फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   3 New Ways Suggestions for Chandigarh Airport Road

चंडीगढ़ हवाई अड्डा रोड के लिए सुझाए गए ये रास्ते

Sun, 08 Jun 2014 10:15 AM IST
डॉ. सुरेंद्र धीमान/अमर उजाला, चंडीगढ़
डॉ. सुरेंद्र धीमान/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 08 Jun 2014 10:15 AM IST
विज्ञापन
3 New Ways Suggestions for Chandigarh Airport Road

चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल तक मौजूदा सड़क के जरिए पहुंचने की उम्मीद लगभग समाप्त हो गई है। सेना ने इस रास्ते की इजाजत नहीं दी है। अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ने एक नया रास्ता सुझाया है जो चंडीगढ़ प्रशासन की जमीन से गुजरेगा। इसलिए अथॉरिटी ने निदेशक मंडल में चंडीगढ़ प्रशासन के एक अधिकारी को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में नियुक्त करने की पेशकश की है।

विज्ञापन


अंबाला-चंडीगढ़ मार्ग से एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए फिलहाल जिस सड़क का इस्तेमाल किया जा रहा है, उससे नए टर्मिनल तक पहुंचने के लिए 220 मीटर लंबा रास्ता मौजूदा हवाई अड्डे के नीचे से (अंडरग्राउंड) बनाने की जरूरत थी। इसमें सेना की जमीन और इजाजत की जरूरत थी। करीब साढ़े तीन साल तक यह मामला लंबित रहा। हर बैठक में सेना के प्रतिनिधि इससे मना करते रहे। हालांकि सेना की तरफ से लिखित में मना करने का जवाब अथॉरिटी के पास नहीं पहुंचा है, मगर यह माना जा रहा है कि इस पुराने रास्ते का इस्तेमाल नहीं हो सकेगा।
विज्ञापन


चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट में हरियाणा और पंजाब की 24.5 फीसदी बराबर हिस्सेदारी है, जबकि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की 51 फीसदी है। इसके निदेशक मंडल में अथॉरिटी के पांच, हरियाणा और पंजाब के दो-दो निदेशक हैं। बोर्ड की पिछली बैठक में हरियाणा ने सुझाव दिया कि एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए अंबाला-चंडीगढ़ मार्ग पर रामदरबार के साथ लगती सड़क का इस्तेमाल किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


मौजूदा रास्ते के लिए हरियाणा ने पूरा जोर लगाया
एयरपोर्ट के नए टर्मिनल तक पहुंचने के लिए मौजूदा रास्ते को बनाए रखने के लिए हरियाणा सरकार ने पूरा जोर लगाया मगर बात नहीं बनी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने तत्कालीन मंत्री प्रफुल्ल पटेल से बात की थी। तत्कालीन मुख्य सचिव उर्वशी गुलाटी ने भी केंद्रीय नागरिक विमानन सचिव से बात की थी और पत्र लिखा था। हरियाणा ने तो रास्ते की फिजिबिलिटी चेक करने के लिए भी 20 लाख रुपये दिए थे।

विकल्प एक: जीरकपुर-पटियाला मार्ग से होते हुए एयरपोर्ट तक पहुंचा जा सकता है। पंजाब ने इस प्रस्तावित सड़क के साथ एयरोसिटी बसाने की प्रक्रिया शुरू कर रखी है। चूंकि नए टर्मिनल की सारी जमीन पंजाब के मोहाली जिले में पड़ती है, इसलिए पंजाब को इस रास्ते का फायदा मिलना तय है।

विकल्प दो: यह रास्ता चंडीगढ़ के सेक्टर-48 से शुरू होकर मोहाली की तरफ से हवाई अड्डे तक पहुंचेगा। इसकी लंबाई 2.7 किलोमीटर होगी। अथॉरिटी इस रास्ते को सबसे बढ़िया बता रही है। इस रास्ते से भी पंजाब को ही फायदा होगा।

विकल्प तीन: यह नया विकल्प है। अंबाला-चंडीगढ़ मार्ग पर एयरपोर्ट चौक से ट्रिब्यून चौक की तरफ हल्लोमाजरा के पास जो पहला चौक पड़ता है, यह सड़क इसी चौक से निकलेगी। रामदरबार के पीछे से होते हुए एयरपोर्ट तक पहुंचेगी। हरियाणा चाहता है कि उसके लोग और चंडीगढ़ पहुंचने, जाने वाले वीआईपी ऐसे रास्ते का इस्तेमाल करें जो सिर्फ चंडीगढ़ क्षेत्र में पड़ता हो। हालांकि पंजाब अपनी ओर से प्रस्तावित दोनों रास्तों पर सहमत है मगर नए विकल्प पर नहीं।


हां, रामदरबार के पीछे से करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क चंडीगढ़ एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए प्रस्तावित की है। निदेशक मंडल ने चंडीगढ़ प्रशासन को पत्र लिख दिया है कि गृह सचिव या वित्त सचिव को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में भेजें ताकि इस विकल्प पर विचार किया जा सके।
-अपूर्व कुमार सिंह, हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी के मुख्य प्रशासक और एयरपोर्ट के निदेशक मंडल के निदेशक

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed