संक्रमण ने बढ़ाई चिंता : पीजीआई रोहतक में 26 डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव, प्रसव कक्ष 48 घंटे रहेगा बंद
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पीजीआई रोहतक में 26 डॉक्टर कोरोना संक्रमित हो गए हैं। इसका सबसे बड़ा असर पीजीआईएमएस के महिला रोग विभाग पर पड़ा है। 19 पीजी डॉक्टर, दो सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर और एक सीनियर डॉक्टर के संक्रमित पाए जाने पर विभाग अलर्ट हो गया है। 48 घंटे के लिए सभी सेवाएं रोक दी गई है। संक्रमण फैलने का मुख्य कारण लेबर रूम को माना जा रहा है। संस्थान ने लोगों से व सरकारी एवं निजी अस्पतालों से आग्रह किया है कि वह दो दिन प्रसव के लिए पीजीआईएमएस न आएं। मरीजों को समस्या न हो इसके लिए पीजीआईएमएस ने जिला अस्पताल में अपने स्टाफ की वहां के स्टाफ की मदद के लिए तैनाती कर दी है।
पीजीआईएमएस की चिकित्सा अधीक्षक एवं वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. पुष्पा दहिया ने बताया कि संस्थान के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के लेबर रूम में तैनात करीब 26 डॉक्टर कोरोना संक्रमित हो गए हैं। इसके कारण बुधवार दोपहर बाद से विभाग के लेबर रूम को 48 घंटों के लिए सैनिटाइज कर बंद कर दिया जाएगा ताकि वहां से संक्रमण और न फैले।
डॉक्टरों, नर्सों, स्टाफ व मरीजों की सुरक्षा के लिए यह सख्त कदम उठाना जरूरी है। जांच में सामने आया कि लेबर रूम ही करोना का हॉटस्पॉट बना हुआ है। विभाग के डॉक्टरों को आदेश दिया गया है कि इलेक्टिव सर्जरी की संख्या में कमी लाएं। दूसरी ओर अन्य जिलों के सिविल सर्जनों से वार्ता की जा रही है कि अगले दो दिन सभी डिलिवरी केस सिविल अस्पताल में रखे जाएं और उन्हें पीजीआईएमएस रेफर न किया जाए ताकि दो दिन लेबर रूम को संक्रमण मुक्त किया जा सके।
डॉ. पुष्पा दहिया ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि बुधवार दोपहर बाद से डिलिवरी के लिए दो दिन सिविल अस्पताल जाएं। उनके चिकित्सक वहां मरीजों की सहायता के लिए उपलब्ध होंगे। गौरतलब है कि पीजीआईएमएस में प्रतिदिन 30 से 35 डिलिवरी होती हैं। इसमें से 10 के करीब सिजेरियन डिलिवरी होती हैं।