7वीं बार बढ़े डीजल के दाम, दो बड़े इफेक्ट
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ईंधन की महंगाई ने आम आदमी का बजट प्रभावित किया है। हालात यह हैं कि कभी पेट्रोल उनको रुलाता है तो कभी डीजल कलेजा जलाता है।
पिछले छह माह में पेट्रोल के रेट्स में पांच बार परिवर्तन हुआ तो वहीं डीजल की कीमत में सात बार। चार जून 2014 को डीजल के दाम 55.32 रुपये थे।
स्लो मोशन में इसके दाम 3.57 रुपये बढ़कर 58.89 रुपये तक पहुंच चुके हैं। पेट्रोल भी जनवरी से लेकर अब तक ज्यादा महंगा हो चुका है।
ग्राहक कंफ्यूज, खरीदे कौन सी कार
सस्ते के चक्कर में डीजल कार खरीदने वाले लोग कंफ्यूज हैं। ऐसा डीजल के दाम में तेजी से आने वाले परिवर्तन के कारण हुआ है। कार खरीदने वालों ने कहा कि डीजल के दाम ज्यादा हैं। ऐसे में डीजल कार खरीदने से ज्यादा लाभ नहीं।
पेट्रोल कार में मेंटीनेंस कास्ट तो कम होती है साथ ही माइलेज भी बेहतर होता है। कार डीलर राजेश गुप्ता ने बताया डीजल के दाम में बढ़ोतरी से खरीदार एकबार फिर सोंचने में विवश हो गए हैं। कार डीलर सौरभ सिंह ने कहा कि ईंधन से सारा सिस्टम गड़बड़ होता है। इसलिए इसको थामना जरूरी है।
इंडस्ट्री की संजीवनी है डीजल
चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियलिस्ट अरुण महाजन के अनुसार, इंडस्ट्री हद तक डीजल पर टिकी है। ऐसी स्थिति में डीजल के दामों में बेतहाशा वृद्धि नहीं की जानी चाहिए।
चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया टैनेंट एसोसिएशन के संजीव सागर ने बताया डीजल की कीमत से मार्केट का ढांचा बिगड़ जाता है। चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष केके अबरोल ने कहा कि डीजल की कीमतों के बढ़ने का सीधा प्रभाव ट्रांसपोर्टरों पर पड़ता है।
ऐसे बढ़े पेट्रोल-डीजल के रेट्स
पेट्रोल
4 जनवरी 2014----73.44
1 अप्रैल 2014-----74.18
16 अप्रैल 2014----73.26
7 जून 2014-------72.50
1 जुलाई 2014-----74.63
डीजल
4 जून 2014--------55.32
1 फरवरी 2014-----55.90
1 मार्च 2014-------56.48
1 अप्रैल 2014-------56.59
13 मई 2014-------57.74
1 जून 2014-------58.32
1 जुलाई 2014----58.89