हरियाणा: 24 हजार गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में नहीं मिला दाखिला, 529 स्कूलों को कारण बताओ नोटिस
निजी स्कूल संचालक कारण बताओ नोटिस के विरोध में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चले गए हैं। कोर्ट के निर्देशानुसार विभाग दाखिला न देने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं कर पा रहे।
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हरियाणा में वर्तमान शैक्षणिक सत्र में 24 हजार गरीब बच्चे निजी स्कूलों में दाखिले की राह देखते ही रह गए। नियम-134ए के तहत 45289 बच्चों का सरकार ने निजी स्कूलों में दाखिलों के लिए चयन किया था लेकिन 21 हजार बच्चों को ही प्रवेश मिल पाया। शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने गुरुवार को कांग्रेस विधायक शमशेर गोगी, नीरज शर्मा, जगबीर मलिक व निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू के अतारांकित सवाल के जवाब में यह जानकारी दी।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि नियम-134ए के तहत 66327 बच्चों ने निजी स्कूल में दाखिला के लिए आवेदन किया था। छंटनी व स्क्रीनिंग टेस्ट के बाद कक्षा 2 से 8 में प्रवेश के लिए 45289 विद्यार्थी पात्र पाए गए। सरकार ने 15 दिसंबर 2021 से 18 फरवरी 2022 तक तीन बार दाखिला की समय अवधि भी बढ़ाई।
529 स्कूलों ने एक भी बच्चे को नहीं दिया दाखिला
सरकार की ओर से जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पात्र बच्चों को दाखिला दिलाने के निर्देश दिए गए। इसके बावजूद 529 स्कूलों ने एक भी बच्चे को दाखिला नहीं दिया। इन स्कूलों को स्कूल शिक्षा विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। जिसमें पूछा गया है कि क्यों न उनकी मान्यता रदद कर दी जाए लेकिन, निजी स्कूल संचालक कारण बताओ नोटिस के विरोध में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चले गए हैं। कोर्ट के निर्देशानुसार विभाग दाखिला न देने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं कर पा रहे।
केंद्र से 15 दिन में फंड नहीं आया तो सरकार सुधारेगी सड़क
हरियाणा के सोहना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव पंचगांव से मोहम्मदपुर-तावड़ू तक खराब सड़क के सुधार के लिए केंद्र सरकार से 15 दिन में फंड नहीं आता तो हरियाणा सरकार उसको ठीक करके लोगों को सुविधा प्रदान करेगी। यह सड़क केंद्र सरकार के अधीन है। यह घोषणा उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने गुरुवार को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए की। उन्होंने कहा कि उक्त सड़क को ठीक करने के लिए उन्होंने केंद्र सरकार से चर्चा की थी, जिसमें उन्होंने फंड अलॉट करने का आश्वासन दिया था, फंड अलॉकेट होते ही इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
छह माह में पूरी होगी चमरौड़ी से सिल्ली की सड़क
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने एक अन्य सदस्य द्वारा रादौर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव चमरौड़ी से सिल्ली तक सड़क बनाने के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि उक्त सड़क को बनाने के कार्य में ठेकेदार विफल रहा है। यमुनानगर के कार्यकारी अभियंता द्वारा ठेकेदार को एग्रीमेंट समाप्त करने का नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि अगर ठेकेदार का संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो 30 दिन में नया टेंडर जारी कर दिया जाएगा और उसके छह माह में सड़क निर्माण के कार्य को पूरा कर दिया जाएगा।