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बेरहम बीमारी: पंजाब में कोरोना ने 23 बच्चों को बनाया अनाथ, 1500 रुपये पेंशन और मुफ्त शिक्षा देगी सरकार
Sat, 05 Jun 2021 02:11 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 05 Jun 2021 02:11 AM IST
सार
सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग ऐसे सभी व्यक्तियों का रिकार्ड बरकरार रखेगा और कल्याण योजनाओं के अंतर्गत दी जा रही राहत के संबंध में उनको लिखित रूप में अवगत करवाया जाएगा। जब प्रभावित व्यक्ति कोई राहत लेने के लिए विभाग को आवेदन करता है तो विभाग संबंधित विभागों के साथ तालमेल करेगा और अपेक्षित राहत मुहैया करवाई जाएगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री अरुणा चौधरी ने बताया कि विभाग ने राज्य के ऐसे कुल 23 बच्चे ढूंढे हैं, जिनके माता-पिता दोनों की 31 मार्च, 2020 से 31 मई, 2021 दौरान कोविड महामारी के कारण मौत हो चुकी है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग ने दो हफ्ते के अंदर यह पता लगाया है। इनमें वे बच्चे भी शामिल हैं जो पहले एक अभिभावक (माता या पिता) गंवा चुके थे और कोविड के कारण दूसरे अभिभावक की भी मौत हो गई, जिस कारण यह बच्चे अनाथ हो गए हैं।
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अरुणा चौधरी ने बताया कि शुरुआती तौर पर ऐसे बच्चों को उनके नजदीकी रिश्तेदारों द्वारा संभाल लिया गया है लेकिन कुछ बच्चे ऐसे हैं जिन्हें रिश्तेदारों ने स्वीकार नहीं किया या वह जिनके रिश्तेदार नहीं हैं। ऐसे बच्चों को चिल्ड्रेन होम्स में ले जाया जाएगा। ऐसे बच्चे, जिन्होंने कोविड के कारण अपने माता-पिता दोनों को गंवा दिया है और ऐसे परिवार जो इस महामारी के कारण रोजी-रोटी कमाने वाले अपने सदस्य को गंवा चुके हैं, के लिए संबंधित विभागों को विभिन्न कल्याण योजनाओं के अंतर्गत तुरंत राहत प्रदान करने को कहा गया है।
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निगरानी समिति का गठन
अरुणा चौधरी ने बताया कि उनकी अध्यक्षता में एक निगरानी समिति स्थापित की गई है, जिसमें प्रमुख विभागों के प्रशासनिक सचिव सदस्य हैं। समिति हर महीने कम से कम एक बार मीटिंग करेगी और हर केस में दी जा रही राहत की विस्तृत समीक्षा करेगी।
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प्रति माह 1500 रुपये पेंशन और ग्रेजुएशन तक मुफ्त शिक्षा
मंत्री ने कहा कि जुलाई 2021 से कोविड के कारण अनाथ हुए बच्चों और रोजी-रोटी कमाने वाला सदस्य गंवा चुके परिवारों को राज्य सरकार की तरफ से सामाजिक सुरक्षा पेंशन के रूप में प्रति माह 1500 रुपये और बच्चों को ग्रेजुएशन तक मुफ्त शिक्षा दी जाएगी।
कोविड प्रभावित व्यक्ति आशीर्वाद योजना के अंतर्गत 51000 रुपये के अनुदान के भी पात्र होंगे और राज्य स्मार्ट राशन कार्ड स्कीम के अंतर्गत मुफ्त राशन और सरबत सेहत बीमा योजना के लाभ के भी हकदार होंगे। राज्य सरकार प्रभावित पारिवारिक सदस्यों को घर-घर रोजगार और कारोबार मिशन के तहत उचित नौकरी ढूंढने में भी सहायता करेगी।