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आलू महंगा होने के पीछे पाकिस्तान का 'हाथ'

Fri, 04 Jul 2014 10:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 04 Jul 2014 10:06 AM IST
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2,000 tons of potato daily export to Pakistan from India

देश के विभिन्न भागों में आलू के दामों में आए उछाल के बीच भारत से हर रोज अटारी-वाघा बार्डर के रास्ते पाकिस्तान को 1500 से 2000 टन आलू निर्यात किया जा रहा है। निर्यातकों का कहना है कि पड़ोसी देश में सब्जी की इस मुख्य फसल की इस समय काफी मांग है।

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अमृतसर के सब्जी निर्यातक अनिल मेहरा का कहना है कि भारत से निर्यातक हर रोज आलू के 70-80 ट्रक (जिनमें 1500-2000 टन आलू लदा है) पाकिस्तान को भेज रहे हैं क्योंकि वहां आलू की मांग में इन दिनों जबरदस्त इजाफा हुआ है।
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मेहरा ने बताया कि इस साल पाकिस्तान में आलू के उत्पादन में गिरावट आई है। इसे देखते हुए पाक सरकार ने भारत से सब्जियों केआयात पर ड्यूटी शुल्क हटा लिया है।
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मेहरा ने कहा कि पाकिस्तान में इस बार सर्दियों में अत्याधिक ठंड पड़ने के कारण आलू की फसल को भारी नुकसान हुआ है, जिसके चलते पड़ोसी देश में आलू की कमी हो गई है। पाकिस्तान सरकार ने इस साल जुलाई के महीने तक भारत से आलू मंगाए जाने को ड्यूटी फ्री कर दिया है।

तो पंजाब देशभर को कैसे देगा आलू बीज

2,000 tons of potato daily export to Pakistan from India

मेहरा ने बताया कि करीब एक वर्ष के बाद पहला मौका है जब पाकिस्तानी आयातकों ने भारत का रुख किया है। मेहरा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आलू का न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) तय कर दिए जाने के बाद भी पड़ोसी देश को आलू का निर्यात जारी है।

पाकिस्तान की ओर से भारतीय निर्यातकों को आलू के मजबूत आर्डर मिल रहे हैं। इस बीच, पंजाब के आलू उत्पादकों ने केंद्र सरकार द्वारा आलू के स्टाक की सीमा निर्धारित किए जाने के फैसले की आलोचना की है। उत्पादकों का कहना है कि यह फैसला आलू की आगामी फसल पर बुरा असर डालेगा।

उत्पादकों का मानना है कि स्टाक की सीमा तय कर दिए जाने से आलू के बीज की उपलब्धता पर भी बुरा असर पड़ेगा क्योंकि सर्दी के मौसम में आलू उत्पादक राज्यों को बीजों की भारी संख्या में जरूरत होती है। इस समय पंजाब देश में सबसे बड़ा आलू बीज उत्पादक है और यहां से पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, कर्नाटक को भी आलू बीज सप्लाई किया जाता है।

पाक भेजने के कारण पंजाब-चंडीगढ़ में बढ़ा दाम!

2,000 tons of potato daily export to Pakistan from India

जालंधर की कानफेडरेशन आफ पटाटो सीड फारमर्स (पोसकॉन) के अध्यक्ष सुखजीत भट्टी का कहना है कि सरकार आलू-प्याज को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत लाकर स्टाक सीमा तय कर रही है। इस बीच भारतीय निर्यातक पाकिस्तान की मांग को पूरा करने के लिए पंजाब के अलावा हरियाणा और अन्य राज्यों से आलू खरीद रहे हैं।

इसके चलते पंजाब और चंडीगढ़ की मंडियों में आलू का दाम 25-30 रुपये किलो तक पहुंच गया है। केंद्र सरकार द्वारा आलू की उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों में कमी लाने के उद्देश्य से आलू का न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) 450 डॉलर प्रति टन निर्धारित करने के बावजूद पाकिस्तान को आलू केनिर्यात में कोई कमी नहीं आई है।

पंजाब में 84 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में आलू की खेती की जाती है, जिसमें 60 फीसदी फसल आलू बीज के काम आती है। इसके साथ राज्य में आलू का कुल उत्पादन 21 लाख टन है। राज्य में आलू बीज की विभिन्न किस्मों- ज्योति, पुखराज, बादशाह, पुष्कर आदि का उत्पादन किया जा रहा है।

हालांकि इस साल बीती सर्दियों की कड़ाके की ठंड के कारण 30 फीसदी उत्पादन में कमी आई है और इस बार किसानों को बीते साल के 9-10 रुपये किलो के मुकाबले 15-16 रुपये किलो दाम मिल रहा है।

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