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हरियाणा में ब्लैक फंगस : सिरसा में सात, रोहतक में आठ और अग्रोहा में एक मामला
Sun, 16 May 2021 12:07 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 16 May 2021 12:07 PM IST
सार
हरियाणा में ब्लैंक फंगस के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। सरकार ने अब इसे अधिसूचित रोग घोषित कर दिया है। प्रत्येक जिले के सीएमओ को इन मामलों की जानकारी देना होगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरियाणा के सिरसा जिले में ब्लैक फंगस के सात मरीजों की पुष्टि हुई है। इसमें से तीन फतेहाबाद के और तीन सिरसा के हैं और एक मरीज राजस्थान का है। सीएमओ मनीष बंसल ने बताया कि छह मरीज निजी अस्पताल में हैं और सातवां छुट्टी लेकर घर जा चुका है। फतेहाबाद के एक मरीज का इन्फेक्शन के कारण तालू काटना पड़ा है। एक मरीज की आंख संक्रमित है।
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वहीं रोहतक पीजीआईएमएस में ब्लैक फंगस के आठ मरीज हैं। डॉ. आदित्य भार्गव ने बताया कि इनमें से पांच का ऑपरेशन हो चुका है। तीन अन्य मरीजों की स्थिति पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, मरीजों के उपचार में इस्तेमाल होने वाला इंजेक्शन शनिवार को भी शहर में नहीं मिला। परिजनों का कहना था कि उन्हें इंजेक्शन दिल्ली से लाना पड़ा।
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हिसार के अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस का एक और मामला सामने आया है। जिले का यह तीसरा मामला है। वहीं, ब्लैक फंगस की आशंका के मद्देनजर खानपुर कलां स्थित बीपीएस राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने उपचार में इस्तेमाल होने वाले 500 टीकों की सरकार से मांग की है।
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हरियाणा में ब्लैक फंगस अधिसूचित रोग घोषित
हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि राज्य में ब्लैक फंगस को अधिसूचित रोग घोषित किया गया है। अब इन मामलों का पता चलने पर डॉक्टरों को संबंधित जिले के सीएमओ को रिपोर्ट करनी होगी। राज्य के किसी भी सरकारी और निजी अस्पताल में ब्लैक फंगस के मामले मिलने पर उसकी सूचना स्थानीय जिले के सीएमओ को देना जरूरी है ताकि बीमारी की रोकथाम के लिए उचित कदम उठाए जा सकें।
विज ने कहा कि बीमारी के उपचार के लिए पीजीआईएमएस रोहतक के वरिष्ठ चिकित्सक प्रदेश में कोरोना का इलाज कर रहे हैं। वे सभी डॉक्टरों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर उन्हें ब्लैक फंगस के इलाज के संबंध में जानकारी देंगे।