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किसी डराकर आज अलग नहीं रखा जा सकता है: वरुण गांधी
Updated Mon, 03 Sep 2018 01:44 AM IST
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यूपी के ध्यानार्थ
अब किसी को डराकर अलग नहीं रखा जा सकता: वरुण गांधी
- दलितों के सम्मान को जन आंदोलन खड़ा करने का प्रस्ताव पास
- सेक्टर-5 स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में हुआ आयोजन
- सम्मेलन में कई राज्यों से आए नेताओं ने किया संबोधित
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से लोकसभा सांसद वरुण गांधी ने कहा कि अब किसी को धमका कर या डराकर अलग रखने से काम नहीं चलेगा। असमानता सबसे खराब चीज है। आरटीआई से पता चला है कि 68 प्रतिशत आईएएस ऐसे हैं, जो देश के बड़े शहरों में पढ़े-पले हैं। 64 प्रतिशत आईएएस-आईपीएस प्राइवेट स्कूलों में पढ़े हैं। जबकि 63 प्रतिशत ने एमए, एमफिल या पीएचडी की डिग्री है। गरीब के लिये तो प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को पढ़ाना संभव ही नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें गरीबों के लिये आरक्षित की हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इनमें अभी तक 20 प्रतिशत सीटें ही भरी गई हैं। वह रविवार को पंचकूला के सेक्टर-पांच स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में ऑल इंडिया अंबेडकर महासभा की ओर से राष्ट्रीय दलित नेतृत्व शिखर सम्मलेन दृष्टि और दिशा विषय पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। सुल्तानपुर के सांसद ने कहा कि यह आंदोलन देश के ढांचे को मजबूत करने के लिये है।
इस मौके पर भाकपा सांसद डी राजा, आरजेडी सांसद व राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा, कांग्रेस एससी मोर्चा के नीतिन राउत, जमीयत उलेमा ए हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी, महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक भारती, कार्यकारी अध्यक्ष राकेश बहादुर ने भी विचार रखे। सांसद डी राजा ने कहा कि संविधान सौंपते वक्त यह तय किया था कि गरीबी मुक्त हिंदुस्तान और समता मूलक समाज की स्थापना होगी। हर महकमे में न्याय और बराबरी का दर्जा मिले। लेकिन समता, स्वतंत्रता और न्याय के सपने का दरकिनार करते हुये आज दक्षिण पंथी शक्ति संविधान की मुख्य आत्मा को कुचलना चाहती है। सवाल आज हिंदुस्तान को बचाने का है।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब को आज भी सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है क्योंकि उनमें राष्ट्र और जनतंत्र में महजबी सियासत कभी दिखाई नहीं दी। उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ-सबका विकास’ का नारा देने वाली भाजपा सरकार के राज में कारपोरेट घरानों का विकास हो रहा है। प्लानिंग कमीशन को खत्म कर दिया गया है। सम्मेलन में दलितों के सम्मान के लिये जल्दी ही एक जन आंदोलन खड़ा करने का प्रस्ताव पास किया गया। इस मौके पर महासभा की राज्य प्रधान रीना वाल्मीकि, हुकमचंद खुंडिया, ओमप्रकाश चोपड़ा, जितेंद्र कुमार, ज्ञान सहोता आदि मौजूद रहे।
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अब किसी को डराकर अलग नहीं रखा जा सकता: वरुण गांधी
- दलितों के सम्मान को जन आंदोलन खड़ा करने का प्रस्ताव पास
- सेक्टर-5 स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में हुआ आयोजन
- सम्मेलन में कई राज्यों से आए नेताओं ने किया संबोधित
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से लोकसभा सांसद वरुण गांधी ने कहा कि अब किसी को धमका कर या डराकर अलग रखने से काम नहीं चलेगा। असमानता सबसे खराब चीज है। आरटीआई से पता चला है कि 68 प्रतिशत आईएएस ऐसे हैं, जो देश के बड़े शहरों में पढ़े-पले हैं। 64 प्रतिशत आईएएस-आईपीएस प्राइवेट स्कूलों में पढ़े हैं। जबकि 63 प्रतिशत ने एमए, एमफिल या पीएचडी की डिग्री है। गरीब के लिये तो प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को पढ़ाना संभव ही नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें गरीबों के लिये आरक्षित की हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इनमें अभी तक 20 प्रतिशत सीटें ही भरी गई हैं। वह रविवार को पंचकूला के सेक्टर-पांच स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में ऑल इंडिया अंबेडकर महासभा की ओर से राष्ट्रीय दलित नेतृत्व शिखर सम्मलेन दृष्टि और दिशा विषय पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। सुल्तानपुर के सांसद ने कहा कि यह आंदोलन देश के ढांचे को मजबूत करने के लिये है।
इस मौके पर भाकपा सांसद डी राजा, आरजेडी सांसद व राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा, कांग्रेस एससी मोर्चा के नीतिन राउत, जमीयत उलेमा ए हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी, महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक भारती, कार्यकारी अध्यक्ष राकेश बहादुर ने भी विचार रखे। सांसद डी राजा ने कहा कि संविधान सौंपते वक्त यह तय किया था कि गरीबी मुक्त हिंदुस्तान और समता मूलक समाज की स्थापना होगी। हर महकमे में न्याय और बराबरी का दर्जा मिले। लेकिन समता, स्वतंत्रता और न्याय के सपने का दरकिनार करते हुये आज दक्षिण पंथी शक्ति संविधान की मुख्य आत्मा को कुचलना चाहती है। सवाल आज हिंदुस्तान को बचाने का है।
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उन्होंने कहा कि बाबा साहेब को आज भी सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है क्योंकि उनमें राष्ट्र और जनतंत्र में महजबी सियासत कभी दिखाई नहीं दी। उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ-सबका विकास’ का नारा देने वाली भाजपा सरकार के राज में कारपोरेट घरानों का विकास हो रहा है। प्लानिंग कमीशन को खत्म कर दिया गया है। सम्मेलन में दलितों के सम्मान के लिये जल्दी ही एक जन आंदोलन खड़ा करने का प्रस्ताव पास किया गया। इस मौके पर महासभा की राज्य प्रधान रीना वाल्मीकि, हुकमचंद खुंडिया, ओमप्रकाश चोपड़ा, जितेंद्र कुमार, ज्ञान सहोता आदि मौजूद रहे।
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