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High Court: पंजाब की जेलों में बंद 24 पाक कैदी, पहचान के लिए पाकिस्तान के जवाब का इंतजार

Mon, 16 Sep 2024 07:52 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Mon, 16 Sep 2024 07:52 PM IST
सार

पंजाब की जेलों में बंद पाकिस्तानी कैदियों पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट की तरफ से लिए गए संज्ञान पर सोमवार को सुनवाई हुई। इसमें केंद्र सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए जवाब दाखिल किया।

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24 Pakistani prisoners in Punjab Central Government replied in Punjab Haryana High Court
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब की अलग-अलग जेलों में पाकिस्तान के 24 कैदी बंद हैं। ये कैदी अपनी सजा भी पूरी कर चुके हैं। सजा पूरी होने के बाद भी जेलों में बंद पाकिस्तानी कैदियों पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान पर सोमवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट को जानकारी देते हुए बताया कि पंजाब की जेलों में बंद 24 कैदियों की पहचान के लिए पाकिस्तान सरकार से मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।

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कोर्ट को बताया गया कि 24 कैदियों के संबंध में मंत्रालय और सभी हितधारकों के बीच सक्रिय विचार-विमर्श चल रहा है। उनको वापस पाकिस्तान भेजने के लिए आवश्यक दस्तावेज मौजूद नहीं हैं और पाकिस्तानी हाई कमिशन से इस बारे में वार्ता जारी है। केंद्र की तरफ से चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस अनिल खेत्रपाल की पीठ के समक्ष बताया गया कि 11 जुलाई के आदेश के तहत छह कैदियों को रिहा कर दिया गया है और भारत सरकार शेष 24 कैदियों की पहचान के संबंध में पाकिस्तान सरकार से मंजूरी का इंतजार कर रही है।
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पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट टिप्पणी की थी कि केंद्र सरकार सजा पूरी होने के बावजूद हिरासत में बंद पाकिस्तानी कैदियों को वापस भेजने के संवेदनशील मुद्दे पर अपने पैर पीछे खींच रही है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर अगली सुनवाई तक कार्रवाई नहीं की जाती है तो उस पर कठोर जुर्माना लगाया जाएगा।
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यह मामला तब सामने आया जब किशोर गृहों में बंद पाकिस्तान के दो किशोरों ने जस्टिस एनएस शेखावत, जो फरीदकोट सत्र प्रभागों के प्रशासनिक जज भी हैं, के समक्ष प्रस्तुत किया कि उन्हें अप्रैल 2023 में बरी किए जाने के बाद भी हिरासत में रखा गया था। उनके प्रत्यावर्तन का मामला पंजाब के सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास निदेशालय के समक्ष लंबित है। वर्ष 2022 में दो पाकिस्तानी नागरिकों पर पासपोर्ट अधिनियम के तहत पंजाब के तरनतारन में भारत और पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था और तब से वे किशोर पर्यवेक्षण गृह में बंद हैं।

हालांकि, किशोर बोर्ड ने दोनों को बरी करते हुए फैसला सुनाया कि एक सीमा स्तंभ से दूसरे सीमा स्तंभ के बीच कोई बाड़ नहीं थी। धुंधले दिनों में गलती से भारत के क्षेत्र में प्रवेश करने की संभावना से भी इन्कार नहीं किया जा सकता है। इस बात से भी इन्कार नहीं किया जा सकता है कि घटनास्थल पर तार या गेट न होने के कारण किशोर दो देशों के क्षेत्र का अंतर नहीं समझ पाए। दोनों ने जस्टिस शेखावत को मुकदमे में बरी होने के बावजूद पर्यवेक्षण गृह में बंद रहने की अपनी दुर्दशा के बारे में लिखा, क्योंकि उनके प्रत्यावर्तन का मामला लंबित है।


पिछली सुनवाई में पंजाब सरकार ने कहा था कि दोनों किशोरों को पाकिस्तान वापस भेज दिया गया है। हालांकि, एक अन्य पाकिस्तानी किशोर को बरी किए जाने के बावजूद हिरासत में पाया गया।

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