24 पाक कैदी अपने वतन लौटे, इनमें 20 मछुआरे भी शामिल, सजा पूरी होने के बाद हुई वापसी
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गुजरात की भुज जेल से 20 मछुआरों और चार कैदियों समेत 24 पाकिस्तानियों को रिहा कर अटारी सीमा के रास्ते पाकिस्तान भेज दिया। अटारी सड़क सीमा पर तैनात बीएसएफ के अधिकारियों ने उन्हें वाघा सीमा में तैनात रेंजर को सौंप दिया। मछुआरे भारत-पाकिस्तान को विभाजित करने वाली भुज की समुद्री सीमा को पार करने के आरोप में 2016 में गिरफ्तार किए गए थे।
कराची निवासी मोहम्मद यूनस ने बताया कि वह चार साल के बाद घर लौट रहा है। समुद्र में मछली पकड़ते हुए वह पाकिस्तान की सीमा लांघ गया था। दोनों देशों की सरकारों को मछुआरों को जेलों में बंद करने की बजाय उसी समय छोड़ देना चाहिए। मछुआरों का कहना है कि उनका काम समुद्र में मछली पकड़ना होता है। जो बोट चला रहा होता है, उन्हें समुद्री सीमाओं की कोई जानकारी नहीं होती है।
प्रोटोकॉल अधिकारी अरुण पाल सिंह ने बताया कि दो दिन पूर्व जिला प्रशासन ने जानकारी दी कि पाकिस्तानी कैदियों को रिहा किया जाना है। इसके आधार पर बीएसएफ ने तैयारी की थी। सभी पाकिस्तानियों का कोरोना टेस्ट किया गया है।
अटारी सीमा पार कर गलती से पहुंच गया था भारत
लुधियाना जेल से रिहा होकर पाकिस्तान लौट रहे एक नाबालिग बलोचिस्तान निवासी नसीबुल्लाह ने बताया कि 2016 में वह गलती से अटारी सीमा से भारत में दाखिल हो गया था। बीएसएफ के जवानों ने उसे गिरफ्तार कर पुलिस को सौंप दिया था। उसे तीन साल की सजा सुनाई गई थी।
उसे पहले होशियारपुर की जेल में रखा गया, बाद में लुधियाना जेल शिफ्ट कर दिया गया। जेल में उसे कोई परेशानी नहीं हुई। इन चार वर्षों के दौरान उसका अपने माता-पिता से कोई संपर्क नहीं हुआ है। इसी तरह अमृतसर की केंद्रीय जेल से रिहा तीन पाकिस्तानियों शहंशाह, मोहम्मद फैज व नवीद मसीह पांच साल बाद घर लौटे।
Punjab: 25 Pakistani prisoners including 20 fishermen being repatriated to Pakistan via Attari-Wagah border.
— ANI (@ANI) November 24, 2020
Arunpal Singh, Protocol Officer (Police) says, "These fishermen had entered India mistakenly & have completed their imprisonment. They are being handed over to Pakistan." pic.twitter.com/RlNRki8jmW