यूक्रेन पर रूसी हमला: खारकीव में 4000 भारतीय छात्रों ने बेसमेंट में ली शरण, पीने के पानी की भारी किल्लत, खाना भी नहीं मिला
ईशिता के पिता ने बताया कि सभी चार बेटियों की सुरक्षा और उन्हें वापस भारत लाने के लिए सांसद सनी देओल और दूतावास से संपर्क किया है। सांसद ने भी इस मामले में विदेश मंत्रालय से बात कर मदद का आश्वासन दिया है।
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रूस की सीमा से सटे खारकीव में पठानकोट की चार बेटियों के साथ चार हजार के करीब भारतीय छात्र फंसे हैं। खारकीव मेडिकल यूनिवर्सिटी के बेसमेंट में फंसी पठानकोट के पटेल नगर निवासी ईशिता के पिता धीरज महाजन ने बताया कि रात को बच्चों को खाना नसीब नहीं हुआ। जैसे ही बच्चे बेसमेंट से निकलकर 100 मीटर दूर मेस में जाने लगे तो सायरन बज उठा। सभी बच्चे वापस बेसमेंट में आकर दुबक गए। सभी बच्चों ने भूखे रात बिताई।
इशिता ने बताया कि माइनस तापमान में वो बिना हीटर के बेसमेंट में रहने को विवश हैं। पीने के पानी की सबसे ज्यादा किल्लत है। छोटे से बेसमेंट में चार हजार के करीब विद्यार्थी फंसे हैं। पीने के पानी की भारी किल्लत है। रात को लाइट्स भी बंद हो गई। सोलर लाइट के सहारे पूरी रात गुजारी। ईशिता ने बताया कि गुरुवार सुबह से लगातार बमबारी जारी है। मिसाइलों से बच्चे सहमे हैं। कई लोगों के मरने की खबरें मिल रही हैं।
रूस सीमा से सटा है खारकीव, निकलना काफी मुश्किल
व्हाट्सएप कॉल पर हुई बातचीत में ईशिता ने बताया कि सरकार का रेस्क्यू अभियान यूक्रेन की पश्चिमी सीमा की ओर चलाया जा रहा है। वहां भारतीयों की संख्या इतनी नहीं है। ज्यादातर लोग यूक्रेन के कीव, खारकीव, दनीप्रो, ओदेसा, सूमी, जेप्रीज्या पर हैं। जो हर तरफ से रूसी सीमा से सटे इलाके हैं। उन्होंने बताया कि पश्चिमी सीमा वहां से हजारों किलोमीटर दूर है। जहां से निकलने का कोई साधन नहीं। यहां कार, बस और ट्रेन सब बंद हैं।
बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं है। हर घंटे हालात बदतर होते जा रहे हैं। हर चीज की सप्लाई बंद है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और रूसी सरकार मिलकर उन्हें बाहर निकालने के प्रयास करें। ईशिता महाजन के साथ साक्षी शर्मा निवासी ढाकी, प्राची शर्मा निवासी ढाकी और आकांक्षा निवासी शास्त्री नगर इसी यूनिवर्सिटी के बेसमेंट में हैं।
ईशिता के पिता ने बताया कि सभी चार बेटियों की सुरक्षा और उन्हें वापस भारत लाने के लिए सांसद सनी देओल और दूतावास से संपर्क किया है। सांसद ने भी इस मामले में विदेश मंत्रालय से बात कर मदद का आश्वासन दिया है।
ब्राह्मण सभा ने प्रदर्शन किया
मुक्तसर में ब्राह्मण सभा 5995 ने शुक्रवार को शेर सिंह चौक पर अध्यक्ष दीपक पाल शर्मा के नेतृत्व में रोष प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार से यूक्रेन फंसे विद्यार्थियों को सुरक्षित शीघ्र भारत लाने की मांग की। अध्यक्ष दीपक पाल शर्मा ने कहा कि रूस और यूक्रेन के युद्ध ने जहां पूरे विश्व में हाहाकार मचा दिया हैं, वहीं भारत में भय का माहौल बना है। भारत से हजारों की संख्या में विद्यार्थी यूक्रेन में शिक्षा प्राप्त करने गए हैं। शर्मा के अनुसार जिला मुक्तसर से लगभग चार दर्जन बच्चे यूक्रेन पढ़ने गए हैं।