'बेरहम' बारिश, तबाह हो गई 1600 करोड़ की फसल
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पंजाब-हरियाणा समेत उत्तर भारत में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों को तबाह कर दिया है। गेहूं, सरसों, चना, जौ और सब्जी आदि फसलों पर भारी मार पड़ी है। बारिश और तेज हवाओं से जहां फसल बिछ गई है, वहीं ओलावृष्टि से पकी हुई सरसों टूटकर गिर गई है।
पंजाब के लुधियाना, पटियाला, बटाला, जालंधर समेत कई जिलों में रविवार को हुई झमाझम बारिश और ओलों से अन्नदाताओं को खासा नुकसान हुआ है। बारिश के कारण तापमान में भी खासी गिरावट आई है।
वहीं हरियाणा के गुड़गांव, बहादुरगढ़ और झज्जर, सोनीपत, महेंद्रगढ़, पानीपत, अंबाला, करनाल समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ हुई बरसात और ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों, चना सहित सभी फसलों को काफी नुकसान हुआ है।
हरियाणा में एक सप्ताह से रुक-रुक कर हुई बारिश से गेहूं पर 1600 करोड़ की चपत लगने की आशंका है वहीं अन्य फसलों में 10 से 50 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है।
12 से फिर से बारिश होने के आसार
मौसम विभाग ने 11 मार्च को फिर से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर की भविष्यवाणी की है। इसका असर मैदानी इलाकों में 12 मार्च से होगा। इससे दिल्ली, एनसीआर समेत मैदानी इलाकों में 12-14 मार्च के बीच बारिश होगी। मौसम विभाग में उपलब्ध 1915 से अब तक के आंकड़ों में यह नया रिकॉर्ड है।
बादल ने केंद्र से प्रति एकड़10 हजार रुपये मुआवजा मांगा
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने केंद्र सरकार से बारिश और ओले से हुए नुकसान के लिए किसानों को दस हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की है।
साथ ही मुआवजा बढ़ाने को नियमों में संशोधन के लिए पीएम नरेंद्र मोदी से दखल देने की मांग की है। सीएम ने मोदी और खेतीबाड़ी मंत्री राधा मोहन सिंह को पत्र भेजकर बारिश से हुए नुकसान की जानकारी दी।