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डीएसपी के नाम पर मांगी थी 50 लाख की रिश्वत, दो के खिलाफ चालान पेश
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डीएसपी के नाम का दुरुपयोग कर 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में सीबीआई ने दो आरोपियों के खिलाफ सीबीआई अदालत में चालान पेश कर दिया है। आरोपियों की पहचान जींद निवासी अनिल मोर और कैथल के अर्जुन नगर चीका रोड निवासी दिलबाग सिंह के रूप में हुई है।
दरअसल, 9 अप्रैल 2021 को मोहित शर्मा की शिकायत पर सीबीआई ने मामला दर्ज किया था। मोहित शर्मा अंबाला स्थित एमएस फैंटेसी गेमिंग टेक्नोलॉजी के डायरेक्टर हैं। उन्होंनेे बताया था कि जीरकपुर पुलिस ने एक मामले में कार्रवाई करतेेे हुए उनके बैंक खाते सील कर दिए थे, जिन्हें खुलवानेेे की एवज में अनिल मोर और उसके साथियों ने 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। इनमें से साढ़े 12 लाख रुपये वह दे चुके थे। उसके बाद उन्होंने मामले की सूचना सीबीआई को दे दी। इसके बाद जब आरोपियों ने दस लाख रुपये लेने के लिए मोहित को फिर बुलाया तो सीबीआई ने ट्रैप लगाकर दोनों आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था। उसके बाद सीबीआई ने दिलबाग सिंह का एक और अनिल मोर का दो दिन का रिमांड हासिल किया था। उसके बाद अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया था। हालांकि 60 दिन में चालान पेश न होने के कारण दोनों आरोपियों को जिला अदालत से जमानत मिल गई थी।
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दरअसल, 9 अप्रैल 2021 को मोहित शर्मा की शिकायत पर सीबीआई ने मामला दर्ज किया था। मोहित शर्मा अंबाला स्थित एमएस फैंटेसी गेमिंग टेक्नोलॉजी के डायरेक्टर हैं। उन्होंनेे बताया था कि जीरकपुर पुलिस ने एक मामले में कार्रवाई करतेेे हुए उनके बैंक खाते सील कर दिए थे, जिन्हें खुलवानेेे की एवज में अनिल मोर और उसके साथियों ने 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। इनमें से साढ़े 12 लाख रुपये वह दे चुके थे। उसके बाद उन्होंने मामले की सूचना सीबीआई को दे दी। इसके बाद जब आरोपियों ने दस लाख रुपये लेने के लिए मोहित को फिर बुलाया तो सीबीआई ने ट्रैप लगाकर दोनों आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था। उसके बाद सीबीआई ने दिलबाग सिंह का एक और अनिल मोर का दो दिन का रिमांड हासिल किया था। उसके बाद अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया था। हालांकि 60 दिन में चालान पेश न होने के कारण दोनों आरोपियों को जिला अदालत से जमानत मिल गई थी।
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