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इन पहाड़ों की चढ़ाई के बाद, 16 साल की शिवांगी अब चढ़ेगी एवरेस्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
Updated Sun, 07 Jan 2018 09:29 AM IST
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16 साल की शिवांगी चढ़ेंगी एवरेस्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विश्व की सबसे ऊंची पर्वतीय चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करके विश्व स्तर पर हरियाणा का नाम चमकाने के लिए 16 वर्षीय शिवांगी पूरी तैयारी में है। शिवांगी उत्तर भारत की सबसे कम उम्र की पर्वतारोही बनने का खिताब अपने नाम करने जा रही है।
शिवांगी पांच अप्रैल से माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई शुरू करेगी। इससे पहले शिवांगी लेह-लद्दाख में 6153 मीटर ऊंची चोटी की चढ़ाई कर चुकी है। भारत की सबसे खतरनाक पर्वत चोटी दार्जिलिंग में जोंगड़ी नामक चोटी को नौ महीने पहले फतह कर चुकी है। अब शिवांगी माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई करके विश्व में जिले का नाम रोशन करने वाली है। शिवांगी की माता आरती पाठक ने बताया कि शिवांगी स्वभाव से बहुत ही जिद्दी है। जो काम करने की जिद्द कर लेती है, वह काम करके ही दम लेती है।
शिवांगी को टीवी पर भारत की दिव्यांग पर्वतारोही अरुणा सिन्हा का वीडियो देखकर प्रेरणा मिली। शिवांगी ने कहा कि दिव्यांग होते हुए भी मेहनत और लग्न से अरुणा सिन्हा ने माउंट एवरेस्ट को जीता है। उसी प्रकार मैं भी बहन अरुणा सिन्हा की तरह ये कारनामा करके दिखाऊंगी। तब से लेकर आज तक शिवांगी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा है। शिवांगी पाठक को माउंट एवरेस्ट चढ़ाई करने के लिए जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेन से बेसिक और एडवांस कोर्स किया है। इसमें शिवांगी को एल्फा ग्रेड मिला है। यह ग्रेड करने वालों को ही एवरेस्ट चढ़ने के लिए अनुमति दी जाती है।
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हिसार की दूसरी बेटी चढे़गी एवरेस्ट
माउंट एवरेस्ट चढ़ने वाली शिवांगी दूसरी बेटी होगी। इससे पहले अनीता कुंडू दो बार इस चोटी को फतह कर चुकी है। इसमें दोनों ओर से पर्वत चढ़ने का रिकॉर्ड अनीता के नाम है।
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शिवांगी पांच अप्रैल से माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई शुरू करेगी। इससे पहले शिवांगी लेह-लद्दाख में 6153 मीटर ऊंची चोटी की चढ़ाई कर चुकी है। भारत की सबसे खतरनाक पर्वत चोटी दार्जिलिंग में जोंगड़ी नामक चोटी को नौ महीने पहले फतह कर चुकी है। अब शिवांगी माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई करके विश्व में जिले का नाम रोशन करने वाली है। शिवांगी की माता आरती पाठक ने बताया कि शिवांगी स्वभाव से बहुत ही जिद्दी है। जो काम करने की जिद्द कर लेती है, वह काम करके ही दम लेती है।
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शिवांगी को टीवी पर भारत की दिव्यांग पर्वतारोही अरुणा सिन्हा का वीडियो देखकर प्रेरणा मिली। शिवांगी ने कहा कि दिव्यांग होते हुए भी मेहनत और लग्न से अरुणा सिन्हा ने माउंट एवरेस्ट को जीता है। उसी प्रकार मैं भी बहन अरुणा सिन्हा की तरह ये कारनामा करके दिखाऊंगी। तब से लेकर आज तक शिवांगी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा है। शिवांगी पाठक को माउंट एवरेस्ट चढ़ाई करने के लिए जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेन से बेसिक और एडवांस कोर्स किया है। इसमें शिवांगी को एल्फा ग्रेड मिला है। यह ग्रेड करने वालों को ही एवरेस्ट चढ़ने के लिए अनुमति दी जाती है।
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हिसार की दूसरी बेटी चढे़गी एवरेस्ट
माउंट एवरेस्ट चढ़ने वाली शिवांगी दूसरी बेटी होगी। इससे पहले अनीता कुंडू दो बार इस चोटी को फतह कर चुकी है। इसमें दोनों ओर से पर्वत चढ़ने का रिकॉर्ड अनीता के नाम है।