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अमरावती आरडब्ल्यूए का कड़ी सुरक्षा में चुनाव संपन्न, पवन बने प्रधान
Updated Mon, 27 Aug 2018 02:40 AM IST
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अमरावती आरडब्ल्यूए का कड़ी सुरक्षा में चुनाव संपन्न, पवन बने प्रधान
- चुनाव के खिलाफ अमरावती के रेजीडेंट जाएंगे कोर्ट
- रिटर्निंग ऑफिसर को ज्ञापन सौंप जताया विरोध, एसडीएम पर लगाया मिली-भगत का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला/पिंजौर। अमरावती फ्लैट रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन का चुनाव रविवार को पुलिस की कड़ी निगरानी में संपन्न हुआ। आरडब्ल्यूए चुनाव में कुल 39 सदस्यों ने अपने मत का प्रयोग किया। चुनाव प्रक्रिया सुबह 10 बजे से शुरू होकर दोपहर तीन बजे तक चली। चुनाव कार्य को रिटर्निंग अधिकारी कम तहसीलदार कालका रोशन लाल और सहायक रिटर्निंग अधिकारी कम खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एएफएसओ बलजीत मलिक शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाया। अमरावती रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान शमशेर शर्मा ने चुनाव परिणाम की घोषणा की। उन्होंने बताया कि मतदान पांच पदों के लिए करवाया गया था। प्रधान पद के उम्मीदवार पवन कुुमार 38 वोट प्राप्त कर विजेता रहे, जबकि एक वोट प्रतिद्वंदी प्रधान पद के उम्मीदवार को मिला। उपप्रधान पद पर राम सिंह, महासचिव जय प्रकाश शर्मा, संयुक्त सचिव जयदेव सिंगला, कैशियर चंद्रपाल विजेता रहे। मतदान के बाद 17 कार्यकारी सदस्य भी चुने गए।
अमरावती के पांच सदस्यों ने चुनाव का किया बायकाट
अमरावती फ्लैट रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन चुनाव का पांच सदस्यों ने बायकाट किया। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया के दौरान हाथ में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। इतना ही नहीं विरोध स्वरूप रिटर्निंग अधिकारी कम तहसीलदार कालका रोशनलाल को ज्ञापन भी सौंपा। अमरावती फ्लैट निवासी रिटायर्ड डीआईजी हरदेव उप्पल ने बताया कि चुनाव को नियमों के विपरीत करवाया गया है। वह अपने साथियों के साथ जल्द इस मामले में कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने एसडीएम पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एक माह पहले इस मामले में नोटिस दिया गया था, लेकिन एसडीएम ने संज्ञान नहीं लिया। उप्पल ने बताया कि जिन लोगों ने चुनाव का बायकाट किया है वह पहले प्रधान, उपप्रधान, संयुक्त सचिव, सचिव और कैशियर पद के उम्मीदवार थे। लेकिन जब उन्हें गोलमाल का पता चला तो चुनाव का बायकाट कर दिया। रिटायर्ड जीआईजी हरदेव उप्पल ने बताया कि एसडीएम को दिए गए नोटिस में स्पष्ट जिक्र किया गया है कि आरडब्ल्यूए के कुल 160 पंजीकृत सदस्य थे, जिसमें से 78 सदस्य फ्लैट को बेचकर चले गए हैं। जबकि 40 लोग किराएदार है। कुल 38 में से भी करीब 15-20 लोग फर्जी हैं। जिन्हें मतदाता सूची में शामिल किया गया है। इसी को वह आधार बनाकर चुनाव को रद्द करने की याचिका कोर्ट में जल्द दायर करेंगे।
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- चुनाव के खिलाफ अमरावती के रेजीडेंट जाएंगे कोर्ट
- रिटर्निंग ऑफिसर को ज्ञापन सौंप जताया विरोध, एसडीएम पर लगाया मिली-भगत का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला/पिंजौर। अमरावती फ्लैट रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन का चुनाव रविवार को पुलिस की कड़ी निगरानी में संपन्न हुआ। आरडब्ल्यूए चुनाव में कुल 39 सदस्यों ने अपने मत का प्रयोग किया। चुनाव प्रक्रिया सुबह 10 बजे से शुरू होकर दोपहर तीन बजे तक चली। चुनाव कार्य को रिटर्निंग अधिकारी कम तहसीलदार कालका रोशन लाल और सहायक रिटर्निंग अधिकारी कम खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एएफएसओ बलजीत मलिक शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाया। अमरावती रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान शमशेर शर्मा ने चुनाव परिणाम की घोषणा की। उन्होंने बताया कि मतदान पांच पदों के लिए करवाया गया था। प्रधान पद के उम्मीदवार पवन कुुमार 38 वोट प्राप्त कर विजेता रहे, जबकि एक वोट प्रतिद्वंदी प्रधान पद के उम्मीदवार को मिला। उपप्रधान पद पर राम सिंह, महासचिव जय प्रकाश शर्मा, संयुक्त सचिव जयदेव सिंगला, कैशियर चंद्रपाल विजेता रहे। मतदान के बाद 17 कार्यकारी सदस्य भी चुने गए।
अमरावती के पांच सदस्यों ने चुनाव का किया बायकाट
अमरावती फ्लैट रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन चुनाव का पांच सदस्यों ने बायकाट किया। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया के दौरान हाथ में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। इतना ही नहीं विरोध स्वरूप रिटर्निंग अधिकारी कम तहसीलदार कालका रोशनलाल को ज्ञापन भी सौंपा। अमरावती फ्लैट निवासी रिटायर्ड डीआईजी हरदेव उप्पल ने बताया कि चुनाव को नियमों के विपरीत करवाया गया है। वह अपने साथियों के साथ जल्द इस मामले में कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने एसडीएम पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एक माह पहले इस मामले में नोटिस दिया गया था, लेकिन एसडीएम ने संज्ञान नहीं लिया। उप्पल ने बताया कि जिन लोगों ने चुनाव का बायकाट किया है वह पहले प्रधान, उपप्रधान, संयुक्त सचिव, सचिव और कैशियर पद के उम्मीदवार थे। लेकिन जब उन्हें गोलमाल का पता चला तो चुनाव का बायकाट कर दिया। रिटायर्ड जीआईजी हरदेव उप्पल ने बताया कि एसडीएम को दिए गए नोटिस में स्पष्ट जिक्र किया गया है कि आरडब्ल्यूए के कुल 160 पंजीकृत सदस्य थे, जिसमें से 78 सदस्य फ्लैट को बेचकर चले गए हैं। जबकि 40 लोग किराएदार है। कुल 38 में से भी करीब 15-20 लोग फर्जी हैं। जिन्हें मतदाता सूची में शामिल किया गया है। इसी को वह आधार बनाकर चुनाव को रद्द करने की याचिका कोर्ट में जल्द दायर करेंगे।
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