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Hindi News ›   Chandigarh ›   31 feet high inscription to be built on the main gate of Kartarpur corridor

करतारपुर कॉरिडोर के मुख्य द्वार पर बनेगा 31 फुट ऊंचा शिलालेख, होगा बेहद खास

Thu, 24 Oct 2019 01:53 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कपूरथला/बटाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कपूरथला/बटाला (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Thu, 24 Oct 2019 01:53 AM IST
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31 feet high inscription to be built on the main gate of Kartarpur corridor

श्री करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए आने-जाने वाली संगत का स्वागत 31 फुट ऊंचा ‘एकओंकार’ और भाई मरदाना की पांच धातुओं से निर्मित ‘रबाब’ करेगी। डेरा बाबा नानक में करतारपुर कॉरिडोर के मुख्य द्वार पर सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित अद्भुत शिलालेख का निर्माण कराया जा रहा है। 

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यह शिलालेख दुनिया की सिख संगत के लिए आकर्षण का केंद्र होगी। जहां उम्दा किस्म की स्टील से लेजर कट से बनने वाला 9 फुट ऊंचा ‘एक ओंकार’ घूमता दिखेगा। वहीं सवा पांच फुट ऊंची रबाब और शिलालेख पर अंकित किए जाने वाले मूलमंत्र और ‘इक बाबा अकाल रूप दूजा रबाबी मरदाना’ भी पांच धातुओं के मिश्रण से लिखा जाएगा। 
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इस समय दिल्ली में शिलालेख पर सुशोभित होने वाले धार्मिक चिह्न का निर्माण चल रहा है। इन धार्मिक चिह्नों को गन मैटल, पीतल और तीन अन्य धातुओं के इस्तेमाल से बनाया जा रहा है, जिससे इनकी लुक नेचुरल लगे।

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सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट के डा. एसपी सिंह ओबराय ने बताया कि ट्रस्ट के आर्टिस्टों की मदद से इस शिलालेख का डिजाइन इस ढंग से बनवाया गया है कि यह श्री करतारपुर साहिब को जाने वाले और वहां लौटने वाली संगत को एक सा दिखाई प्रतीत हो। उन्होंने बताया कि इस पर लगने वाला 9 फुट ऊंचा ‘एक ओंकार’ उत्तम क्वालिटी के स्टील से बनेगा, जिसे लेजर कट तकनीक से स्थापित किया जाएगा। जिससे यह हमेशा चमचमाता रहेगा। 

यह मोटर के माध्यम से स्लो मोशन में लगातार घूमता रहेगा। इसके अलावा शिलालेख पर लगने वाली रबाब पांच फुट ऊंची होगी और उसे पांच धातुओं के मिश्रण से ढालकर सांचे की मदद से तैयार किया है। इस शिलालेख पर लिखा जाने वाला मूल मंत्र और शबद ‘इक बाबा अकाल रूप दूजा रबाबी मरदाना’ भी पांच धातुओं के मिश्रण से बनाया गया है। 

शिलालेख पर उच्च स्तरीय सफेद पत्थर लगेगा। इसके आसपास विशेष लाइटिंग की जाएगी, जो आकर्षित करेंगी। उन्होंने बताया कि कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा की देखरेख और पेशेवर आर्टिस्ट सवरनजीत सिंह सवी, आर्किटेक्ट सुरिंदर सिंह, अमरजीत सिंह ग्रेवाल की निगरानी में इस शिलालेख का काम शुरू हो चुका है और कॉरिडोर के उद्घाटन से पहले यह कार्य पूरा हो जाएगा।

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