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मानेसर लैंड डील केस: भूपेंद्र सिंह हुड्डा अदालत में नहीं हुए पेश
Updated Wed, 05 Dec 2018 02:00 AM IST
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मानेसर लैंड डील केस: भूपेंद्र सिंह हुड्डा अदालत में नहीं हुए पेश
- राजस्थान में चुनावी कार्यक्रमों में व्यस्त होने के कारण नहीं पहुंचे पूर्व सीएम
- सीबीआई ने बचाव पक्ष के वकील को सौंपे डाक्यूमेंट्स
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। मानेसर लैंड डील मामले में मंगलवार को पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट में सुनवाई हुई। राजस्थान में चुनावी कार्यक्रमों में व्यस्त होने के चलते केस में आरोपी पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा कोर्ट में पेश नहीं हो पाए। मामले की अगली सुनवाई अब 19 दिसंबर को होगी। बताया जा रहा है कि मामले में आरोपी पूर्व सीएम अपने कार्यक्रमों में व्यस्त थे। जिसके चलते वे मंगलवार को कोर्ट में नहीं पहुंचे, लेकिन बाकी के सभी आरोपी कोर्ट में सुनवाई के लिए पेश हुए। बचाव पक्ष के वकील एसपीएस परमार ने बताया कि जो डाक्यूमेंट्स सीबीआई ने उन्हें नहीं दिए थे वे डाक्यूमेंट्स आज उन्हें सीबीआई की ओर से दिये गए हैं। जिसके बाद मामले की अगली सुनवाई 19 दिसंबर को होगी और आरोपियों पर लगे चार्ज पर बहस होगी। गौरतलब है कि मानेसर जमीन अधिग्रहण मामले में पूर्व मुख्यमंत्री सहित 34 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की गई है। मामले की सुनवाई पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट में चल रही है।
क्या है मानेसर लैंड डील केस
मानेसर लैंड डील केस पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कारण ज्यादा सुर्खियों में रहा है। दरअसल मानेसर के तीन गांवों में किसानों को अधिग्रहण के नाम पर डराकर उनसे सस्ती दरों पर जमीन खरीदकर बाद में बिल्डरों के साथ साठगांठ कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाया गया था। आरोपियों ने मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला के किसानों और जमीन मालिकों को आईएमटी के नाम पर जमीन अधिग्रहण का डर दिखाकर कुछ नेताओं के साथ मिलकर जमीन की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी की थी। अधिग्रहण का डर दिखाकर किसानों से जमीन लेने के लिए आरोपियों ने कुछ दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर भी किए थे। आरोपियों पर हुड्डा सरकार के कार्यकाल के दौरान करीब 900 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर उसे बिल्डर्स को औने-पौने दाम पर बेचने का आरोप है।
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- राजस्थान में चुनावी कार्यक्रमों में व्यस्त होने के कारण नहीं पहुंचे पूर्व सीएम
- सीबीआई ने बचाव पक्ष के वकील को सौंपे डाक्यूमेंट्स
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। मानेसर लैंड डील मामले में मंगलवार को पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट में सुनवाई हुई। राजस्थान में चुनावी कार्यक्रमों में व्यस्त होने के चलते केस में आरोपी पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा कोर्ट में पेश नहीं हो पाए। मामले की अगली सुनवाई अब 19 दिसंबर को होगी। बताया जा रहा है कि मामले में आरोपी पूर्व सीएम अपने कार्यक्रमों में व्यस्त थे। जिसके चलते वे मंगलवार को कोर्ट में नहीं पहुंचे, लेकिन बाकी के सभी आरोपी कोर्ट में सुनवाई के लिए पेश हुए। बचाव पक्ष के वकील एसपीएस परमार ने बताया कि जो डाक्यूमेंट्स सीबीआई ने उन्हें नहीं दिए थे वे डाक्यूमेंट्स आज उन्हें सीबीआई की ओर से दिये गए हैं। जिसके बाद मामले की अगली सुनवाई 19 दिसंबर को होगी और आरोपियों पर लगे चार्ज पर बहस होगी। गौरतलब है कि मानेसर जमीन अधिग्रहण मामले में पूर्व मुख्यमंत्री सहित 34 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की गई है। मामले की सुनवाई पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट में चल रही है।
क्या है मानेसर लैंड डील केस
मानेसर लैंड डील केस पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कारण ज्यादा सुर्खियों में रहा है। दरअसल मानेसर के तीन गांवों में किसानों को अधिग्रहण के नाम पर डराकर उनसे सस्ती दरों पर जमीन खरीदकर बाद में बिल्डरों के साथ साठगांठ कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाया गया था। आरोपियों ने मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला के किसानों और जमीन मालिकों को आईएमटी के नाम पर जमीन अधिग्रहण का डर दिखाकर कुछ नेताओं के साथ मिलकर जमीन की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी की थी। अधिग्रहण का डर दिखाकर किसानों से जमीन लेने के लिए आरोपियों ने कुछ दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर भी किए थे। आरोपियों पर हुड्डा सरकार के कार्यकाल के दौरान करीब 900 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर उसे बिल्डर्स को औने-पौने दाम पर बेचने का आरोप है।
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