{"_id":"61953ad06bcb904cc741cbeb","slug":"32-farmer-organizations-met-punjab-cm-charanjit-singh-channi","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम के साथ किसानों की बैठक: राजेवाल बोले- मुख्यमंत्री ने मांगें मान ली हैं, संतुष्ट तब होंगे जब लागू हो जाएंगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम के साथ किसानों की बैठक: राजेवाल बोले- मुख्यमंत्री ने मांगें मान ली हैं, संतुष्ट तब होंगे जब लागू हो जाएंगी
Thu, 18 Nov 2021 12:08 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 18 Nov 2021 12:08 AM IST
सार
किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी के चुनाव लड़ने की घोषणा पर संयुक्त किसान मोर्चा के नेता बलबीर राजेवाल ने कहा कि उनके साथ अब मोर्चा राजनीतिक दलों के जैसा ही बर्ताव करेगा। उन्हे भी काले झंडे दिखाकर नेताओं की तरह सवाल पूछे जाएंगे।
विज्ञापन
किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल। (फाइल फोटो)
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
किसानों की 18 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ हुई 32 किसान संगठनों की बैठक में कुछ मांगों पर सहमति बन गई। इसके बाद भी किसान नेता मुख्यमंत्री के आश्वासन से संतुष्ट नहीं दिखे। किसान नेता बलवीर राजेवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मांगे मान ली है लेकिन वह संतुष्ट तब होंगे जब वह धरातल पर लागू हो जाएंगी।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री से बैठक के बाद किसान नेता बलबीर राजेवाल ने चंडीगढ़ में कहा कि किसानों ने 18 सूत्रीय मांगें रखी थीं। जिनमें से अधिकांश पर सहमति बन गई है लेकिन सूबे के किसानों का 90 हजार करोड़ रुपये कर्ज माफ करने पर सहमति नहीं बन पाई। किसानों की यह प्रमुख मांग थी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अब सरकार को किसानों की अन्य मांगों को लागू करना महत्वपूर्ण है। अगर समयबद्ध तरीके से मांगें लागू हो जाती हैं तो सभी किसान सरकार का धन्यवाद करेंगे। उन्होंने कहा कि कृषि कानून केंद्र के बनाए कानून हैं। पंजाब सरकार इन्हें रद्द करने के लिए केंद्र पर सिर्फ दवाब बना सकती है लेकिन रद्द ये देश की संसद में ही होंगे।
विज्ञापन
बैठक से पहले हुआ हंगामा
मुख्यमंत्री के साथ किसानों की बैठक से पहले पंजाब भवन में जमकर हंगामा हुआ। पुलिस कर्मियों के किसान नेताओं को धक्का देने के बाद किसान नेता बिफर गए और बैठक का बहिष्कार कर दिया। जिसके बाद मुख्यमंत्री चन्नी और कृषि मंत्री नाभा किसानों को मनाने पहुंचे। जिसके बाद किसान बैठक में शामिल हुए।