{"_id":"66b4734a96532eb57f02c032","slug":"18-percent-samples-of-milk-milk-products-failed-in-punjab-2024-08-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब में खतरनाक स्तर पर मिलावट: तीन साल में दूध और उससे बने उत्पादों के 18 फीसदी सैंपल फेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब में खतरनाक स्तर पर मिलावट: तीन साल में दूध और उससे बने उत्पादों के 18 फीसदी सैंपल फेल
Thu, 08 Aug 2024 02:16 PM IST
निवेदिता वर्मा
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 08 Aug 2024 02:16 PM IST
सार
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) की रिपोर्ट के अनुसार पिछले तीन साल में दूध, दूध से बने उत्पाद व अन्य खाद्य उत्पादों के 18 प्रतिशत सैंपल फेल पाए गए हैं।
विज्ञापन
दूध में मिलावट
- फोटो : Istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब में दूध व उससे बने उत्पाद आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं, क्योंकि इनमें बड़े स्तर पर मिलावट हो रही है।
विज्ञापन
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) की रिपोर्ट के अनुसार पिछले तीन साल में दूध, दूध से बने उत्पाद व अन्य खाद्य उत्पादों के 18 प्रतिशत सैंपल फेल पाए गए हैं। पिछले तीन साल में कुल 20988 सैंपल लिए गए थे, जिसमें से 3712 पास नहीं हो सके।
इसी तरह अगर वर्ष 2023-24 के रिकॉर्ड की बात की जाए, तो इसी वर्ष 6041 सैंपल लिए गए, जिसमें से 929 यानी 15 प्रतिशत से ऊपर सैंपल फेल मिले हैं। अगर वर्ष 2022-23 की बात की जाए, तो उस वर्ष सबसे अधिक 8179 सैंपल लिए गए थे, जिसमें से 1724 सैंपल फेल पाए गए थे। वर्ष 2021-22 में 6768 सैंपल प्राप्त किए गए थे और उस वर्ष इनमें से 1059 सैंपल फेल हुए थे।
विज्ञापन
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल की तरफ से राज्यसभा में इस संबंध में जानकारी दी गई है। इस दौरान कई मामलों में सिविल यानी जुर्माना व आपराधिक कार्रवाई भी की गई है। अकेले पंजाब में ही वर्ष 2023-24 में 76 आपराधिक मामले, वर्ष 2022-23 में 65 और वर्ष 2021-22 में 63 आपराधिक मामले दर्ज करवाए गए। साथ ही कई मामलों में जुर्माना भी लगाया गया।
विज्ञापन