर के एक पेड़ के नीचे आराम किया था। इन दिनों ही भारत से एक हजार से ज्यादा सिख श्रद्धालु पाकिस्तानी शहर हसन अब्दाल स्थित गुरुद्वारा पंजा साहिब पहुंचे। ये श्रद्धालु 550वें प्रकाश पर्व पर आयोजित कार्यक्रम के तहत निकाले ‘नगर कीर्तन’ में शामिल होने के लिए गए थे।
31 अक्तूबर को वाघा के रास्ते 1100 से ज्यादा सिखों ने पाकिस्तान में प्रवेश किया। इसके अलावा गुरुद्वारा जन्मस्थान ननकाना साहिब, गुरुद्वारा सच्चा सौदा फरूकाबाद और अन्य तीर्थस्थल हैं, जहां सिखों की गहरी आस्था है। ननकाना साहब श्री गुरु नानक देव की जन्मस्थली है। कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन 1469 को राएभोए के तलवंडी नामक स्थान में, कल्याणचंद (मेहता कालू) नाम के एक किसान के घर श्री गुरु नानक देव का जन्म हुआ था।
पाक के विदेशमंत्री कुरैशी का कहना है कि सिखों के तीर्थ स्थल पाकिस्तान में हैं, इसलिए हम विश्व के सबसे सुंदर गुरुद्वारा साहिब बना देंगे। इसलिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सिख श्रद्धालुओं को बहु-प्रवेश वीजा और ‘ऑन एराइवल’ वीजा जारी करने की योजना बनाई है। इस साल यूके से भारी संख्या में सिख समुदाय के लोग पाकिस्तान दर्शनों के लिए आए हैं।
31 अक्तूबर को वाघा के रास्ते 1100 से ज्यादा सिखों ने पाकिस्तान में प्रवेश किया। इसके अलावा गुरुद्वारा जन्मस्थान ननकाना साहिब, गुरुद्वारा सच्चा सौदा फरूकाबाद और अन्य तीर्थस्थल हैं, जहां सिखों की गहरी आस्था है। ननकाना साहब श्री गुरु नानक देव की जन्मस्थली है। कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन 1469 को राएभोए के तलवंडी नामक स्थान में, कल्याणचंद (मेहता कालू) नाम के एक किसान के घर श्री गुरु नानक देव का जन्म हुआ था।
पाक के विदेशमंत्री कुरैशी का कहना है कि सिखों के तीर्थ स्थल पाकिस्तान में हैं, इसलिए हम विश्व के सबसे सुंदर गुरुद्वारा साहिब बना देंगे। इसलिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सिख श्रद्धालुओं को बहु-प्रवेश वीजा और ‘ऑन एराइवल’ वीजा जारी करने की योजना बनाई है। इस साल यूके से भारी संख्या में सिख समुदाय के लोग पाकिस्तान दर्शनों के लिए आए हैं।