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स्टूडेंट की मौत पर अभिभावकों को 17.70 लाख का मुआवजा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 11 Jan 2016 10:54 AM IST
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पिछले साल एक होंडा सिटी कार की टक्कर से सड़क हादसे में जान गंवाने वाले सेक्टर-43बी निवासी सतविंदर पाल सिंह की मौत पर मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारी ने उसके माता-पिता के लिए 17 लाख 70 हजार रुपये का मुआवजा घोषित किया है।
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यह राशि कार चालक/मालिक सेक्टर-43 निवासी और इफ्को टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी को चुकाना होगा। साथ ही इस पर 7.5 प्रतिशत की दर से ब्याज भी चुकाना होगा।
हादसा 20 जुलाई 2015 को हुआ था। सेक्टर-43बी निवासी सतविंदर पाल सिंह सुबह करीब साढ़े 7 बजे घर से पास ही मार्केट कुछ सामान लेने के लिए स्कूटी से निकला था। सेक्टर-43 के लाइट प्वाइंट पर एक तेज रफ्तार होंडा सिटी ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। इससे सतविंदर गंभीर रूप से जख्मी हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी तो उसे जीएमसीएच-32 ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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हादसे के वक्त सतविंदर की उम्र केवल 20 वर्ष थी। उस समय वह चितकारा यूनिवर्सिटी राजपुरा से बी-फार्मेसी की पढ़ाई कर रहा था। वह सेकंड ईयर का स्टूडेंट था। हादसे के वक्त कार सेक्टर-43ए निवासी सिद्धार्थ धीर चला रहा था। सेक्टर-36 थाना पुलिस ने उसके खिलाफ संबंधित दुर्घटना को लेकर आपराधिक केस भी दर्ज किया था।
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केस की सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पक्ष की ओर से जवाब दिया गया कि हादसे के लिए सतविंदर खुद जिम्मेदार था। वहीं इंश्योरेंस कंपनी ने जवाब में कहा कि आरोपी कार चालक के पास घटना के दौरान वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। इसे इंश्योरेंस पालिसी के नियम-शर्तों का उल्लंघन बताते हुए क्लेम केस का विरोध किया गया।