चंडीगढ़ : पहले फेज में चलेंगी 225 साइकिलें, इन जगहों पर बनेंगे 25 डॉकिंग स्टेशन
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साइकिल शेयरिंग प्रोजेक्ट के तहत चंडीगढ़ में अब पहले चरण में 225 साइकिलें चलेंगी। इसके लिए 25 डॉकिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। दिसंबर के दूसरे सप्ताह में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर हरी झंडी दिखाकर इस प्रोजेक्ट को शुरू करेंगे। तीन दिसंबर को कंपनी का ट्रायल खत्म होने के बाद इस प्रोजेक्ट को शुरू किया जाएगा।
स्मार्ट सिटी के सीईओ केके यादव ने बताया कि पहले नवंबर माह में इस प्रोजेक्ट को शुरू करने की योजना थी। इसके लिए शहर के 10 डॉकिंग स्टेशन से 100 साइकिलें चलाने की व्यवस्था की गई थी लेकिन कंपनी ने साइकिलों को लॉक व अनलॉक करने के लिए जो एप बनाया है, उसके ट्रायल के लिए तीन दिसंबर तक का समय मांगा है।
यह ट्रायल काफी हद तक सफल भी हो रहा है। सफलता मिलने पर कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि अब 15 डॉकिंग स्टेशन बढ़ाने के साथ ही 125 ज्यादा साइकिलें चला सकते हैं। इनमें 150 ई-साइकिल व 75 पैडल वाली साइकिलें होंगी। ज्यादातर नए डॉकिंग स्टेशन सेक्टर 17 व 22 के आसपास बढ़ाए गए हैं। इस पर स्मार्ट सिटी ने सहमति जताते हुए दिसंबर के पहले सप्ताह तक कंपनी को समय दिया है। दूसरे सप्ताह में प्रशासक के हाथों इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखाने की योजना है।
पहले इन 10 स्थानों पर तय हुए थे डॉकिंग स्टेशन
- सेक्टर 1 - रॉक गार्डन
- सेक्टर 12 - पीजीआई
- सेक्टर 17- आईएसबीटी, नीलम सिनेमा
- सेक्टर 34 - गुरुद्वारे के पास
- सेक्टर 35- बाजार के पास
- सेक्टर 43 - आईएसबीटी
- सेक्टर 22 - अरोमा के पास
- सेक्टर 16- शांतिकुंज पार्किंग
इन 15 स्थानों पर और बनेंगे डॉकिंग स्टेशन
- सेक्टर-1 - पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के प्रवेश द्वार के पास और पंजाब सिविल सचिवालय पैंट्री के पास।
- सेक्टर 17 - नगर निगम दफ्तर के पास, आहूजा के पास, एचडीएफसी बैंक के पास, टीडीआई मॉल के पास, जिमखाना के पास, आरबीआई के सामने।
- सेक्टर 22 - रिक्शा स्टैंड व बस क्यू शेल्टर के पास, होटल पिकाडली के पास, एससीओ नंबर 2422 के पास, सरकारी जानवरों के अस्पताल के पास।
- सेक्टर 35 - बंग भवन के पास और लॉर्ड ऑफ पार्टीज के पास।
- सेक्टर 43 - होटल अमारा के पास।
स्मार्ट कार्ड से पांच रुपये घंटे में मिलेगी साइकिल
प्रोजेक्ट के तहत पांच हजार साइकिलें शहर में चलाई जाएंगी। 670 स्थानों पर साइकिल स्टैंड बनेंगे। साइकिल का उपयोग करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपना एक दस्तावेज स्टैंड पर जमा करना होगा। इसके लिए एक स्मार्ट कार्ड व एप भी बनाया जाएगा।
स्मार्ट कार्ड से साइकिल लेने वाले लोगों को पांच रुपये प्रति घंटा के हिसाब से चार्ज होगा। जिनके पास कार्ड नहीं होगा, उन्हें 10 रुपये देने होंगे। एप के माध्यम से ऑनलाइन साइकिल भी बुकिंग करा सकेंगे। वहीं एप से ही साइकिल को लॉक व अनलॉक भी कर सकेंगे। देश में पहली बार एक साथ किसी शहर में इतनी बड़ी संख्या में साइकिलें लाकर प्रोजेक्ट लांच किया जा रहा है।
साइकिलों की कीमत 65 हजार रुपये
स्मार्ट सिटी के अधिकारियों का कहना है कि ई-साइकिल की कीमत लगभग 65 हजार रुपये है जबकि पैडल वाली साइकिल की कीमत 30 हजार रुपये है। साइकिल के टायर कभी पंचर नहीं होंगे। टायर में हवा भरने की जरूरत भी नहीं होगी। सभी साइकिलों की निगरानी कंट्रोल रूम से होगी। फिलहाल सर्वर रूम हैदराबाद में है। बाद में इसे चंडीगढ़ में ही स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
जीपीएस सिस्टम से जुड़ी रहेंगी साइकिलें
साइकिलों में जीपीएस सिस्टम लगा हुआ होगा, जिसे कंपनी से सदस्यता नहीं ली होगी और वह सर्वर के रेंज से बाहर गया तो तत्काल कंट्रोल रूम और डॉकिंग स्टेशन पर संकेत मिलने लगेगा, जिससे व्यक्ति को आसानी से पकड़ा जा सकेगा। वहीं सदस्यता नहीं लेने वाले व्यक्ति सीधे अपने अकाउंट से भी भुगतान कर सकेंगे। इसके लिए डॉकिंग स्टेशन पर लगे कोड स्कैन कर स्मार्ट बाइक मोबिलिटी एप डाउनलोड किया जा सकेगा। एप में अपनी जानकारी भरने के बाद साइकिल का लॉक खुल जाएगा।
पहले नवंबर तक साइकिल शेयरिंग प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना थी। अब कंपनी ने डॉकिंग स्टेशन बढ़ाने और साइकिल की संख्या बढ़ाने की मांग की थी। इसके लिए तीन दिसंबर तक का समय मांगा है। उम्मीद है कि दिसंबर की दूसरे सप्ताह तक इस प्रोजेक्ट को शुरू कर देंगे। - केके यादव, सीईओ, स्मार्ट सिटी।