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उद्घाटन होने से पहले ही नवनिर्मित पुल का एक सिरा धंसा, आने जाने वालों के लिए बना खतरा।
Updated Mon, 10 Sep 2018 01:33 AM IST
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उद्घाटन से पहले ही नवनिर्मित पुल धंसा
- ठेकेदार ने पुल के सिरे पर मिट्टी डालकर की खानापूर्ति
- धंसने वाली जगह पर टांगरी नदी के पानी के बहाव की लगती है सीधी टक्कर
अमर उजाला ब्यूरो
बरवाला। पंचकूला व उप तहसील बरवाला के गांव टोडा में टांगरी नदी पर पिछले दिनों पीडब्ल्यूडी विभाग के ठेकेदार की ओर से करीब 14 करोड़ की लागत से 150 मीटर लंबे पुल का निर्माण करवा तो दिया है और इस पुल से यातायात की आवाजाही भी शुरू हो गई है लेकिन इस पुल का उद्घाटन होने से पहले ही इसका एक सिरा नीचे धंस गया है। जिस पर पीडब्ल्यूडी विभाग के ठेकेदार ने मिट्टी डालकर खानापूर्ति कर दी है। इतना ही नहीं जिस जगह से पुल का यह सिरा धंसा है उस जगह पर टांगरी नदी के पानी के बहाव की सीधी टक्कर लगती है। जिससे यह पुल कभी भी ढह सकता है। इतना ही नहीं इस पुल के साथ जो सड़कें बनाई गई हैं उनमें भी ठेकेदार की ओर से टांगरी नदी से रेत डाली गई थी, जिस वजह से दोनों साइडें रेत का कटाव होकर टूट गई हैं। वहीं ठेकेदार इस पुल व सड़क की पांच साल की गारंटी दे रहा है। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि इस पुल से गांव टोडा, जासपुर, ककराली, नटवाल, फतेहगढ़, खानपुर व बहबलपुर सहित कई गांवों के लोग हर रोज बरवाला, पंचकूला, अम्बाला, चंडीगढ़, डेराबसी व जीरकपुर आदि शहरों के लोग आवाजाही करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी विभाग के किसी भी अधिकारी ने आज तक नवनिर्मित पुल के धंसे सिरे व सड़कों का निरीक्षण तक नहीं किया। ग्रामीणों ने जिला उपायुक्त से इस पुल का निरीक्षण करवाए जाने की मांग की है।
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- ठेकेदार ने पुल के सिरे पर मिट्टी डालकर की खानापूर्ति
- धंसने वाली जगह पर टांगरी नदी के पानी के बहाव की लगती है सीधी टक्कर
अमर उजाला ब्यूरो
बरवाला। पंचकूला व उप तहसील बरवाला के गांव टोडा में टांगरी नदी पर पिछले दिनों पीडब्ल्यूडी विभाग के ठेकेदार की ओर से करीब 14 करोड़ की लागत से 150 मीटर लंबे पुल का निर्माण करवा तो दिया है और इस पुल से यातायात की आवाजाही भी शुरू हो गई है लेकिन इस पुल का उद्घाटन होने से पहले ही इसका एक सिरा नीचे धंस गया है। जिस पर पीडब्ल्यूडी विभाग के ठेकेदार ने मिट्टी डालकर खानापूर्ति कर दी है। इतना ही नहीं जिस जगह से पुल का यह सिरा धंसा है उस जगह पर टांगरी नदी के पानी के बहाव की सीधी टक्कर लगती है। जिससे यह पुल कभी भी ढह सकता है। इतना ही नहीं इस पुल के साथ जो सड़कें बनाई गई हैं उनमें भी ठेकेदार की ओर से टांगरी नदी से रेत डाली गई थी, जिस वजह से दोनों साइडें रेत का कटाव होकर टूट गई हैं। वहीं ठेकेदार इस पुल व सड़क की पांच साल की गारंटी दे रहा है। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि इस पुल से गांव टोडा, जासपुर, ककराली, नटवाल, फतेहगढ़, खानपुर व बहबलपुर सहित कई गांवों के लोग हर रोज बरवाला, पंचकूला, अम्बाला, चंडीगढ़, डेराबसी व जीरकपुर आदि शहरों के लोग आवाजाही करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी विभाग के किसी भी अधिकारी ने आज तक नवनिर्मित पुल के धंसे सिरे व सड़कों का निरीक्षण तक नहीं किया। ग्रामीणों ने जिला उपायुक्त से इस पुल का निरीक्षण करवाए जाने की मांग की है।