एक मौत पर 5.56 करोड़ का मुआवजा, चौंका देगा
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मोटर एक्सिडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल ने छह साल पहले सड़क हादसे में मारे गए एनआरआई मनिंदर सिंह के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। ट्रिब्यूनल ने मृतक के परिवार को 5.56 करोड़ का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।
अब तक के इतिहास में यह सबसे बड़ा मुआवजा है। कोर्ट ने बस कंपनी व इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ जब केस अदालत में दायर हुआ था। उस समय से उक्त रकम पर छह प्रतिशत ब्याज भी देना होगा।
ऐसे बांटा जाएगा मुआवजा
जानकारी के मुताबिक मृतक के पिता दलजीत सिंह, माता परमिंदर कौर हैं। जो फेज-10 में रहते हैं। जबकि मृतक की पत्नी सुरेश इंद्रजीत कौर और मनसुंदर सिंह दोनों यूएस में हैं।
अदालत ने तय किया है कि मुआवजा राशि में से पांच करोड़ मृतक की पत्नी और बेटे में बांटा जाएगा। जबकि 56.55 लाख रुपये मृतक के परिजनों को दिया जाएगा।
ये है मामला
जानकारी के मुताबिक मनदीप सिंह (48) यूएसए में रहता था। वह पेशे से चार्टेड अकाउंटेंट था। मनदीप सिंह की सालाना आमदनी 66 लाख के करीब थी। उसके परिजन फेज-10 में रहते थे।
मनदीप सिंह इंडो कैनेडियन बस सर्विस से 16 नवंबर 2009 में दिल्ली से पंजाब आ रहा था, लेकिन इसी बीच शंभु-राजपुरा रोड पर सुरिंदरा पाइप फैक्टरी के पास ड्राइवर बस से संतुलन खो बैठा था।
इसके बाद बस बेकाबू होकर एसवाईएल नहर में गिर गई थी। इसमें एनआरआई की मौत हो गई थी, जिस समय घटना हुई थी उस समय बस में बस-कंडक्टर समेत छह लोग सवार थे। इस संबंधी केस सदर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज हुआ था।
इसके बाद मृतक के परिवार वालों ने बस ड्राइवर हरदेव सिंह, इंडो कैनेडियन ट्रांसपोर्ट कंपनी और आईसीआईसीआई लोबार्ड जनरल इंश्योरेंस के खिलाफ अप्रैल 2010 में केस दायर किया था।