नगर कीर्तन में नहीं शामिल हुए इमरान खान, पवित्र खड़ाऊं के दर्शन कर भावुक हुई संगत
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श्री गुरु नानक देव जी की पवित्र खड़ाऊं के दर्शन कर संगत भावुक हो गई। इंटरनेशनल नगर कीर्तन में शामिल होने के लिए आई संगत को गुरु साहिबान के अस्त्रों-शस्त्रों के दर्शन करवाने के लिए एसजीपीसी द्वारा विशेष प्रबंध किए गए थे। संगत गुरु जी के पवित्र खड़ाऊं के दर्शन आसानी से कर सके, इसके लिए बस में एक शीशे का बॉक्स बनाया गया था।
इन पवित्र खड़ाऊं को गुजरात के लखपत साहिब गुरुद्वारा से विशेष तौर पर मंगवाया गया था। इस ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब की प्रबंधक कमेटी ने इस पवित्र खड़ाऊं को सदियों से सहेजकर रखी हुई है। जब श्री गुरुनानक देव जी मक्का-मदीना की यात्रा में गए थे, तब वापसी में इन खड़ाऊं को इस पवित्र अस्थान में रख दिया था।
इसी बस में श्री गुरु नानक देव जी द्वारा सुल्तानपुर लोधी में सच्चा सौदा के दिए गए उपदेश के दौरान प्रयोग किए वट्टे भी शामिल थे। इस बस में छठे गुरु श्री हरिगोबिंद साहिब की किरपाणें, दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के शस्त्र भी संगत के दर्शनों के लिए रखे थे।
भाई सरफराज को पेंशन की पहली किस्त भेंट
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अपनी स्थापना के बाद पहली बार भाई मरदाना के वंशज भाई लाल जी के पोते भाई सरफराज को 21 हजार मासिक पेंशन की पहली किस्त भेंट की गई।
गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब में पहुंचे भाई सरफराज के परिवार को आर्थिक संकट से निकालने के लिए एसजीपीसी ने बीते महीने प्रति माह उक्त राशि देने की घोषणा की थी। एसजीपीसी प्रधान भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने कहा कि एसजीपीसी भाई सरफराज की माता के इलाज के लिए भी 11 हजार रुपये की सहायता राशि दे रही है।
एसजीपीसी ने श्री ननकाना साहिब के सिख नौजवानों को सिख मार्शल आर्ट्स में निपुण करने के लिए गतके की किटें बांटी। श्री ननकाना साहिब में आयोजित एक कार्यक्रम में वहां के निरवैर अखाड़ा और अन्य सिख नौजवानों को गतके की तीन किटें सौंपी गई। गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी प्रेम सिंह प्रेम ने एक संदेश में कहा कि इस पावन-पवित्र भूमि में श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश हुआ था।
गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब के नजदीक वह सात गुरुद्वारा साहिब भी सुशोभित हैं, जहां श्री गुरु नानक देव जी ने कौतक दिखाए। गुरुद्वारा साहिब के नाम गुरुद्वारा पट्टी साहिब, गुरुद्वारा कियारा साहिब, गुरुद्वारा बगला साहिब और गुरुद्वारा तब्बू साहिब हैं।
उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब के भीतर प्रवेश करते ही दो बड़ी शिलापट्ट स्थापित किए गए हैं। जिन पर उन शहीदों के नाम लिखे हुए हैं, जिन्होंने गुरुद्वारा लहर में इस पवित्र अस्थान को आजाद करवाने के लिए शहादत दी थी।
उसके कुछ गज की दूरी पर पवित्र कुआं है। यह ऐतिहासिक कुआं श्री गुरु नानक देव जी के घर के परिसर में ही स्थित था। तब से संगत इस कुएं का पावन जल अपने घरों में लेकर जाती है। श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश अस्थान का भवन बहुत ही प्राचीन है। गुरुद्वारा साहिब की दर्शनी ड्योढ़ी देश के बंटवारे से पहले बनी थी। ऐसा कहा जाता है कि महाराजा रंजीत सिंह ने इस पवित्र अस्थान के भवन का निर्माण करवाया था।
नगर कीर्तन में शामिल नहीं हुए इमरान खान
गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब से निकाले जाने वाले पहले नगर कीर्तन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान, पाकिस्तान पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार उस्मान बुजदार और पाकिस्तान पंजाब के गवर्नर चौधरी मोहम्मद सरवर शामिल नहीं हुए।
एसजीपीसी ने इन सभी को न्योता भेजा था। नगर कीर्तन में पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जसवंत सिंह, महासचिव आमिर सिंह सहित कार्यकारिणी के सदस्य और पूर्व अध्यक्ष बिशन सिंह व मस्तान सिंह सहित पाकिस्तान के सिंध व पेशावर की संगत शामिल हुई। ईटीपीबी के तरफ से सचिव तारिक वजीर खान, इमरान गोंडल भी शामिल हुए।
गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब से बसों, गाड़ियों और दोपहिया वाहनों से रवाना हुए नगर कीर्तन के पूरे रास्ते में पाकिस्तान पंजाब की पुलिस तैनात थी। लाहौर से वाघा सीमा तक नगर कीर्तन के लिए एक सड़क सुरक्षित घोषित कर दी गई थी। पाकिस्तान पुलिस की कई गाड़ियां पालकी साहिब के पीछे चल रही थी।
नगर कीर्तन में पाकिस्तानी झंडे लहराए गए
गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब से रवाना होने के साथ ही नगर कीर्तन में पाकिस्तानी झंडे लहराए गए। एसजीपीसी ने सभी गाड़ियों के आगे केसरी झंडे लगाए। पालकी साहिब के आगे चल रही पांच प्यारों की गाड़ी के पीछे भी पाकिस्तान झंडा लगाया हुआ था।
नगर कीर्तन दोनों देशों के बीच नई सांझ पैदा करेगा : भाई लौंगोवाल
इस अवसर पर भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने कहा कि नगर कीर्तन दोनों देशों के बीच एक पुल का काम करेगा। दोनों देशों के लोगों के बीच नई सांझ स्थापित होगी। नगर कीर्तन के लिए दोनों सरकारों ने पूरा सहयोग दिया। उन्होंने कहा पाकिस्तान सरकार ने नगर कीर्तन में शामिल होने के लिए गए श्रद्धालुओं के लिए सभी प्रबंध किए थे।
ऐसा अनुभव हुआ कि सतगुरु जी खुद नगर कीर्तन में शामिल है : सुखबीर
शिअद के अध्यक्ष और सांसद सुखबीर बादल ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश अस्थान श्री ननकाना साहिब पाकिस्तान से भारत आ रहे नगर कीर्तन के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
अटारी सड़क सीमा पर इस अलौकिक नगर के स्वागत और दर्शन करते समय खालसाई जोश व उमंग देख ऐसा अनुभव हुआ जैसे सतगुरु जी खुद नगर कीर्तन में शामिल हो। अरदास है कि श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित नगर कीर्तन दोनों देशों की संगत के लिए सांझ का नया संदेश लेकर आएगा।