{"_id":"d4dd5f99ba33b53d97058c3150d10426","slug":"20-million-year-old-township-found-in-chandigarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ में मिली 20 लाख साल पुरानी बस्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ में मिली 20 लाख साल पुरानी बस्ती
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 22 Feb 2014 10:46 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीस लाख साल पहले चंडीगढ़ के मानव बस्ती होने के साक्ष्य मिले हैं। फ्रांस और भारतीय पुरात्तत्व विशेषज्ञों ने मिलकर चंडीगढ़ से 20 किलोमीटर की दूरी पर उत्तर में स्थित एक साइट से अति प्राचीन मानव अवशेषों का पता लगाया है।
यह अवशेष अब तक एशिया में मिले फॉसिल में सबसे पुराने हैं। यहां तक कि अफ्रीका में मिले 19 लाख साल पहले के होमो इरेक्ट्स के अवशेषों से भी पुराने।
होमो इरेक्टस के बारे में पुरातत्व विशेषज्ञों का अनुमान था कि यह आदि मानव ने अफ्रीका से विस्तार करते हुए जोर्जिया, भारत, श्रीलंका, चीन और जावा में बस्तियां बसाईं।
चंडीगढ़ के पास जो अवशेष मिले हैं, वे शिवालिक की पहाड़ियों से गुजरती सुसुप्त नदी तल से मिले हैं। मानव अवशेषों की खोज करने वाली टीम के आर्कियोलॉजिस्ट के अनुसार अब तक उत्तरी गोलार्द्ध में ढाई लाख साल पहले तक ही मानव की उपस्थिति की परिकल्पना की जा रही थी।
विज्ञापन
ऐसी भी धारणाएं थीं कि उत्तरी गोलार्द्ध में मिले मानव अवशेषों के पूर्वज भी दिक्षिण (अफ्रीका) से आए थे। अब अवशेषों की नई खोज के बाद कई अवधारणाओं पर पुनर्विचार की जरूरत होगी।
आर्कियोलॉजी डिपार्टमेंट ऑफ इंडिया से मिली जानकारी के अनुसार मानव के यह अवशेष 20 लाख साल पुराने हैं। ये मानव अवशेष दक्षिण अफ्रीका में मिले मानव अवशेषों से काफी पुराने हैं।
फ्रांसिसी राजदूत फ्रांक्वां रिचर ने इसकी पुष्टि करते हुए मीडिया को बताया कि भारतीय और फ्रांसीसी टीम की मेहनत आखिरकार रंग लाई है।
यह रिसर्च चार साल से चल रही थी। अब खुदाई पूरी हो चुकी है और अवशेषों को वैज्ञानिक पहलू से देखा चा रहा है। इस रिसर्च के बाद ही इस मानव की जीवन शैली और कद-काठी संबंधी अन्य बातों का खुलासा किया जाएगा।
नालागढ़ और शिवालिक का इलाका
चंडीगढ़ के बीस किलोमीटर के दायरे में शिवालिक की पहाड़ियों में नालागढ़ और वहां की नदियों में मानव के अवशेष काफी मिल चुके हैं। इसके अतिरिक्त चंडीगढ़ मे भी आर्कियोलाजिस्टों की टीम काफी रिसर्च कर चुकी है।
मानव जीवन पर की जाने वाली इस रिसर्च में सबसे ज्यादा पुराने अवशेष मिले हैं। एशिया और अफ्रीका में अब तक सबसे पुराने मानव अवशेष मिले थे। लेकिन यहां की खुदाई में मिले अवशेषों से एक नई खोज शुरू होगी।
केके ऋषि, आर्कियोलाजिस्ट
क्या कहता है फोसिल रिकार्ड
1. होमो हेबिलिस : पुरातत्व विशेषज्ञ इसे पहला जीनियस होमो मानते हैं। यह 14 से 23 लाख साल पहले अफ्रीका में मौजूद था और इसका मस्तिष्क आज के चिंपांजी के बराबर विकसित था। यह पत्थर से हथियार बनाता था। इस प्रारंभिक मानव के अवशेष अब तक अफ्रीका के केन्या और तंजानिया के हिस्सों में मिले हैं।
2. होमो इरेक्ट्स : पुरातत्व विशेषज्ञों के अनुसार आग की खोज और जटिल हथियारों का इस्तेमाल करने वाला यह मानव 13 से 18 लाख साल पहले मौजूद था। इसके आदिम अवशेष अफ्रीका में मिलते हैं। इसी मानव ने अफ्रीका से निकल कर दुनिया के अन्य हिस्सों में भी अपनी बस्तियां बसाईं।
विज्ञापन
यह अवशेष अब तक एशिया में मिले फॉसिल में सबसे पुराने हैं। यहां तक कि अफ्रीका में मिले 19 लाख साल पहले के होमो इरेक्ट्स के अवशेषों से भी पुराने।
होमो इरेक्टस के बारे में पुरातत्व विशेषज्ञों का अनुमान था कि यह आदि मानव ने अफ्रीका से विस्तार करते हुए जोर्जिया, भारत, श्रीलंका, चीन और जावा में बस्तियां बसाईं।
विज्ञापन
चंडीगढ़ के पास जो अवशेष मिले हैं, वे शिवालिक की पहाड़ियों से गुजरती सुसुप्त नदी तल से मिले हैं। मानव अवशेषों की खोज करने वाली टीम के आर्कियोलॉजिस्ट के अनुसार अब तक उत्तरी गोलार्द्ध में ढाई लाख साल पहले तक ही मानव की उपस्थिति की परिकल्पना की जा रही थी।
विज्ञापन
ऐसी भी धारणाएं थीं कि उत्तरी गोलार्द्ध में मिले मानव अवशेषों के पूर्वज भी दिक्षिण (अफ्रीका) से आए थे। अब अवशेषों की नई खोज के बाद कई अवधारणाओं पर पुनर्विचार की जरूरत होगी।
आर्कियोलॉजी डिपार्टमेंट ऑफ इंडिया से मिली जानकारी के अनुसार मानव के यह अवशेष 20 लाख साल पुराने हैं। ये मानव अवशेष दक्षिण अफ्रीका में मिले मानव अवशेषों से काफी पुराने हैं।
फ्रांसिसी राजदूत फ्रांक्वां रिचर ने इसकी पुष्टि करते हुए मीडिया को बताया कि भारतीय और फ्रांसीसी टीम की मेहनत आखिरकार रंग लाई है।
यह रिसर्च चार साल से चल रही थी। अब खुदाई पूरी हो चुकी है और अवशेषों को वैज्ञानिक पहलू से देखा चा रहा है। इस रिसर्च के बाद ही इस मानव की जीवन शैली और कद-काठी संबंधी अन्य बातों का खुलासा किया जाएगा।
नालागढ़ और शिवालिक का इलाका
चंडीगढ़ के बीस किलोमीटर के दायरे में शिवालिक की पहाड़ियों में नालागढ़ और वहां की नदियों में मानव के अवशेष काफी मिल चुके हैं। इसके अतिरिक्त चंडीगढ़ मे भी आर्कियोलाजिस्टों की टीम काफी रिसर्च कर चुकी है।
मानव जीवन पर की जाने वाली इस रिसर्च में सबसे ज्यादा पुराने अवशेष मिले हैं। एशिया और अफ्रीका में अब तक सबसे पुराने मानव अवशेष मिले थे। लेकिन यहां की खुदाई में मिले अवशेषों से एक नई खोज शुरू होगी।
केके ऋषि, आर्कियोलाजिस्ट
क्या कहता है फोसिल रिकार्ड
1. होमो हेबिलिस : पुरातत्व विशेषज्ञ इसे पहला जीनियस होमो मानते हैं। यह 14 से 23 लाख साल पहले अफ्रीका में मौजूद था और इसका मस्तिष्क आज के चिंपांजी के बराबर विकसित था। यह पत्थर से हथियार बनाता था। इस प्रारंभिक मानव के अवशेष अब तक अफ्रीका के केन्या और तंजानिया के हिस्सों में मिले हैं।
2. होमो इरेक्ट्स : पुरातत्व विशेषज्ञों के अनुसार आग की खोज और जटिल हथियारों का इस्तेमाल करने वाला यह मानव 13 से 18 लाख साल पहले मौजूद था। इसके आदिम अवशेष अफ्रीका में मिलते हैं। इसी मानव ने अफ्रीका से निकल कर दुनिया के अन्य हिस्सों में भी अपनी बस्तियां बसाईं।