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Chandigarh News: फर्नीचर मार्केट में गिराए 29 अस्थायी टीन शेड, प्रशासन की कार्रवाई पर उठे सवाल
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चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने रविवार को कार्रवाई करते हुए सेक्टर-53 के फर्नीचर मार्केट के एक हिस्से में मौजूद 29 अस्थाई टीन शेड गिरा दिए। खबर फैली कि पुलिस और प्रशासनिक अमला फर्नीचर मार्केट तोड़ने पहुंचा है लेकिन बड़ी दुकानों पर कार्रवाई नहीं की गई, जिस पर लोगों ने सवाल उठाए। कहा कि प्रशासन अमीरों पर रहम, गरीबों पर सितम कर रहा है। वहीं, अधिकारियों ने कहा कि 116 दुकानों के जवाब की जांच चल रही है, उसके बाद तोड़ने पर फैसला लिया जाएगा।
सेक्टर-53 में रविवार को काफी हलचल रही। सुबह 6 बजे फर्नीचर मार्केट के अंदर भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचा और रास्ते को बंद कर दिया। कुछ देर में एस्टेट ऑफिस के पांच जेसीबी, नगर निगम के ट्रक, एसडीआरएफ व अन्य टीमें पहुंच गईं। फर्नीचर मार्केट के आगे कुछ अस्थायी शेड बने हुए थे, जिनमें पुराने फर्नीचर को खरीदने का काम किया जाता था। यहां कुछ चाय की दुकानें और एक ढाबा था, उन्हें गिरा दिया गया। प्रशासन के अधिकारियों की तरफ से बताया गया कि कुल 29 अस्थायी शेड गिराए गए हैं। हालांकि फर्नीचर की 116 बड़ी दुकानें हैं, उन्हें अभी नहीं गिराया गया है। कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी हुई। कई इंस्पेक्टर-डीएसपी मौजूद रहे।
मौके पर एरिया एसडीएम भी पहुंचीं थी। फर्नीचर मार्केट चौक के दोनों तरफ बैरिकेडिंग का रास्ता बंद कर दिया गया था। हालांकि जो शेड्स गिराए गए हैं, वह काफी छोटे और अस्थायी थे, जिनके पास कोई कागजात नहीं थे। इस वजह से इन्हें हटाया गया है। प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि असली फर्नीचर मार्केट के दुकानदारों से 28 जून तक जवाब मांगे गए थे। उन जवाबों पर विचार चल रहा है। जवाबों की समीक्षा के बाद ही उन पर कार्रवाई की जाएगी।
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लोग बोले- जानबूझकर दुकानदारों को दिया जा रहा समय
प्रशासन की कार्रवाई का कई लोग विरोध करते हुए भी नजर आए। हालांकि अधिक पुलिस बल होने की वजह से उनकी एक भी चल नहीं पाई। जिन दुकानदारों के स्थायी शेड टूटे, उन्होंने कहा कि प्रशासन ने पूरी मार्केट को तोड़ने का नोटिस दिया था फिर छोटे दुकानदारों पर यह कार्रवाई क्यों की गई। लोगों ने कहा कि प्रशासन या कार्रवाई कर सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है। बड़े दुकानदारों को जानबूझकर समय दे रहे हैं ताकि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की छुट्टियां खत्म हो जाएं और बड़े दुकानदार हाईकोर्ट में अपील कर सकें। कहा कि वह प्रशासन के साथ हैं लेकिन जब पूरी मार्केट टूटती, तभी उनके दुकान भी तोड़े जाने चाहिए थे।
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सेक्टर-53 में रविवार को काफी हलचल रही। सुबह 6 बजे फर्नीचर मार्केट के अंदर भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचा और रास्ते को बंद कर दिया। कुछ देर में एस्टेट ऑफिस के पांच जेसीबी, नगर निगम के ट्रक, एसडीआरएफ व अन्य टीमें पहुंच गईं। फर्नीचर मार्केट के आगे कुछ अस्थायी शेड बने हुए थे, जिनमें पुराने फर्नीचर को खरीदने का काम किया जाता था। यहां कुछ चाय की दुकानें और एक ढाबा था, उन्हें गिरा दिया गया। प्रशासन के अधिकारियों की तरफ से बताया गया कि कुल 29 अस्थायी शेड गिराए गए हैं। हालांकि फर्नीचर की 116 बड़ी दुकानें हैं, उन्हें अभी नहीं गिराया गया है। कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी हुई। कई इंस्पेक्टर-डीएसपी मौजूद रहे।
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मौके पर एरिया एसडीएम भी पहुंचीं थी। फर्नीचर मार्केट चौक के दोनों तरफ बैरिकेडिंग का रास्ता बंद कर दिया गया था। हालांकि जो शेड्स गिराए गए हैं, वह काफी छोटे और अस्थायी थे, जिनके पास कोई कागजात नहीं थे। इस वजह से इन्हें हटाया गया है। प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि असली फर्नीचर मार्केट के दुकानदारों से 28 जून तक जवाब मांगे गए थे। उन जवाबों पर विचार चल रहा है। जवाबों की समीक्षा के बाद ही उन पर कार्रवाई की जाएगी।
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लोग बोले- जानबूझकर दुकानदारों को दिया जा रहा समय
प्रशासन की कार्रवाई का कई लोग विरोध करते हुए भी नजर आए। हालांकि अधिक पुलिस बल होने की वजह से उनकी एक भी चल नहीं पाई। जिन दुकानदारों के स्थायी शेड टूटे, उन्होंने कहा कि प्रशासन ने पूरी मार्केट को तोड़ने का नोटिस दिया था फिर छोटे दुकानदारों पर यह कार्रवाई क्यों की गई। लोगों ने कहा कि प्रशासन या कार्रवाई कर सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है। बड़े दुकानदारों को जानबूझकर समय दे रहे हैं ताकि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की छुट्टियां खत्म हो जाएं और बड़े दुकानदार हाईकोर्ट में अपील कर सकें। कहा कि वह प्रशासन के साथ हैं लेकिन जब पूरी मार्केट टूटती, तभी उनके दुकान भी तोड़े जाने चाहिए थे।