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Chandigarh: पानी के बिल पर लगेगा 25 फीसदी सीवरेज सेस, सदन में पास 10 प्रतिशत का प्रस्ताव दरकिनार
Tue, 25 Jul 2023 10:34 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 25 Jul 2023 10:34 AM IST
सार
बीते माह नगर निगम के प्रस्ताव पर प्रशासन ने कई आपत्तियां जताते हुए सवाल पूछे थे। पूछा था कि सेस को कम करने से निगम को जो वित्तीय नुकसान होगा, उसकी भरपाई कैसे होगी। स्वच्छता रैंकिंग के स्कोर आदि के बारे में भी चिंता जताई थी।
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पानी बिल
- फोटो : istock
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विस्तार
चंडीगढ़ प्रशासन ने पानी के बिल में वसूले जाने वाले सीवरेज सेस को 30 फीसदी से 10 फीसदी करने के पार्षदों के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। लोकल गवर्नमेंट विभाग ने सोमवार को अधिसूचना जारी कर 31 मार्च 2024 तक सीवरेज सेस को 25 फीसदी और 2024-25 के लिए 20 फीसदी कर दिया है। इससे लोगों को मामूली राहत मिलेगी।
नगर निगम की 6 मार्च को हुई सदन की बैठक में सभी पार्षदों ने पानी के बिल में लगने वाले सीवरेज सेस को 30 फीसदी से 10 फीसदी करने का प्रस्ताव पास किया था। इसके बाद इसे मंजूरी के लिए प्रशासन को भेजा गया था। ये मुद्दा मई माह में भी उठा था, जब लोगों के पास सीवरेज सेस 30 फीसदी जोड़कर पानी के बिल पहुंचे थे। करीब चार महीने बाद प्रशासन ने सोमवार को इस संबंध में फैसला लिया है।
यह भी पढ़ें: सनसनीखेज खुलासा: अनस ने पहले विजय बनकर बनाए संबंध, फिर शादी के लिए रख दी ऐसी शर्त... फंदे पर झूल गई किशोरी
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प्रशासन ने नगर निगम के प्रस्ताव के अनुसार सेस को कम नहीं किया है। हालांकि लोगों को मामूली राहत जरूर दी है। इस साल के लिए सेस पांच फीसदी कम हुआ है तो अगले साल के लिए 10 फीसदी। प्रशासन शुरू से ही सेस को प्रस्ताव के अनुसार 10 फीसदी करने के पक्ष में नहीं था। इसलिए ही फैसला लेने में समय लगा।
प्रशासन ने आपत्तियां जताते हुए पूछे थे सवाल
बीते माह नगर निगम के प्रस्ताव पर प्रशासन ने कई आपत्तियां जताते हुए सवाल पूछे थे। पूछा था कि सेस को कम करने से निगम को जो वित्तीय नुकसान होगा, उसकी भरपाई कैसे होगी। स्वच्छता रैंकिंग के स्कोर आदि के बारे में भी चिंता जताई थी। प्रशासन ने अन्य राज्यों में लगने वाले सेस की भी जानकारी मांगी थी।
जुलाई 2021 में जब पहली बार सदन ने सीवरेज सेस को 10 फीसदी करने का प्रस्ताव पास किया था तो उस समय के आयुक्त केके यादव ने प्रस्ताव पर आपत्ति भी दर्ज कराई थी, जिसे बाद में प्रशासन को भेजा गया था। हालांकि बाद में पूर्व प्रशासक ने दामों के बढ़ने पर एक साल के लिए रोक लगा दी थी।
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नगर निगम की 6 मार्च को हुई सदन की बैठक में सभी पार्षदों ने पानी के बिल में लगने वाले सीवरेज सेस को 30 फीसदी से 10 फीसदी करने का प्रस्ताव पास किया था। इसके बाद इसे मंजूरी के लिए प्रशासन को भेजा गया था। ये मुद्दा मई माह में भी उठा था, जब लोगों के पास सीवरेज सेस 30 फीसदी जोड़कर पानी के बिल पहुंचे थे। करीब चार महीने बाद प्रशासन ने सोमवार को इस संबंध में फैसला लिया है।
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प्रशासन ने नगर निगम के प्रस्ताव के अनुसार सेस को कम नहीं किया है। हालांकि लोगों को मामूली राहत जरूर दी है। इस साल के लिए सेस पांच फीसदी कम हुआ है तो अगले साल के लिए 10 फीसदी। प्रशासन शुरू से ही सेस को प्रस्ताव के अनुसार 10 फीसदी करने के पक्ष में नहीं था। इसलिए ही फैसला लेने में समय लगा।
प्रशासन ने आपत्तियां जताते हुए पूछे थे सवाल
बीते माह नगर निगम के प्रस्ताव पर प्रशासन ने कई आपत्तियां जताते हुए सवाल पूछे थे। पूछा था कि सेस को कम करने से निगम को जो वित्तीय नुकसान होगा, उसकी भरपाई कैसे होगी। स्वच्छता रैंकिंग के स्कोर आदि के बारे में भी चिंता जताई थी। प्रशासन ने अन्य राज्यों में लगने वाले सेस की भी जानकारी मांगी थी।
जुलाई 2021 में जब पहली बार सदन ने सीवरेज सेस को 10 फीसदी करने का प्रस्ताव पास किया था तो उस समय के आयुक्त केके यादव ने प्रस्ताव पर आपत्ति भी दर्ज कराई थी, जिसे बाद में प्रशासन को भेजा गया था। हालांकि बाद में पूर्व प्रशासक ने दामों के बढ़ने पर एक साल के लिए रोक लगा दी थी।