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550वां प्रकाश पर्वः ‘गुरु नानक बगीची’ के लिए केंद्र से मांगी मदद, 21 शिलालेखों पर भी विचार
Sat, 17 Aug 2019 10:24 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/नई दिल्ली
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 17 Aug 2019 10:24 AM IST
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मंत्री सुखजिंदर रंधावा
- फोटो : अमर उजाला
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श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के कार्यक्रमों को यादगार बनाने को गुरु नानक बगीची तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए पंजाब के सहकारिता और जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय के सचिव (बॉर्डर मैनेजमेंट) बीआर शर्मा से मुलाकात की।
मीटिंग के दौरान रंधावा ने 67 करोड़ रुपये की लागत से ‘आइडिया ऑफ इंडिया’ पर आधारित ‘गुरु नानक बगीची’ तैयार करने की बात की, जो श्री करतारपुर कॉरिडोर प्रोजेक्ट के हिस्से के तौर पर भारत के बहुआयामी सांस्कृतिक और बहुपक्षीय संवाद को दर्शाएगी।
इस बगीची में 15 संतों (जिनकी शिक्षाएं गुरु नानक देव जी की तरफ से उदासियों के दौरान एकत्रित की गई) को समर्पित 15 ज्ञान केंद्र होंगे। केंद्रों में इन संतों के विचारों और शिक्षाएं को रचनात्मक रूप में पेश किया जायेगा। मीटिंग के दौरान प्रकाश पर्व के मौके पर डेरा बाबा नानक में 51 लाख रुपये की लागत से 21 शिलालेख के निर्माण के मुद्दे पर भी विचार किया गया।
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बॉर्डर मैनेजमेंट के सचिव बीआर शर्मा ने सुखजिंदर सिंह रंधावा की ओर से उठाए गये मुद्दों को ध्यान के साथ सुना और इस संबंध में केंद्र सरकार की तरफ से पूर्ण सहायता का भरोसा दिया। मीटिंग के दौरान सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कल्पना मित्तल बरुआ, रजिस्ट्रार (सहकारी सोसाइटियां) विकास गर्ग और पंजाब भवन नई दिल्ली की रेजिडेंट कमिश्नर राखी गुप्ता भंडारी भी उपस्थित रहे।
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मीटिंग के दौरान रंधावा ने 67 करोड़ रुपये की लागत से ‘आइडिया ऑफ इंडिया’ पर आधारित ‘गुरु नानक बगीची’ तैयार करने की बात की, जो श्री करतारपुर कॉरिडोर प्रोजेक्ट के हिस्से के तौर पर भारत के बहुआयामी सांस्कृतिक और बहुपक्षीय संवाद को दर्शाएगी।
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इस बगीची में 15 संतों (जिनकी शिक्षाएं गुरु नानक देव जी की तरफ से उदासियों के दौरान एकत्रित की गई) को समर्पित 15 ज्ञान केंद्र होंगे। केंद्रों में इन संतों के विचारों और शिक्षाएं को रचनात्मक रूप में पेश किया जायेगा। मीटिंग के दौरान प्रकाश पर्व के मौके पर डेरा बाबा नानक में 51 लाख रुपये की लागत से 21 शिलालेख के निर्माण के मुद्दे पर भी विचार किया गया।
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बॉर्डर मैनेजमेंट के सचिव बीआर शर्मा ने सुखजिंदर सिंह रंधावा की ओर से उठाए गये मुद्दों को ध्यान के साथ सुना और इस संबंध में केंद्र सरकार की तरफ से पूर्ण सहायता का भरोसा दिया। मीटिंग के दौरान सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कल्पना मित्तल बरुआ, रजिस्ट्रार (सहकारी सोसाइटियां) विकास गर्ग और पंजाब भवन नई दिल्ली की रेजिडेंट कमिश्नर राखी गुप्ता भंडारी भी उपस्थित रहे।