पाक बॉर्डर पर अकालियों के धरने की 5 खास बातें
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अकाली दल द्वारा पंजाब में नशे की तस्करी के खिलाफ अटारी बॉर्डर पर दिए गए धरने की 5 महत्वपूर्ण बातें जानिए। अटारी बॉर्डर पर धरना दे रहे शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पंजाब के माथे पर लगे नशे के कलंक को खत्म करने के लिए पार्टी अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
उन्होंने कहा कि सीमा पार से आने वाला नशा रोकने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी के सामने बात रखी जाएगी। साथ ही मध्य प्रदेश और राजस्थान से पंजाब पहुंचने वाले नशों को रुकवाने के लिए भी आवाज उठाएंगे।
सुखबीर ने ये अहम बातें संबोधन में कहीं
- सीमाओं पर सुरक्षा मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार बजट में रखे विशेष राशि
- मध्यप्रदेश और राजस्थान के पंजाब आने वाला नशा रोकने पर की जाएगी चर्चा
- पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सरकारों के साथ भी बातचीत करे केंद्र सरकार
भारत-पाक सीमा को सील करने की मांग
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा पार से तस्करी रोकने के लिए अमेरिका और मैक्सिको बार्डर की तरह भारत पाक सीमा को भी सील कर देना चाहिए। सरहद पर अत्याधुनिक तकनीकों से युक्त उपकरण लगाने चाहिए ताकि नशा तस्करी को रोका जा सके। साथ ही सेंसर, सीसीटीवी, स्कैनर आदि लगाना भी समय की जरूरत है।
सुखबीर बादल ने कहा कि बीएसएफ और अन्य सुरक्षा बलों को चौकस किया जाना चाहिए, जिनकी लापरवाही से सीमा पार से नशा पंजाब में आ रहा है।
केंद्र सरकार को चाहिए कि वह सुरक्षा बलों को आधुनिक सुविधाएं देने के लिए आने वाले बजट में विशेष सुरक्षा राशि का प्रावधान करे। सीमा पार से आ रहे नशे को रोकने के लिए भारत को पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सरकारों के साथ भी बातचीत करनी चाहिए।
दूसरे राज्यों के कारण नुकसान
सुखबीर ने कहा कि पड़ोसी राज्यों राजस्थान व मध्यप्रदेश में भारी मात्रा में अफीम आदि नशों की खेती की जाती है। नशा तस्कर वहां से पंजाब सप्लाई करते हैं। दोनों राज्य अफीम और भुक्की के ठेकों से हर वर्ष सौ से सवा सौ करोड़ रुपये कमाते हैं और इसका नुकसान पंजाब और अन्य राज्यों को हो रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को भी पता है कि किन राज्यों में रेव पार्टियां होती है। गोवा में एनडीपीएस एक्ट के तहत वर्ष 2013 में 55 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जो एक मजाक है। पंजाब में पिछले समय के दौरान 25 हजार से अधिक लोगों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है और भारी मात्रा में नशा पकड़ा भी है।
कांग्रेस पर लगाए झूठे प्रचार के आरोप
सुखबीर ने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस एक योजनाबद्ध ढंग से अकाली दल के खिलाफ नशा का झूठा प्रचार कर रही है।
कांग्रेस के अध्यक्ष बाजवा ने ही नशा के व्यापारी भोला को कानून के शिकंजे से पहले बचाया था और फिर बाजवा ने ही भोला के खिलाफ चल रही जांच को अन्य जिले में तब्दील करवाया था।
उन्होंने कहा कि रैली में नशोड़ियों के शामिल होने संबंधी सुनील जाखड़ के बयान ने साबित कर दिया है कि विपक्ष के नेता की सोच अब बीते समय की बात हो गई है।
मजीठिया बोले, बीएसएफ के खिलाफ नहीं अकाली
कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि अकाली दल का प्रदर्शन बीएसएफ के खिलाफ नहीं है। सिर्फ कांग्रेस ने ही यह प्रचार किया है कि अकाली दल बीएसएफ के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है। कांग्रेस ने एक सुनियोजित साजिश रची है। भोला और बाजवा एक ही बयान देते हैं। साजिश के तहत कांग्रेस अकाली दल और पंजाबियों को बदनाम कर रही है।
अकाली दल के सांसद रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा ने कहा कि लोगों को चाहिए कि वे नशा तस्करों के चेहरों को बेनकाब करें। इस दौरान अकाली नेताओं सुच्चा सिंह लंगाह, वीर सिह लोपोके, विरसा सिंह वल्टोहा, निर्मल सिंह काहलों, इंदरबीर सिंह बुलारिया ने भी धरने को संबोधित किया।
हुसैनीवाला बॉर्डर पर भी दिया धरना
उधर, फिरोजपुर के हुसैनीवाला बार्डर से लगभग चार किलोमीटर पीछे सीमांत गांव बारेके की दाना मंडी में अकाली दल ने धरना दिया। इसमें फिरोजपुर, मुक्तसर, फरीदकोट, संगरूर, पटियाला, बरनाला, फतेहगढ़ साहिब आदि से कार्यकर्ताओं व नेताओं ने हिस्सा लिया।
सर्कल महासचिव सुखदेव सिंह ढींडसा, कैबिनेट मंत्री शरणजीत सिंह ढिल्लों, खजाना मंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा, विधायक संत बलबीर सिंह, विधायक प्रकाश चंद गर्ग, महेशइंद्र सिंह निहाल व वरदेव सिंह मान ने कैबिनेट मंत्री जनमेजा सिंह सेखों, कैबिनेट मंत्री जत्थेदार तोता सिंह, मेंबर लोकसभा प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने धरने को संबोधित किया।
इसके अलावा फाजिल्का में सादगी बार्डर से कुछ दूरी पहले धरना दिया गया। इसमें फाजिल्का, बठिंडा, मानसा व श्री मुक्तसर साहिब जिलों के अकाली नेताओं व वर्करों ने हिस्सा लिया।
यहां सीनियर अकाली नेता बलविंदर सिंह भूंदड़ सदस्य राज्यसभा, कैबिनेट मंत्री सिकंदर सिंह मलूका, सांसद शेर सिंह घुबाया, ओएसडी सतिंदरजीत सिंह मंटा, देहाती प्रधान गुरपाल सिंह ग्रेवाल, विधायक गुरतेज सिंह घुड़ियाना ने अपने विचार रखे।