Haryana News: 14 जिलों की 303 कॉलोनियां नियमित, बकाया संपत्ति कर पर सारा ब्याज व जुर्माना माफ
हरियाणा के 11 जिलों की 21 पालिकाओं की 193 कॉलोनी नगर एवं योजना विभाग के 110 कुल मिलाकर 303 कॉलोनीयों को नियमित कर दिया गया है। 31 जनवरी 2024 तक 509 बची पॉकेट की कॉलोनियों को नियमित किया जाएगा। सीएम मनोहर लाल ने यह एलान चंडीगढ़ में किया।
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हरियाणा सरकार ने त्योहारों से पहले लोगों को बड़ी राहत देते हुए 14 जिलों की 303 अवैध कॉलोनियों को तत्काल प्रभाव से नियमित कर दिया है। इनमें 39 नगर पालिकाओं की 193 कॉलोनियां और नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग की 110 कॉलोनियां शामिल हैं। इन कॉलोनियों में 2,90,540 संपत्तियां बनी हैं। इस फैसले से 10 लाख से अधिक आबादी लाभान्वित होगी। इसके अलावा सरकार ने प्रदेश के लोगों का बकाया संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) पर सारा ब्याज और जुर्माना शत-प्रतिशत माफ करने की घोषणा की।
लोगों का करीब आठ हजार करोड़ संपत्ति कर बकाया है और इस पर करीब आठ हजार करोड़ रुपये ब्याज और जुर्माना है। सरकार के इस फैसले से संपत्ति मालिकों के लगभग आठ हजार करोड़ रुपये सीधे बचेंगे। इसके अलावा बकाया संपत्ति कर की मूल राशि जमा करवाने पर भी 15 प्रतिशत छूट देने की घोषणा की है। संपत्ति मालिकों को छूट मिलने के बाद लगभग 1200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। यह छूट 31 दिसंबर तक जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नौ साल में 1438 कॉलोनियों को नियमित किया गया है, जबकि कांग्रेस सरकार के 10 वर्ष के कार्यकाल में केवल 874 कॉलोनियों को नियमित किया गया था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पहली बार पालिका क्षेत्र के बाहर की कॉलोनियों को नियमित किया है। इसके लिए नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। इसी समिति की सिफारिश पर ऐसी कॉलोनियों को नियमित किया गया है।
कॉलोनियों के बुनियादी ढांचे पर प्रति एकड़ 60 लाख खर्च करेगी सरकार
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन कॉलोनियों में सीवर लाइन, जलापूर्ति, सड़कें, स्ट्रीट लाइट, पार्क और अन्य विकास कार्यों के लिए तीन हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नियमित हो रही ये अधिसूचित कॉलोनियां कुल 5000 एकड़ जमीन पर बसी हैं। इनमें नागरिक सुविधाएं तैयार करने और अन्य विकास कार्यों पर सरकार प्रति एकड़ 60 लाख रुपये खर्च करेगी।
31 जनवरी तक 1507 कॉलोनियों को पक्का करने का लक्ष्य
हरियाणा में 1507 कॉलोनियां अब भी कच्ची हैं। इनमें 936 शहरी स्थानीय निकाय की हैं और 571 बाहरी क्षेत्रों में स्थित हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि 31 जनवरी 2024 तक इन कॉलोनियों को भी नियमित कर दिया जाएगा। जिला स्तर पर उपायुक्त और जिला नगर आयुक्त की अध्यक्षता में गठित टीम अधिसूचना की प्रगति की निगरानी करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इसके बाद प्रदेश में अनधिकृत कॉलोनियां विकसित न हों, इस पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। अगर कोई अवैध कॉलोनी बनती है तो उसे ढहा दिया जाएगा।
कमर्शियल गतिविधियां को भी मिलेगी मान्यता
पहले नियम था कि अवैध कॉलोनियों में सिर्फ चार फीसदी क्षेत्र कॉमर्शियल गतिविधियों के लिए पंजीकृत किया जाएगा, मगर सरकार ने अब इस नियम में भी छूट दे दी है। सरकार ने कारोबारी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए चार फीसदी से अधिक कामर्शियल गतिविधियों को अतिरिक्त शुल्क के साथ नियमित करने की स्वीकृति दे दी है। हालांकि इसमें मॉल, मल्टीप्लेक्स, होटल और बैंक्वेट हॉल शामिल नहीं होंगे।
विकास शुल्क भुगतान में राहत
प्रदेश के नागरिकों पर एकमुश्त विकास शुल्क का बोझ नहीं डाला जाएगा। इसमें राहत देते हुए सरकार ने विकास शुल्क की अदायगी को भवन नक्शा और बिक्री से जोड़ने का फैसला लिया है। सीएम ने कहा कि अनधिकृत कॉलोनियों में सेल डीड पर खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। अब सरकार ने रियायत देते हुए एक जुलाई 2022 से पहले की सेल डीड को मान्यता दे दी है। जिन लोगों ने अपनी सेल डीड या एग्रीमेंट टू सेल को पंजीकृत करा रखा था, उन्हें बेचा हुआ माना जाएगा।
प्रॉपटी टैक्स भरने के लिए लगाए जाएंगे कैंप
मुख्यमंत्री ने बताया कि लोगों का जो प्रॉपर्टी टैक्स बकाया था, उसे भरने के लिए सरकार सभी जिलों में कैंप लगाएगी। कैंप लगाने से पहले संपत्ति मालिकों को संदेश भेजा जाएगा। इसके अलावा प्रॉपर्टी टैक्स में जो विवाद हैं, उन्हें भी मौके पर निपटाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कई लोगों को जानकारी ही नहीं थी कि उनका प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। प्रॉपर्टी आईडी बनने से फायदा हुआ कि लोगों को अपने टैक्स व संपत्ति के बारे में पता चल गया है।