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डेंगू का लारवा मिलने पर 200 घरों को नोटिस
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 24 Oct 2013 02:21 PM IST
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डेंगू की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान में स्वास्थ्य विभाग काफी हद तक कामयाब रहा है।
अब तक पूरे चंडीगढ़ में कुल 34 केस सामने आए हैं, जबकि पिछले साल 15 अक्तूबर तक डेंगू के 132 केस सामने आए थे, जबकि दो लोगों की मौत भी हो चुकी थी।
मलेरिया के अब तक 134 केस सामने आए हैं, जबकि पिछले साल कुल 189 केस सामने आए थे। मलेरिया विंग के अधिकारियों ने बताया कि कम केस आने के पीछे जागरूकता अभियान रहा है।
विंग की ओर से डोर टू डोर सर्वे चलाया जा रहा है। सर्वे के दौरान लोगों को जागरूक करने के साथ उनके घरों की जांच की जा रही है।
यदि किसी के घर पर डेंगू का लारवा मिलता है तो उसे नोटिस जारी कर हिदायत जारी की जाती है, ताकि घर पर बीमारी का किसी तरह का ठिकाना न बन सके।
अब तक की जांच में 200 घरों में डेंगू का लारवा मिला था। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी घरों को नोटिस दे दिया गया है और साथ ही उन्हें घर को साफ-सुथरा रखने के निर्देश दे दिए गए हैं।
मलेरिया विंग के कार्यवाहक असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. अनिल गर्ग ने बताया कि चंडीगढ़ में अब तक डेंगू के मात्र 34 केस सामने आए हैं। पिछली बार की अपेक्षा यह संख्या 100 से ऊपर थी, जबकि हरियाणा व पंजाब में डेंगू मरीजों की काफी संख्या है। इन दोनों राज्यों में मौत भी हो चुकी है, लेकिन यहां ऐसा कुछ भी नहीं है। उन्होंने बताया कि यहां पर लोग भी जागरूक हैं और विभाग के कर्मचारी भी अच्छा काम कर रहे हैं।
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इन कारणों से कम आए केस
1. डोर टू डोर कूलर की चेकिंग की गई।
2. स्कूलों में काफी एक्टीविटीज करवाई गई।
3. हफ्ते में दो बार फॉगिंग करवाई गई।
4. सीटीयू में टायरों को टांग कर रखा गया।
5. जगह-जगह लोगों को जागरूक किया गया।
डेंगू से बचने के लिए करें ये उपाय
1. अपने घरों के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें।
2. कूलरों में पानी सप्ताह में एक बार अवश्य निकाले और उन्हें रगड़ कर साफ करें।
3. घर की छत पर बेकार बर्तन, टिन, टायर, घड़े, टूटे हुए गमले व ड्रम न फेंके।
4. घर पर पानी की टंकी का ढक्कन लगाकर बंद रखे।
5. जमीन के अंदर बनी पानी की हौदी को हर हफ्ते साफ करें।
6. घर में रखे गमलों, बोतलों में लगाए गए पौधों के पानी के सप्ताह में एक बार अवश्य डाले।
7. बुखार आने पर तुरंत निकट की डिस्पेंसरी या अस्पताल में संपर्क करें।
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अब तक पूरे चंडीगढ़ में कुल 34 केस सामने आए हैं, जबकि पिछले साल 15 अक्तूबर तक डेंगू के 132 केस सामने आए थे, जबकि दो लोगों की मौत भी हो चुकी थी।
मलेरिया के अब तक 134 केस सामने आए हैं, जबकि पिछले साल कुल 189 केस सामने आए थे। मलेरिया विंग के अधिकारियों ने बताया कि कम केस आने के पीछे जागरूकता अभियान रहा है।
विंग की ओर से डोर टू डोर सर्वे चलाया जा रहा है। सर्वे के दौरान लोगों को जागरूक करने के साथ उनके घरों की जांच की जा रही है।
यदि किसी के घर पर डेंगू का लारवा मिलता है तो उसे नोटिस जारी कर हिदायत जारी की जाती है, ताकि घर पर बीमारी का किसी तरह का ठिकाना न बन सके।
अब तक की जांच में 200 घरों में डेंगू का लारवा मिला था। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी घरों को नोटिस दे दिया गया है और साथ ही उन्हें घर को साफ-सुथरा रखने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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मलेरिया विंग के कार्यवाहक असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. अनिल गर्ग ने बताया कि चंडीगढ़ में अब तक डेंगू के मात्र 34 केस सामने आए हैं। पिछली बार की अपेक्षा यह संख्या 100 से ऊपर थी, जबकि हरियाणा व पंजाब में डेंगू मरीजों की काफी संख्या है। इन दोनों राज्यों में मौत भी हो चुकी है, लेकिन यहां ऐसा कुछ भी नहीं है। उन्होंने बताया कि यहां पर लोग भी जागरूक हैं और विभाग के कर्मचारी भी अच्छा काम कर रहे हैं।
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इन कारणों से कम आए केस
1. डोर टू डोर कूलर की चेकिंग की गई।
2. स्कूलों में काफी एक्टीविटीज करवाई गई।
3. हफ्ते में दो बार फॉगिंग करवाई गई।
4. सीटीयू में टायरों को टांग कर रखा गया।
5. जगह-जगह लोगों को जागरूक किया गया।
डेंगू से बचने के लिए करें ये उपाय
1. अपने घरों के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें।
2. कूलरों में पानी सप्ताह में एक बार अवश्य निकाले और उन्हें रगड़ कर साफ करें।
3. घर की छत पर बेकार बर्तन, टिन, टायर, घड़े, टूटे हुए गमले व ड्रम न फेंके।
4. घर पर पानी की टंकी का ढक्कन लगाकर बंद रखे।
5. जमीन के अंदर बनी पानी की हौदी को हर हफ्ते साफ करें।
6. घर में रखे गमलों, बोतलों में लगाए गए पौधों के पानी के सप्ताह में एक बार अवश्य डाले।
7. बुखार आने पर तुरंत निकट की डिस्पेंसरी या अस्पताल में संपर्क करें।