'आप' के 45 कार्यकर्ताओं समेत संस्थापकों ने छोड़ी पार्टी
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पंचकूला में आम आदमी पार्टी के 45 कार्यकर्ताओं, कार्यकारी समिति और संस्थापक सदस्यों ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। सभी ने अपनी जिम्मेदारी भी पार्टी को सौंप दी है।
पार्टी नेता आनंद प्रकाश, केपी सिंह, शालिनी मालविया, राजीव खुराना, रंजीत, अर्पण गुप्ता, राजेश सूद, अवतार, सीमा, रेखा, गुरप्रीत सिंह, सतिंद्र आजाद, एसपी सिंह सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने सेक्टर-6 में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में कहा कि वह पार्टी के अंदर चल रहे घटनाक्रम एवं हालातों से परेशान हैं। इसीलिए वह पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पार्टी अपनी दिशा से पूर्णत: भटक चुकी है। आनंद प्रकाश एवं केपी सिंह ने कहा कि हमारे लिए आप ऐसा साझा मंच था, जो विलक्षण प्रतिभाओं को आगे लाकर देश में वैकल्पिक राजनीति की स्थापना कर सके। उनका लक्ष्य सिर्फ चुनाव जीतना ही नहीं था।
राष्ट्रीय नेताओं ने जो योगेंद्र यादव पर कार्रवाई की है, उसका औचित्य भी समझ से परे है। योगेंद्र ने हमेशा दिल्ली के चुनाव में बढ़कर हिस्सा लिया। ऐसे में उन पर पार्टी को हराने के आरोप समझ नहीं आते।
आप का कार्यकर्ताओं संग व्यवहार शर्मनाक
कार्यकर्ताओं ने कहा कि जिस तरह से पार्टी के आंतरिक लोकपाल, एडमिरल रामदास के साथ व्यवहार किया गया और बाहर का रास्ता दिखाया गया, वह समझ में नहीं आया। सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी जैसे सधे हुए सामाजिक कार्यकर्ता के साथ हुआ व्यवहार शर्मनाक है।
उन्हें संसदीय दल के नेतृत्व से हटा दिया गया। उनके घर के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन करवाये गए। यह हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है। ऐसे लगभग 9 मुद्दों को लेकर इन कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ दी। वहीं आप की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता हरेंद्र सिंह सैनी ने कहा है कि जिन लोगों ने आम आदमी पार्टी पंचकूला से इस्तीफा दिया है वह एक नाटक है। क्योंकि इनमें से अधिकतर को पहले ही पार्टी से निष्कासित किया जा चुका है।
हरेंद्र सिंह सैनी ने कहा कि पार्टी के जो कार्यकर्ता पार्टी छोड़ने की बात कह रहे हैं, इन्होंने लोकसभा चुनावों में एकत्रित 26 लाख रुपये का कोई हिसाब पार्टी को नहीं दिया है। इन लोगों ने पार्टी की पावर का दुरुपयोग किया और पैसे के हेरफेर के चलते पहले ही इन्हें बाहर का रास्ता दिखाया गया था।