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Haryana News: 214 स्कूल और मर्ज होंगे, आठवीं तक के कन्या विद्यालयों में अब सह-शिक्षा

Wed, 24 Aug 2022 12:36 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 24 Aug 2022 12:36 AM IST
सार

शिक्षामंत्री और अधिकारियों के साथ बैठक में शामिल हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष धर्मेंद्र ढांडा, महासचिव प्रभु सिंह ने बताया कि दो घंटे चली वार्ता का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। छात्र संख्या कितनी भी हो, एक गांव के दायरे में आने वाले सभी मिडिल स्कूल मर्ज होंगे।

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214 schools will be merged in Haryana
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा में प्राथमिक और मिडिल स्तर के 214 स्कूल और मर्ज होंगे। पहली से आठवीं तक प्रदेश में कोई कन्या विद्यालय नहीं रहेगा। सभी प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में लड़कों को प्रवेश देकर सह-शिक्षा शुरू की जाएगी। पहले मर्ज किए गए 105 स्कूलों को सरकार तमाम विरोध के बावजूद इन्हें फिलहाल शुरू नहीं करेगी। 

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शिक्षामंत्री कंवर पाल और उच्च अधिकारी फैसलों से पीछे हटने को तैयार नहीं है। मंगलवार को शिक्षक संगठनों के साथ हुई वार्ता में भी समस्याओं का कोई समाधान नहीं निकला। विभाग के रवैये को देखते हुए हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन ने वार्ता का बहिष्कार किया। नए युक्तिकरण में भी शिक्षकों को कोई राहत नहीं मिली है, स्कूल शिक्षा विभाग ने केवल आंकड़ों की जादूगरी की है। 
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पहले युक्तिकरण में खत्म किए गए पद बहाल नहीं किए गए। नए युक्तिकरण के बाद 40 फीसदी स्कूल और पद मनपसंद विकल्प भरने के लिए कम खुलेंगे। शिक्षामंत्री कंवर पाल गुर्जर ने मंगलवार को साफ कर दिया कि कम विद्यार्थियों वाले स्कूलों को समायोजित किया जा रहा है, बंद नहीं कर रहे। भविष्य में बच्चे बढ़ते हैं तो इन्हें दोबारा शुरू किया जाएगा। जिन शिक्षकों ने मनपसंद स्कूलों के विकल्प चुन लिए हैं, उनके तबादला आदेश जारी कर दिए जाएंगे। विकल्प चुनने से वंचित शिक्षकों के लिए 24 अगस्त रात 11:59 बजे तक का समय बढ़ाया है।   

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दो घंटे की वार्ता में सिर्फ आश्वासन 
शिक्षामंत्री और अधिकारियों के साथ बैठक में शामिल हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष धर्मेंद्र ढांडा, महासचिव प्रभु सिंह ने बताया कि दो घंटे चली वार्ता का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। छात्र संख्या कितनी भी हो, एक गांव के दायरे में आने वाले सभी मिडिल स्कूल मर्ज होंगे। 214 मिडिल स्कूलों के पद तबादलों के लिए नहीं खोले जाएंगे। सिर्फ आश्वासन मिला है कि मेवात कैडर के शिक्षकों को शेष हरियाणा में नहीं भेजा जाएगा। एक महीने के अंदर चरखी दादरी, भिवानी, नूंह-गुरुग्राम, पलवल-फरीदाबाद के जिला कैडर के अध्यापकों से ऐच्छिक जिले मांगे जाएंगे। 300 से कम संख्या वाले पदों से जोन की शर्त हटाई जाएगी।

इन निर्णयों पर गतिरोध बरकरार

  • साइंस के पद सिर्फ मॉडल स्कूलों व 1415 क्लस्टर स्कूलों को मिलेंगे
  • 9-10 वीं में सिर्फ 30 पीरियड पूरे होने पर ही पीजीटी का पद दिया जाएगा
  • राज्य स्तर पर 7 फीसदी, जिला स्तर पर लगभग 5 फीसदी पद ही योग्य शिक्षकों से ज्यादा खोले जाएंगे। शिक्षक 15 प्रतिशत पर अडिग

संस्कृति स्कूलों के शिक्षकों के भी होंगे तबादले
कंवर पाल ने दो टूक कहा कि प्रदेश के मॉडल संस्कृति स्कूलों में पांच साल पूरा कर चुके शिक्षकों के भी ऑनलाइन तबादले होंगे। जिन स्कूलों में एनसीसी की यूनिट हैं, उनके एएनओ को ड्राइव में शामिल नहीं किया जाएगा। जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति एक साल से कम है, उनका तबादला नहीं होगा। बशर्ते, स्कूलों में छात्र संख्या कम न हो। मिनिस्ट्रियल स्टाफ की वरिष्ठता सूची 10 सितंबर तक अपडेट की जाएगी। जिन लिपिकों के स्टेशन दूर हैं, उन्हें हर वर्ष तबादला प्रक्रिया में शामिल करेंगे।

आंदोलन जारी रहेगा, तथ्यों पर बात नहीं
हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन (हसला) के प्रधान सतपाल सिंधु ने कहा कि शिक्षामंत्री कंवर पाल व अधिकारी युक्तिकरण को लेकर तथ्यों पर बात नहीं कर रहे, इसलिए बैठक का बहिष्कार किया। ऑनलाइन तबादलों से जुड़े पोर्टल पर आंकड़ों को जादुई अंदाज में घुमाकर पेश किया जा रहा है। मांगे पूरी होने तक हसला का आंदोलन जारी रहेगा और बुधवार से करनाल में शिक्षक क्रमिक अनशन पर बैठेंगे।

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