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पंचकूला उपायुक्त दिल्ली में इनोवेशन नॉन टेक्नोलॉजी से अवार्ड सम्मानित

Mon, 19 Nov 2018 01:47 AM IST
Updated Mon, 19 Nov 2018 01:47 AM IST
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पंचकूला उपायुक्त दिल्ली में इनोवेशन नॉन टेक्नोलॉजी से अवार्ड सम्मानित

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नोएडा-रोहतक के ध्यानार्थ..

पंचकूला इनोवेशन नॉन टेक्नोलॉजी अवार्ड से सम्मानित
कलाम एक्सप्रेस की सराहनीय गतिविधियों के लिए केंद्रीय मंत्री ने दिल्ली में दिया सम्मान
निपमेन फाउंडेशन के सर्वे में कलाम एक्सप्रेस रही अव्वल
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
कलाम एक्सप्रेस की सराहनीय गतिविधियों में पंचकूला के अव्वल रहने पर उपायुक्त मुकुल कुमार को दिल्ली में इनोवेशन नॉन टेक्नोलॉजी अवार्ड से नवाजा गया है। रेडक्रास सोसायटी के सहयोग से जिला प्रशासन द्वारा संचालित कलाम एक्सप्रेस विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं, भौतिक शिक्षा एवं शारीरिक शिक्षा उपलब्ध करवाने की दिशा में पंचकूला प्रथम स्थान पर रहा है। इसी को लेकर दिल्ली स्थित विवांता बाइताज में आयोजित इक्वल ऑपरच्यूनिटी अवार्ड-2018 कार्यक्रम में केंद्रीय आवास एवं शहरी राज्यमंत्री हरदीप पुरी ने उपायुक्त एवं जिला रेडक्रास सोसायटी के अध्यक्ष मुकुल कुमार को इनोवेशन नॉन टेक्नोलॉजी श्रेणी में अवार्ड देकर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि निपमेन फाउंडेशन ने इस अवार्ड के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। जिला रेडक्रास सोसायटी ने इंक्लूसिव स्कूल इनोवेशन नॉन टेक्नोलॉजी के लिए आवेदन किया। इसी के आधार पर फांउडेशन ने जिला में सर्वे किया था। सर्वे में जिला रेडक्रास के माध्यम से चलाई जा रही कलाम एक्सप्रेस की गतिविधियों में महत्वपूर्ण कार्य किए गए। इस अवार्ड के लिए फाउंडेशन के पास देशभर से 200 आवेदन आए थे।
कलाम एक्सप्रेस योजना चलाकर पंचकूला नंबर वन
उपायुक्त मुकुल कुमार ने बताया कि उत्तर भारत का पंचकूला पहला जिला है, जिसने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए कलाम एक्सप्रेस योजना चलाई है। यह बस टेलीविजन, लैपटॉप, पुस्तकालय, खेल और बच्चों के सीखने की किट तथा फिजियोथैरेपी आदि से लैस है। इसके साथ ही दिव्यांग बच्चों को बस में चढ़ने के लिए रैंप की व्यवस्था की गई है, ताकि बच्चों को सीखने, खेलने व भौतिक शिक्षा में भरपूर मदद मिल सके। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों व उनके परिवार वालों के साथ संपर्क निश्चित करने के लिए यह बस सप्ताह में छह दिन चलती है, जिसमें शिक्षक, फिजियोथैरेपिस्ट व जरूरत पड़ने पर वॉक चिकित्सक की सेवाएं भी मुहैया करवाई जाती है। इस बस के माध्यम से 85 विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के साथ गृह आधारित शिक्षा के साथ-साथ स्कूल जाने वाले 800 दिव्यांग लाभ उठा रहे हैं।
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योजना के तहत एक हजार विजिट करवाई
कलाम एक्सप्रेस के माध्यम से अब तक 30 से अधिक स्कूलों की लगभग एक हजार विजिट करवाई जा चुकी है तथा दिव्यांग बच्चों को भी शिक्षा एवं भौतिक चिकित्सा की सुविधा प्रदान करने के लिए भ्रमण करवाए जा चुके हैं। इन बच्चों के माता-पिता को भी बच्चों के साथ इन क्रियाओं को सिखाया जाता है, ताकि यह बच्चे कुछ क्रियाओं में अपनी भागीदार कर आम दिनचर्या को सुधार सकें। भौतिक चिकित्सा इन बच्चों को शारीरिक रूप से विकसित करने की दिशा में वरदान साबित हो रही है तथा दिव्यांग बच्चे दिन प्रतिदिन अपनी दिनचर्या को बढ़ा रहे हैं।
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एसबीआई उपलब्ध करवा रही धनराशि
दिव्यांग बच्चों के लिए चलाई जा रही कलाम एक्सप्रेस को सुचारू ढंग से चलाने के लिए भारतीय स्टेट बैंक की ओर से धनराशि मुहैया करवाई जा रही है तथा साकेत कॉलेज ऑफ फिजियोथैरेपी के चिकित्सक अपनी भौतिक सेवाएं सराहनीय ढंग से प्रदान कर रहे हैं। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए चलाई जा रही कलाम एक्सप्रेस को अन्य कल्याणकारी गतिविधियों के दृष्टिगत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर भी सम्मानित भी किया जा चुका है, जिसके लिए रेडक्रास को 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। इस मौके पर भारत सरकार के समाज कल्याण मंत्रालय की सचिव शकुंतला गैमलीन भी उपस्थित रहीं।
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