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Strike in Haryana: हड़ताल पर 40 हजार निकाय कर्मचारी, चरमराने लगी सफाई व्यवस्था, 24 मई को बुलाई बैठक

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 23 May 2022 07:14 PM IST
सार

24 मई को दोपहर बाद राज्य कमेटी की मीटिंग में हड़ताल एवं आंदोलन की समीक्षा करते हुए आगामी निर्णय लिया जाएगा।  बैठक में अनिश्चितकालीन हड़ताल का भी फैसला लिया जा सकता है।

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विस्तार

हरियाणा में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल सोमवार से शुरू हो गई। प्रदेश की 60 नगर पालिकाओं, 21 परिषदों, 11 नगर निगमों व 89 अग्निशमन केंद्रों पर कार्यरत नियमित, अनियमित व विभिन श्रेणियों के 40 हजार कर्मचारी इसमें हिस्सा ले रहे हैं। 



हड़ताल से शहरी निकाय क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था पहले दिन ही चरमरा गई। कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हुआ। नगरपालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर की जा रही हड़ताल को सर्व कर्मचारी संघ ने भी समर्थन दिया। विभिन्न विभागों के कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए हड़ताली कर्मचारियों के बीच पहुंचे और निकाय विभाग की वादाखिलाफी के विरोध में नारेबाजी की।


नपा कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने कहा एस्मा लगाने की चेतावनी के बाद भी कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहेगी। शहरों में लगे गंदगी के ढेरों व जनता को हो रही परेशानी के लिए निकाय विभाग जिम्मेदार है। मंगलवार दोपहर 12 बजे तक सरकार व विभाग की ओर से मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई तो 24 मई को दोपहर बाद राज्य कमेटी की मीटिंग में हड़ताल एवं आंदोलन की समीक्षा करते हुए आगामी निर्णय लिया जाएगा। 

बैठक में अनिश्चितकालीन हड़ताल का भी फैसला लिया जा सकता है। लगभग 15 हजार कच्चे कर्मचारियों को जबरन कौशल रोजगार निगम में भेजा जा रहा है। तत्कालीन निकाय मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में 25 अप्रैल व 17 अगस्त 2020 को हुई बैठक में मानी गईं मांगें आज तक लागू नहीं की गईं। 

कोविड-19 से कर्मचारी की मौत होने पर मृतक के आश्रितों को 50 लाख रुपये आर्थिक सहायता राशि, आश्रित को नौकरी, 4 हजार रुपये जोखिम भत्ता, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना सहित दर्जनों मांगों पर सहमति जताने के बावजूद आज तक समझौते को लागू करने के पत्र जारी नहीं किए गए।

शास्त्री ने कहा कि अग्निशमन विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर रहते हुए भी आगजनी की घटना होने पर आग बुझाने का काम कर रहे हैं, जल आपूर्ति विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर रहते हुए अपना काम कर रहे हैं। उनका मकसद जनता को परेशान करना नहीं है। सरकार पुरानी पेंशन, उनकी जायज व मानी हुई मांगों को तत्काल प्रभाव से लागू करे, हड़ताल तुरंत खत्म कर दी जाएगी। 

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