मोदी सरकार में मंत्री बनने को तैयार, ये 3 दावेदार
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विभिन्न टीवी चैनलों पर प्रसारित हुए एग्जिट पोल में केंद्र में एनडीए सरकार बनने के संबंध में जताई गई संभावनाओं के मद्देनजर पंजाब भाजपा और शिअद नेताओं में जश्न का माहौल है।
शिअद-भाजपा गठबंधन नेता केंद्र में एनडीए सरकार बनने की सूरत में प्रदेश से तीन नेताओं का केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्थान तय मान रहे हैं।
इनमें प्रमुख रूप से अमृतसर भाजपा प्रत्याशी अरुण जेटली, संगरूर से शिअद के सुखदेव सिंह ढींढसा और बठिंडा से शिअद की हरसिमरत कौर बादल के नाम भी शामिल हैं।
जेटली भाजपा के उन चंद नेताओं में शामिल हैं, जो हमेशा पार्टी के अहम फैसलों का हिस्सा रहे हैं।
जेटली के हारने की आशंका है
हालांकि, एक टीवी चैनल के एग्जिट पोल में जेटली की हार की आशंका व्यक्त की गई है, लेकिन इसके बावजूद उनका मोदी सरकार बनने की सूरत में मंत्री पद पाना तय है, वह भी महत्वपूर्ण मंत्रालय का। बात सुखदेव सिंह ढींढसा की करें तो वह मौजूदा समय में राज्यसभा के सदस्य भी हैं।
संगरूर से उनकी भी जीत-हार का कोई ज्यादा असर उनके सियासी भविष्य पर पड़ता दिखाई नहीं पड़ता, क्योंकि एक तो वह शिअद के वरिष्ठ नेता हैं, दूसरे पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के समर्थकों में उनका नाम सबसे ऊपर है। इससे भी बढ़कर वह वाजपेयी सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं।
हरसिमरत के अलावा अन्य दावेदार नहीं
जहां तक सवाल बठिंडा से शिअद प्रत्याशी हरसिमरत कौर बादल का है, तो उनका केंद्र में मंत्री बनना निश्चित माना जा रहा है। वाजपेयी सरकार में उनके पति, पंजाब के उप मुख्यमंत्री एवं शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल मंत्री रह चुके हैं।
मौजूदा हालात में उनके अलावा बादल परिवार का कोई सदस्य केंद्र सरकार में मंत्री पद का दावेदार नहीं है। इससे भी बढ़कर एनडीए के पुराने साथियों में केवल शिव सेना और शिअद ही शामिल हैं।
ऐसे में इन दोनों दलों को एनडीए सरकार में प्रमुखता मिलेगी। ऐसे में पंजाब से एक भाजपा और दो शिअद नेताओं को मंत्री पद मिलना तय है।