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चंडीगढ़ मेट्रो प्रोजेक्ट में चौथी बार मिली खामियां, फिर अटकी योजना

Sun, 10 Apr 2016 01:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 10 Apr 2016 01:33 AM IST
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4th time MOUD get  7 flaws in DPR of metro project
रिपोर्ट - फोटो : demo pics

मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए प्रशासन गंभीर नहीं है। चार वर्षों की दिमागी कसरत के बाद प्रशासन डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तक तैयार नहीं कर पाया है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय (एमओयूडी) ने मेट्रो डीपीआर में सात खामियां निकालीं हैं। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है बल्कि तीन बार पहले भी हो चुका है। प्रशासन खामियां दूर कर जैसे ही डीपीआर मंत्रालय को अधिसूचना के लिए भेजता है, उसमें फिर कमियां निकाल दी जाती हैं।

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इस बार डीपीआर में 7 आपत्तियां मंत्रालय ने उजागर की हैं। इन सातों सवालों के जवाब 20 अप्रैल तक प्रशासन से मांगे गए हैं। बार-बार खामियां निकलना प्रोजेक्ट देख रहे अधिकारियों की गंभीरता पर भी सवाल उठाते हैं। अधिसूचना जारी होने के बाद एक अप्रैल से मेट्रो प्रोजेक्ट पर जमीनी काम शुरू होना था। लेकिन मंत्रालय को प्रशासन की डीपीआर ही रास नहीं आई है। अब प्रोजेक्ट का काम और देरी से शुरू होगा। इससे पहले पंजाब और हरियाणा की सहमति न लेने का सवाल प्रशासन से किया गया था। जिसके बाद दोनों राज्यों से लिखित सहमति लेकर मंत्रालय को लेटर भेजा गया था।
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इन सवालों के मांगे जवाब
एमओयूडी ने प्रशासन से जो सवाल पूछे हैं, उनमें सबसे अहम यह है कि प्रशासन अपने हिस्से का पैसा कहां से लाएगा। मेट्रो रेल कॉरिडोर के साथ लगती जमीन की कीमतों को कैसे संतुलित किया जाएगा। मेट्रो के लिए तैयार किए जाने वाले स्पीड कॉरिडोर कैसे होंगे और ट्रैक स्पीड क्या होगी। मेट्रो के साथ लगती जमीन का एफएआर बढ़ाने और शहरवासियों पर लगाए जाने वाले मेट्रो सेस के बारे में भी स्पष्टीकरण मांगा है।
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4 साल की देरी के कारण प्रोजेक्ट 3 हजार करोड़ महंगा

4th time MOUD get  7 flaws in DPR of metro project
चंडीगढ़़ मेट्रो परियोजना - फोटो : demo pics

20 अप्रैल से पहले प्रशासन सातों सवालों के जवाब मंत्रालय के पास भेजेगा। इसके बाद मंत्रालय ही इसकी अधिसूचना जारी करेगा। मेट्रो का पूरा काम ग्रेटर चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (जीसीटीसी) देखेगी। अधिसूचना के बाद जीसीटीसी कंपनी के एमडी से लेकर पूरा स्टाफ नियुक्त होगा। कंपनी का अलग से खाता होगा। जिसमें बजट आएगा।

देरी से बजट में बड़ी बढ़ोतरी
पहले ही प्रोजेक्ट चार साल की देरी के कारण 3 हजार करोड़ महंगा हो गया है। सबसे पहले प्रशासन ने 2012 में मेट्रो के लिए डीपीआर तैयार की थी जो 10,900 करोड़ की थी। अब प्रोजेक्ट का बजट 13, 909 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। जितनी देरी होगी बजट उतना ही बढ़ता जाएगा।

यह है संशोधित डीपीआर
संशोधित डीपीआर के अनुसार मेट्रो पर 2016 से काम शुरू होना है जिसे 2021 तक खत्म करना होगा। मेट्रो के चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा में कुल 30 स्टेशन होंगे। इनमें 19 स्टेशन एलिवेटेड होंगे और 11 अंडरग्राउंड। मेट्रो की गति 80 से 85 किमी प्रति घंटा होगी। तीनों शहरों में मेट्रो रूट को दो गलियारों में बांटा गया है। एक गलियारा 25.07 किलोमीटर और दूसरा 12.49 किलोमीटर का होगा। मेट्रो ट्राइसिटी में 37 किलोमीटर के रूट पर दौड़ेगी।

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